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हाथियों को आबादी क्षेत्र में आने से रोकने को चौकसी
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 11 Jul 2016 11:33 PM IST
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कालागढ़ के आबादी क्षेत्र में आया जंगली हाथी।
- फोटो : अमर उजाला
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कालागढ़/शेरकोट में कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन्य क्षेत्र से निकलकर आबादी में आने वाले हाथियों को रोकने के लिए वन विभाग ने चौकसी बढ़ा दी है। वनों से निकलकर दो हाथी नई कालोनी के आबादी क्षेत्र में करीब एक माह से देखे जा रहे हैं। इससे नई कालोनी में अफरातफरी का माहौल रहता है। हाथियों की दहशत इतनी अधिक है कि नागरिक घरों निकलते में घबराते हैं। वहां से यह हाथी बेरोक टोक मनोरंजन क्लब, हाईड्रिल कालोनी, शिशु निकेतन स्कूल के पीछे, मुख्य मार्ग एवं गोल चौराहे पर अक्सर पहुंच जाते हैं। दो दिन पहले एक हाथी ने बाजार में जमकर उत्पात मचाया था। इससे नागरिकों में हड़कंप मचा गया था। हाथियों के उत्पात को देख दुकानदार दुकानें बंद कर भाग निकले थे। भिक्कावाला के खेतों का गन्ना एवं धान इनकी पंसद है। इन हाथियों के आबादी में आने से वन विभाग भी चिंतित है। पार्क के उपनिदेशक डॉ. साकेत बड़ोला का कहना है कि दोनों हाथियों को आबादी से दूर रखने के लिए कर्मियों का एक दल लगाया गया है। यह दल गश्त कर रहा है। हाथियों पर निगाह रखी जा रही है। वहीं शेरकोट। में ईदगाह के आसपास गुलदार और अन्य जंगली जानवर दिखने से नागरिकों में दहशत है। लोगों ने इन जानवराें को जंगल में छुड़वाने की मांग की। उनका कहना है कि पिछले दिनों जंगली जानवर ने हमला कर एक ग्रामीण को जख्मी कर दिया था।
उसका उपचार चल रहा है।
किसान कोकिल चौहान, विनीत चौहान, रतिभान चौहान, त्रिलोकी, रमेश कश्यप, विजयभान आदि ने बताया कि उनका खेत ईदगाह के पीछे है। यहां खेत के पास कई बार जंगली जानवर विचरण करते नजर आ चुके हैं। इससे उनकी जान को खतरा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले फतेहनगर निवासी रमेश कश्यप जब अपने खेत पर कार्य कर रहे थे तो उन पर भी जंगली जानवर ने हमला कर घायल कर दिया। बड़ी मुश्किल से उसकी जान बच सकी। किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों से जानवरों को वन्य क्षेत्र में ही छुड़वाने की मांग की।
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उसका उपचार चल रहा है।
किसान कोकिल चौहान, विनीत चौहान, रतिभान चौहान, त्रिलोकी, रमेश कश्यप, विजयभान आदि ने बताया कि उनका खेत ईदगाह के पीछे है। यहां खेत के पास कई बार जंगली जानवर विचरण करते नजर आ चुके हैं। इससे उनकी जान को खतरा है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले फतेहनगर निवासी रमेश कश्यप जब अपने खेत पर कार्य कर रहे थे तो उन पर भी जंगली जानवर ने हमला कर घायल कर दिया। बड़ी मुश्किल से उसकी जान बच सकी। किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों से जानवरों को वन्य क्षेत्र में ही छुड़वाने की मांग की।
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