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पिछले साल के बराबर ही रहा गन्ने का रकबा
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बिजनौर। इस बार भी किसानों के खेतों से गन्ने का रकबा कम होता नहीं दिख रहा है। जिले में इस बार भी गन्ना रकबा लगभग पिछले साल के बराबर ही रहेगा। गन्ना विभाग द्वारा 100 से अधिक गांवों में किए गए सैंपल सर्वे में भी यही बात सामने आ रही है। गन्ने के रकबे और फसल के हिसाब से ही चीनी मिलों के संचालन की तैयारी की जाएगी।
पिछले साल कोरोना के चलते लॉकडाउन लगाया गया तो किसानों ने सब्जी व बाकी फसलों से किनारा कर लिया। दूसरे राज्यों से घर लौटे छोटी जोत के किसानों ने भी तब खेतों में सब्जी या चारे के बजाए गन्ना ही बो दिया था। इससे गन्ने का रकबा साढ़े 11 प्रतिशत तक बढ़ गया था। गन्ने की फसल दो लाख 21 हजार हेक्टेयर से बढ़कर करीब ढाई लाख हेक्टेअर तक पहुंच गई थी। गन्नी पैदावार भी अधिक रही। इस वजह से पिछले साल गन्ने के दाम नहीं बढ़े थे और चीनी के दाम तो अब तक नहीं बढ़े हैं। इस बार लग रहा था कि किसान गन्ने की फसल का रकबा थोड़ा कम करेंगे, लेकिन इस बार भी कोरोना की वजह से पिछले साल जैसे हालात पैदा हो गए हैं। गन्ना विभाग ने सैंपल सर्वे कराया तो उसमें भी गन्ना रकबा लगभग पिछले साल के बराबर ही आ रहा है।
वर्ष 2020-21 का गन्ना क्षेत्रफल वर्ष 2021-22 का गन्ना क्षेत्रफल
मिल पौधा पैड़ी कुल पौधा पैड़ी कुल
बिजनौर 82 102 184 92 93 186
बिलाई 538 660 1198 619 570 1190
चांदपुर 246 265 511 263 246 509
नजीबाबाद 414 414 829 417 414 831
बुंदकी 674 826 1500 669 707 1377
बरकातपुर 302 445 748 370 370 740
अफजलगढ़ 1003 941 1944 1099 1013 2112
धामपुर 695 805 1501 769 746 1516
स्योहारा 274 319 594 280 279 559
धनौरा 128 149 277 122 128 251
कुल 4361 4930 9292 4704 4571 9275
नोट:रकबा हेक्टेयर में है और 111 गांवों के सर्वे से तैयार किया गया है।
करा रहे सर्वे
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गन्ना रकबा पिछले साल के बराबर ही रह सकता है। सर्वे कार्य लगातार कराया जा रहा है।
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पिछले साल कोरोना के चलते लॉकडाउन लगाया गया तो किसानों ने सब्जी व बाकी फसलों से किनारा कर लिया। दूसरे राज्यों से घर लौटे छोटी जोत के किसानों ने भी तब खेतों में सब्जी या चारे के बजाए गन्ना ही बो दिया था। इससे गन्ने का रकबा साढ़े 11 प्रतिशत तक बढ़ गया था। गन्ने की फसल दो लाख 21 हजार हेक्टेयर से बढ़कर करीब ढाई लाख हेक्टेअर तक पहुंच गई थी। गन्नी पैदावार भी अधिक रही। इस वजह से पिछले साल गन्ने के दाम नहीं बढ़े थे और चीनी के दाम तो अब तक नहीं बढ़े हैं। इस बार लग रहा था कि किसान गन्ने की फसल का रकबा थोड़ा कम करेंगे, लेकिन इस बार भी कोरोना की वजह से पिछले साल जैसे हालात पैदा हो गए हैं। गन्ना विभाग ने सैंपल सर्वे कराया तो उसमें भी गन्ना रकबा लगभग पिछले साल के बराबर ही आ रहा है।
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वर्ष 2020-21 का गन्ना क्षेत्रफल वर्ष 2021-22 का गन्ना क्षेत्रफल
मिल पौधा पैड़ी कुल पौधा पैड़ी कुल
बिजनौर 82 102 184 92 93 186
बिलाई 538 660 1198 619 570 1190
चांदपुर 246 265 511 263 246 509
नजीबाबाद 414 414 829 417 414 831
बुंदकी 674 826 1500 669 707 1377
बरकातपुर 302 445 748 370 370 740
अफजलगढ़ 1003 941 1944 1099 1013 2112
धामपुर 695 805 1501 769 746 1516
स्योहारा 274 319 594 280 279 559
धनौरा 128 149 277 122 128 251
कुल 4361 4930 9292 4704 4571 9275
नोट:रकबा हेक्टेयर में है और 111 गांवों के सर्वे से तैयार किया गया है।
करा रहे सर्वे
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गन्ना रकबा पिछले साल के बराबर ही रह सकता है। सर्वे कार्य लगातार कराया जा रहा है।