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Bijnor News: ग्राम समाज की जमीन लो, चारा उगाओ और गोशाला चलाओ
Sat, 03 Jun 2023 11:36 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sat, 03 Jun 2023 11:36 PM IST
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बिजनौर। पशुओं के चारे की व्यवस्था करने के लिए सिर्फ किसान को ही मशक्कत नहीं करनी पड़ती बल्कि प्रशासन की गोशालाओं के लिए जूझना पड़ रहा है। चारे की समस्या से निजात पाने के लिए अब व्यवस्थाओं को बदला जा रहा है। जी हां, ग्राम समाज की चारागाह की जमीनों को गोशाला संचालित करने वाली पालिका और नगर पंचायतों को सौंपा जा रहा है। जोकि उक्त जमीनों पर चारा उगाकर गोवंश का पेट भरेंगे।
सदर तहसील की बात करें तो हाल ही मंडावर नगर पालिका को 50 बीघा जमीन दी गई। यह जमीन ग्राम समाज की है, जिस पर अवैध कब्जा बना हुआ था, प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराते हुए मंडावर नगर पालिका को सौंप दिया। जिस पर नेपियर घास की खेती की जाएगी। यह नेपियर घास गोशाला में पहुंचेगी। वहीं कान्हा नंगला में 12 बीघा जमीन ऐसे ही दी गई है। चौकपुरी में 12 बीघा से अधिक जमीन पर गोशाला के लिए नेपियर घास की बुवाई की जा चुकी है। इनके अलावा शाहपुर लाल, धर्मपुरा और तैमूरपुर में भी गोशाला संचालन के लिए जमीन सौंपी जा चुकी है।
बता दें कि अब तक चारागाह की 130 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। हालांकि अभी चारागाह की करीब सात हेक्टेयर जमीन कब्जामुक्त होना बाकी रह गई है। तहसीलदार सदर अनुराग सिंह ने बताया कि संबंधित गोशालाओं को ग्राम समाज की खाली जमीन चारे के लिए दी गई है। ताकि गोशालाओं में चारे का संकट न आए।
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चारा संकट खत्म करने को बन रही व्यवस्था
नगर पालिकाएं और नगर पंचायत को गोशाला संचालित कर रही हैं। इन गोशालाओं में चारा संकट न आए, इसके लिए तहसील की ओर से इन्हें ग्राम समाज की जमीन दी जा रही है। मंडावर, बिजनौर, झालू समेत कई निकायों को 500 बीघा से ज्यादा जमीन चारा उगाने के लिए दी गई है। हालांकि यह जमीन राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज की रहेगी लेकिन अस्थाई व्यवस्था के तौर पर चारा उगाने के लिए जमीन दी जा रही है।
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सदर तहसील की बात करें तो हाल ही मंडावर नगर पालिका को 50 बीघा जमीन दी गई। यह जमीन ग्राम समाज की है, जिस पर अवैध कब्जा बना हुआ था, प्रशासन ने कब्जा मुक्त कराते हुए मंडावर नगर पालिका को सौंप दिया। जिस पर नेपियर घास की खेती की जाएगी। यह नेपियर घास गोशाला में पहुंचेगी। वहीं कान्हा नंगला में 12 बीघा जमीन ऐसे ही दी गई है। चौकपुरी में 12 बीघा से अधिक जमीन पर गोशाला के लिए नेपियर घास की बुवाई की जा चुकी है। इनके अलावा शाहपुर लाल, धर्मपुरा और तैमूरपुर में भी गोशाला संचालन के लिए जमीन सौंपी जा चुकी है।
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बता दें कि अब तक चारागाह की 130 हेक्टेयर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया है। हालांकि अभी चारागाह की करीब सात हेक्टेयर जमीन कब्जामुक्त होना बाकी रह गई है। तहसीलदार सदर अनुराग सिंह ने बताया कि संबंधित गोशालाओं को ग्राम समाज की खाली जमीन चारे के लिए दी गई है। ताकि गोशालाओं में चारे का संकट न आए।
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चारा संकट खत्म करने को बन रही व्यवस्था
नगर पालिकाएं और नगर पंचायत को गोशाला संचालित कर रही हैं। इन गोशालाओं में चारा संकट न आए, इसके लिए तहसील की ओर से इन्हें ग्राम समाज की जमीन दी जा रही है। मंडावर, बिजनौर, झालू समेत कई निकायों को 500 बीघा से ज्यादा जमीन चारा उगाने के लिए दी गई है। हालांकि यह जमीन राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज की रहेगी लेकिन अस्थाई व्यवस्था के तौर पर चारा उगाने के लिए जमीन दी जा रही है।