{"_id":"57dedc984f1c1b223aa82690","slug":"swahedi-village-s-welcome","type":"story","status":"publish","title_hn":"... स्वाहेड़ी गांव आइए, स्वागत है आपका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
... स्वाहेड़ी गांव आइए, स्वागत है आपका
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 18 Sep 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में बिजनौर जिले से सटे जाट बहुल गांवों में पुलिस बल तैनात करने के प्रशासन के निर्णय को ग्रामीण सही नहीं मान रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सभी जाति धर्म संप्रदाय के लोगों को एक ही बस्ती में रहकर एकदूसरे के सुख दुख में शामिल होना है। आपस में प्रेम भाव बनाकर रहना ही सबके हित में है। स्वाहेड़ी गांव ने मस्जिद की कार्यकारिणी का अध्यक्ष पद संभालकर तथा बिजली के बिल जमा करके सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल प्रस्तुत की है। आप भी स्वाहेड़ी गांव आइए और आपका स्वागत है। ग्राम स्वाहेड़ी निवासी रिटायर पशु चिकित्सक डॉ. सुखबीर सिंह ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम सिख ईसाई एक ही परिवार के सदस्य हैं। परिवार में वैचारिक टकराव संभव है। हालांकि ऐसे हालात पैदा न होने दें, जिसका उपयोग लोग अपने स्वार्थों के लिए करने लगे। झगड़े से तरक्की रुक जाती है। बेवजह पुलिस तैनात करने का गलत संदेश जाता है। निर्दोषों को न फंसाया जाए। गन्ना समिति के उपसभापति जयनारायण सिंह के अनुसार पेद्दा गांव में जो हुआ वह गलत हुआ है। जाट बहुल गांव स्वाहेड़ी में मुस्लिम पूरी तरह सुरक्षित हैं। गांव की मस्जिद के मुतवल्ली हिंदू रहे हैं। ग्रामीण अतीक अहमद, शफीक अहमद आदि के मुताबिक कई बार मस्जिद के बिलों का भुगतान गांव के हिंदुओं ने किया है। ग्राम जंदरपुर निवासी पूर्व प्रधान शौकत अली ने पेद्दा कांड को अफसोसजनक बताया है। यह दो संप्रदायों का झगड़ा नहीं है। गुंडागर्दी का झगड़ा है। घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई हो। जमालपुर पठानी के मगन सिंह ने कहा कि पुलिस सतर्क होती तो घटना नहीं होती। ग्रामीणों को मिलजुलकर रहना चाहिए। जाट बहुल गांवों से पुलिस हटाई जाए। गजरौला शिव के महेंद्र सिंह ने कहा कि ग्रामीणों को अपने गांव में सभी बिरादरी के लोगों की कमेटी बनानी चाहिए। छोटे मोटे झगड़ों को मिल बैठकर सुलझाएं। जरूरत पड़ने पर प्रशासन की मदद लें।
विज्ञापन