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Bijnor News: गन्ने के साथ-साथ उगा रहे स्ट्राबेरी और अदरक
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- 12 सालों से जैविक खेती कर रहे गांव प्रेमपुरी-रसूलाबाद निवासी अमरीक सिंह
अफजलगढ़। गांव प्रेमपुरी-रसूलाबाद निवासी किसान अमरीक सिंह करीब 12 वर्षों से जैविक रूप से गन्ने, धान और गेंहू के साथ सहफसली खेती कर रहे है। इस सहफसली खेती में स्ट्राबेरी, अदरक, टमाटर, मूली, उड़द, गोभी, तिल व उड़द की खेती कर अतिरिक्त लाभ उठा रहे है।
अमरीक सिंह ने बताया कि अगस्त माह में स्ट्राबेरी, उड़द व तिल बोए थे। जब यह फसल ऊपर निकल आई तो गुल बनाकर गन्ने की बुवाई की। एक एकड़ में 300 से 500 क्विंटल गन्ने की पैदावार और साथ में 3 क्विंटल उड़द व करीड डेढ़ क्विंटल तिल की फसल पैदा होती है। सभी फसल मार्च तक तैयार हो जाती है।
सहफसली खेती में गन्ने के साथ नवम्बर में लहसुन, सरसों, चना प्याज की भी बुवाई की जा सकती है। इसके अलावा अदरक, हल्दी और अरबी की खेती भी की जा सकती है। एक एकड़ में 7 से 8 क्विंटल अदरक, 8 से 10 क्विंटल अदरक और 8 से 10 कुंतल तक अरबी की फसल सहफसली खेती के साथ लाभ प्राप्त किया जा सकता है। गोबर आदि से जैविक खाद तैयार कर उसका प्रयोग खेती में करते है।
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अफजलगढ़। गांव प्रेमपुरी-रसूलाबाद निवासी किसान अमरीक सिंह करीब 12 वर्षों से जैविक रूप से गन्ने, धान और गेंहू के साथ सहफसली खेती कर रहे है। इस सहफसली खेती में स्ट्राबेरी, अदरक, टमाटर, मूली, उड़द, गोभी, तिल व उड़द की खेती कर अतिरिक्त लाभ उठा रहे है।
अमरीक सिंह ने बताया कि अगस्त माह में स्ट्राबेरी, उड़द व तिल बोए थे। जब यह फसल ऊपर निकल आई तो गुल बनाकर गन्ने की बुवाई की। एक एकड़ में 300 से 500 क्विंटल गन्ने की पैदावार और साथ में 3 क्विंटल उड़द व करीड डेढ़ क्विंटल तिल की फसल पैदा होती है। सभी फसल मार्च तक तैयार हो जाती है।
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सहफसली खेती में गन्ने के साथ नवम्बर में लहसुन, सरसों, चना प्याज की भी बुवाई की जा सकती है। इसके अलावा अदरक, हल्दी और अरबी की खेती भी की जा सकती है। एक एकड़ में 7 से 8 क्विंटल अदरक, 8 से 10 क्विंटल अदरक और 8 से 10 कुंतल तक अरबी की फसल सहफसली खेती के साथ लाभ प्राप्त किया जा सकता है। गोबर आदि से जैविक खाद तैयार कर उसका प्रयोग खेती में करते है।
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