{"_id":"5b980f8b867a557eb715bfa2","slug":"studies-in-asu-rakshit-bhavan-in-bijnor","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘असुरक्षित भ्ावन’ में कराई जा रही पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘असुरक्षित भ्ावन’ में कराई जा रही पढ़ाई
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:25 AM IST
विज्ञापन
नजीबाबाद में जर्जर प्राथमिक विद्यालय पर लिखा असुरक्षित।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नजीबाबाद में मौत के साये में पढ़ रहे हैं परिषदीय स्कूल के बच्चे। कई जर्जर व खस्ताहाल स्कूल भवनों पर दरअसल विभाग ने ध्वस्तीकरण योग्य और असुरक्षित भवन लिखने के बाद कोई कार्रवाई नहीं की। अभिभावक जर्जर स्कूली भवनों में बच्चों को परिषदीय स्कूलों में भेजने से कतरा रहे हैं।
शासन की लाख कोशिशों के बाद भी परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। कभी बच्चों के पास किताबें नहीं तो कभी बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन न मिलना आम बात हो गई है। वहीं कभी शिक्षकों के अभाव में गुुणवत्ता परख शिक्षा न मिलना रहा है। सबको शिक्षा, सबका विकास के अनुरूप परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ने के लिए शासन ने फ्री यूनिफार्म, मिड-डे-मील, फ्री किताबें सहित अनेक योजना चलाकर सभी को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने को प्रयासरत है। विभाग की उदासीनता के चलते कई परिषदीय स्कूलों के परिसर में पुराने और जर्जर हाल में खड़े भवन बच्चों के लिए खतरा बने हैं। ऐसे भवनों की ग्राम प्रधान, मुख्य अध्यापक और ग्रामीणों ने विभाग से शिकायत कर ध्वस्त कराने की मांग की है।
विभाग ने काफी पुराने जर्जर हाल वाले, बड़ी-बड़ी दरारों वाले, लेंटर का मलबा गिरने वाले, बरसात में टपक ने वाले स्कूली भवन की जांच कराकर इन भवनों में ध्वस्तीकरण योग्य और असुरक्षित भवन या पढ़ाने योग्य नहीं लिखकर अपने उन भवनों को छोड़ दिया। काफी समय होने के बाद भी भवनों की मरम्मत तथा ध्वस्तीकरण नहीं किया, जिससे ऐसे किसी भी समय जर्जर भवनों की जद में आकर बच्चों के साथ बड़ी घटना घट सकती है।
विज्ञापन
इन स्कूलों के कक्ष और भवन हैं जर्जर
नजीबाबाद में प्राथमिक विद्यालय दलपतपुर महावत, प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर सैद, प्राथमिक विद्यालय औरंगपुर बसंता, प्राथमिक विद्यालय नेकपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मिर्जापुर, प्राथमिक विद्यालय राजपुर नवादा, प्राथमिक विद्यालय रघुनाथपुर, प्राथमिक विद्यालय महावतपुर बिल्लौच, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय साहनपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मंडावली सहित कई विद्यालय में कक्ष जर्जरहाल में है। स्कूलों के परिसर में नए भवन तो शासन ने बना दिए, लेकिन पुराने और जर्जर भवन में मौत के साये में पढ़ने को मजबूर हैं।
जल्द गिराए जाएंगे जर्जर कक्ष व भवन
नजीबाबाद में खंड शिक्षा अधिकारी इशकलाल ने कहा कि ऐसे विभाग की रिपोर्ट विभाग को समय-समय पर भेजी जाती है। विभाग की ओर से ऐसे अधिकांश भवनों की जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विभाग द्वारा नीलामी प्रक्रिया पूरी होने पर ऐसे कक्ष या भवनों को शीघ्र गिराया जाएगा।
विज्ञापन
शासन की लाख कोशिशों के बाद भी परिषदीय स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। कभी बच्चों के पास किताबें नहीं तो कभी बच्चों को मीनू के अनुसार भोजन न मिलना आम बात हो गई है। वहीं कभी शिक्षकों के अभाव में गुुणवत्ता परख शिक्षा न मिलना रहा है। सबको शिक्षा, सबका विकास के अनुरूप परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ने के लिए शासन ने फ्री यूनिफार्म, मिड-डे-मील, फ्री किताबें सहित अनेक योजना चलाकर सभी को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने को प्रयासरत है। विभाग की उदासीनता के चलते कई परिषदीय स्कूलों के परिसर में पुराने और जर्जर हाल में खड़े भवन बच्चों के लिए खतरा बने हैं। ऐसे भवनों की ग्राम प्रधान, मुख्य अध्यापक और ग्रामीणों ने विभाग से शिकायत कर ध्वस्त कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विभाग ने काफी पुराने जर्जर हाल वाले, बड़ी-बड़ी दरारों वाले, लेंटर का मलबा गिरने वाले, बरसात में टपक ने वाले स्कूली भवन की जांच कराकर इन भवनों में ध्वस्तीकरण योग्य और असुरक्षित भवन या पढ़ाने योग्य नहीं लिखकर अपने उन भवनों को छोड़ दिया। काफी समय होने के बाद भी भवनों की मरम्मत तथा ध्वस्तीकरण नहीं किया, जिससे ऐसे किसी भी समय जर्जर भवनों की जद में आकर बच्चों के साथ बड़ी घटना घट सकती है।
विज्ञापन
इन स्कूलों के कक्ष और भवन हैं जर्जर
नजीबाबाद में प्राथमिक विद्यालय दलपतपुर महावत, प्राथमिक विद्यालय मिर्जापुर सैद, प्राथमिक विद्यालय औरंगपुर बसंता, प्राथमिक विद्यालय नेकपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मिर्जापुर, प्राथमिक विद्यालय राजपुर नवादा, प्राथमिक विद्यालय रघुनाथपुर, प्राथमिक विद्यालय महावतपुर बिल्लौच, प्राथमिक विद्यालय द्वितीय साहनपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय मंडावली सहित कई विद्यालय में कक्ष जर्जरहाल में है। स्कूलों के परिसर में नए भवन तो शासन ने बना दिए, लेकिन पुराने और जर्जर भवन में मौत के साये में पढ़ने को मजबूर हैं।
जल्द गिराए जाएंगे जर्जर कक्ष व भवन
नजीबाबाद में खंड शिक्षा अधिकारी इशकलाल ने कहा कि ऐसे विभाग की रिपोर्ट विभाग को समय-समय पर भेजी जाती है। विभाग की ओर से ऐसे अधिकांश भवनों की जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। विभाग द्वारा नीलामी प्रक्रिया पूरी होने पर ऐसे कक्ष या भवनों को शीघ्र गिराया जाएगा।