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गन्ने की बुवाई के बारे में जानकारी दी
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गन्ने की बुवाई के बारे में जानकारी दी
बढ़ापुर। द्वारिकेश चीनी मिल बुंदकी के गन्ना प्रबंधक सुनील चौहान कृषक गोष्ठी में कृषकों से उन्नतशील अगेती प्रजाति का गन्ना बुवाई करने एवं बुवाई से पूर्व गन्ना बीज उपचारित करने के लिए मिल से छूट पर दी जा रही दवाइयों का प्रयोग करने की सलाह दी।
ग्राम सरदारपुर छायली में हुई गोष्ठी में सुनील चौहान ने कहा कि गन्ना बुवाई का सीजन शुरू होने वाला है। किसानों को गन्ने में लगने वाले रोगों एवं उनके उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान गन्ना पैदावार में वृद्धि और गन्ने का अच्छा उत्पादन पाने के लिए अगेती गन्ना प्रजाति सीओ 0238, के साथ-साथ सीओएच 160, सीओ 0118, सीओ 98014 एवं सीओजे 85 प्रजाति के गन्ने की बुवाई करें। उन्होंने चीनी मिल द्वारा किसानों को छूट पर दी जा रही दवाई थायोफिनेट मिथाइल से गन्ना बीज का उपचार करने के बाद ही बुवाई करने और गन्ने में लगने वाले रोगों की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा फफूंदी नाशक का ही प्रयोग करने की सलाह दी।
मिल के सहायक प्रबंधक (गन्ना) जितेंद्र सिंह ने किसानों से कई गन्ना प्रजातियों को आपस में मिलाकर नहीं बोने की सलाह दी। गन्ना निरीक्षक आलोक सिंह ने किसानों से अनुपयुक्त प्रजाति का गन्ना कदापि नहीं बोने व प्रत्येक किसान को गन्ना की नर्सरी तैयार कर अगले वर्ष अपनी अपनी नर्सरी से गन्ना बीज बुवाई करने की सलाह दी। इस अवसर पर गन्ना किसान मोहम्मद शफी, तिलक कुमार, सोनू सिंह, अबरार अहमद, महेंद्र सिंह, दिलशाद एवं मुन्नू सिंह कृषक मौजूद रहे।
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बढ़ापुर। द्वारिकेश चीनी मिल बुंदकी के गन्ना प्रबंधक सुनील चौहान कृषक गोष्ठी में कृषकों से उन्नतशील अगेती प्रजाति का गन्ना बुवाई करने एवं बुवाई से पूर्व गन्ना बीज उपचारित करने के लिए मिल से छूट पर दी जा रही दवाइयों का प्रयोग करने की सलाह दी।
ग्राम सरदारपुर छायली में हुई गोष्ठी में सुनील चौहान ने कहा कि गन्ना बुवाई का सीजन शुरू होने वाला है। किसानों को गन्ने में लगने वाले रोगों एवं उनके उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान गन्ना पैदावार में वृद्धि और गन्ने का अच्छा उत्पादन पाने के लिए अगेती गन्ना प्रजाति सीओ 0238, के साथ-साथ सीओएच 160, सीओ 0118, सीओ 98014 एवं सीओजे 85 प्रजाति के गन्ने की बुवाई करें। उन्होंने चीनी मिल द्वारा किसानों को छूट पर दी जा रही दवाई थायोफिनेट मिथाइल से गन्ना बीज का उपचार करने के बाद ही बुवाई करने और गन्ने में लगने वाले रोगों की रोकथाम के लिए ट्राइकोडर्मा फफूंदी नाशक का ही प्रयोग करने की सलाह दी।
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मिल के सहायक प्रबंधक (गन्ना) जितेंद्र सिंह ने किसानों से कई गन्ना प्रजातियों को आपस में मिलाकर नहीं बोने की सलाह दी। गन्ना निरीक्षक आलोक सिंह ने किसानों से अनुपयुक्त प्रजाति का गन्ना कदापि नहीं बोने व प्रत्येक किसान को गन्ना की नर्सरी तैयार कर अगले वर्ष अपनी अपनी नर्सरी से गन्ना बीज बुवाई करने की सलाह दी। इस अवसर पर गन्ना किसान मोहम्मद शफी, तिलक कुमार, सोनू सिंह, अबरार अहमद, महेंद्र सिंह, दिलशाद एवं मुन्नू सिंह कृषक मौजूद रहे।
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