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गन्ने का भाव 550 रुपये हो : सांसद
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गन्ने का भाव 550 रुपये हो : सांसद
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीशचंद ने गन्ना किसानों की बदहाली पर चिंता जताई। सांसद ने प्रदेेश के सीएम को पत्र भेजकर किसानों को आगामी पेराई सत्र में गन्ने का भाव 550 रुपये दिलाने की मांग की है।
सांसद ने सीएम को भेजे पत्र में बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले हफ्ते ही गन्ने का 2020-21 विपणन वर्ष के लिए उचित एवं लाभकारी (एफआरपी) दाम 10 रुपये बढ़ाकर 285 रुपये प्रति कुंतल करने की मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल समिति का यह निर्णय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश के मुताबिक है। परंतु जिस प्रकार खाद्य, बिजली और डीजल के दाम बढ़ने से किसानों की लागत बढ़ी है। उस हिसाब से गन्ने का उचित मूल्य 500 से 550 होना चाहिए। एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है और दूसरी तरफ किसानों को उनकी फसल का उचित दाम भी नहीं मिल पा रहा है। अभी भी गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर लाखों करोड़ों बकाया है। इस प्रकार तो किसानों की आय दोगुनी नहीं होगी। बल्कि किसान और कर्ज में डूबता चला जाएगा। कहा केंद्र सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य 10 रुपये एफआरपी बढ़ाकर 285 कर दिया गया है जो बहुत कम है।
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धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीशचंद ने गन्ना किसानों की बदहाली पर चिंता जताई। सांसद ने प्रदेेश के सीएम को पत्र भेजकर किसानों को आगामी पेराई सत्र में गन्ने का भाव 550 रुपये दिलाने की मांग की है।
सांसद ने सीएम को भेजे पत्र में बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पिछले हफ्ते ही गन्ने का 2020-21 विपणन वर्ष के लिए उचित एवं लाभकारी (एफआरपी) दाम 10 रुपये बढ़ाकर 285 रुपये प्रति कुंतल करने की मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल समिति का यह निर्णय कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिश के मुताबिक है। परंतु जिस प्रकार खाद्य, बिजली और डीजल के दाम बढ़ने से किसानों की लागत बढ़ी है। उस हिसाब से गन्ने का उचित मूल्य 500 से 550 होना चाहिए। एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है और दूसरी तरफ किसानों को उनकी फसल का उचित दाम भी नहीं मिल पा रहा है। अभी भी गन्ना किसानों का चीनी मिलों पर लाखों करोड़ों बकाया है। इस प्रकार तो किसानों की आय दोगुनी नहीं होगी। बल्कि किसान और कर्ज में डूबता चला जाएगा। कहा केंद्र सरकार द्वारा गन्ने का मूल्य 10 रुपये एफआरपी बढ़ाकर 285 कर दिया गया है जो बहुत कम है।
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