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भ्रूण परीक्षण किया तो होगी सख्त कार्रवाई
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भ्रूण परीक्षण किया तो होगी सख्त कार्रवाई
बिजनौर। डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि जिले में कन्या भ्रूण परीक्षण किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा।
पीसीपीएनडीटी से संबंधित समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि जिले में अगर कहीं कन्या भ्रूण परीक्षण होता मिला तो केंद्र को बंद करके संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि अल्ट्रासाउंड मशीन ऑपरेटिंग के लिए आवेदनपत्र में जिस व्यक्ति का नाम हो उसकी पात्रता की गहनता से जांच होनी चाहिए। सप्ताह में कम से कम तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कहा कि देश और जिले में लिंग अनुपात में भारी अंतर का होना गंभीर और चिंताजनक समस्या है। इस समस्या का समाधान केवल बैठकों से ही संभव नहीं है, बल्कि जन सामान्य को लिंग अनुपात के संकट के प्रति जागरूक करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
नए अल्ट्रासाउंड सेंटर और नवीनीकरण होने वाले मामलों में पूरी छानबीन करने के बाद ही उन्हें अनुमति प्रदान की जाए। हर केंद्र पर कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित कानूनी जानकारी स्पष्ट शब्दों में लिखी जाए। अल्ट्रासाउंड कक्ष में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना को अनिवार्य किया जाए। इसके बाद ही अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नवीनीकरण आदि की अनुमति दी जाए। बैठक में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. प्रभा रानी, डॉ. बीआर त्यागी, सुधा राठी, मुकेश त्यागी आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि जिले में कन्या भ्रूण परीक्षण किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा।
पीसीपीएनडीटी से संबंधित समिति की बैठक में डीएम ने कहा कि जिले में अगर कहीं कन्या भ्रूण परीक्षण होता मिला तो केंद्र को बंद करके संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। नोडल अधिकारी को निर्देश दिए कि अल्ट्रासाउंड मशीन ऑपरेटिंग के लिए आवेदनपत्र में जिस व्यक्ति का नाम हो उसकी पात्रता की गहनता से जांच होनी चाहिए। सप्ताह में कम से कम तीन अल्ट्रासाउंड सेंटर का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कहा कि देश और जिले में लिंग अनुपात में भारी अंतर का होना गंभीर और चिंताजनक समस्या है। इस समस्या का समाधान केवल बैठकों से ही संभव नहीं है, बल्कि जन सामान्य को लिंग अनुपात के संकट के प्रति जागरूक करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
नए अल्ट्रासाउंड सेंटर और नवीनीकरण होने वाले मामलों में पूरी छानबीन करने के बाद ही उन्हें अनुमति प्रदान की जाए। हर केंद्र पर कन्या भ्रूण हत्या से संबंधित कानूनी जानकारी स्पष्ट शब्दों में लिखी जाए। अल्ट्रासाउंड कक्ष में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना को अनिवार्य किया जाए। इसके बाद ही अल्ट्रासाउंड केंद्रों के नवीनीकरण आदि की अनुमति दी जाए। बैठक में महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. प्रभा रानी, डॉ. बीआर त्यागी, सुधा राठी, मुकेश त्यागी आदि मौजूद रहे।
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