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रविदास मंदिर पर कब्जा करने के आरोप से चांदपुर विधायक स्वामी ओमवेश बरी

Tue, 13 Sep 2022 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Sep 2022 12:36 AM IST
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Swami Omvesh acquitted of the charge of capturing Ravidas temple
रविदास मंदिर पर कब्जा करने के आरोप से स्वामी ओमवेश बरी
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बिजनौर। एसीजीएम अभिनव यादव ने गवाहों के पक्षद्रोही होने और पुख्ता साक्ष्य के अभाव में दारानगर गंज स्थित रविदास मंदिर एवं गौशाला पर अवैध कब्जा करने आदि के आरोपों से पूर्व गन्ना मंत्री और सपा विधायक स्वामी ओमवेश को बरी कर दिया।
ग्राम बुडगरा के निवासी ब्रजमोहन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह गुरु रविदास कमेटी बालाजी का जिला महामंत्री और चमार जाटव कल्याण महासभा का जिला अध्यक्ष है। दारानगर गंज में गुरु रविदास मंदिर व उससे संबंधित गौशाला की काफी जमीन है। स्वामी ओमवेश ने 16 अगस्त 2004 को दिन रविदास मंदिर व गौशाला की बिल्डिंग व भूमि पर कब्जा करने के साथ ही करीब ढाई करोड़ का सामान लूटते हुए वहां मौजूद दो महंतों को गायब करा दिया।
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कोतवाली पुलिस ने इस मामले में स्वामी ओमवेश के विरुद्ध 21 अगस्त 2007 को रिपोर्ट दर्ज करते हुए कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। स्वामी ओमवेश का कहना था कि उन्हें इस केस में झूठा फंसाया गया है। केस की सुनवाई की दौरान वादी ब्रजमोहन की मौत हो गई। अभियोजन की ओर से इस केस में तीन गवाह पेश किए गए। जिनमें चौबा सिंह, विजय सिंह, सूखे सिंह शामिल रहे। तीनों गवाह कब्जा करने आदि के आरोपों से मुकर गए। तीनों गवाहों को पक्षद्रोही घोषित कर साक्ष्यों के अभाव में स्वामी ओमवेश को बरी कर दिया।
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