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बंद मिला नींदडू़ का राजकीय यूनानी अस्पताल
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नींदडू में बंद मिला यूनानी अस्पताल।
- फोटो : BIJNOR
बंद मिला नींदडू़ का राजकीय यूनानी अस्पताल
नींदडू। स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने के कारण नींदडू़ का राजकीय यूनानी अस्पताल ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा। अतिरिक्त चार्ज वाले चिकित्सक सप्ताह में तीन दिन ही मरीज देखते हैं। शेष तीन दिन वार्ड ब्वॉय द्वारा ही रोगियों को दवाई दी जाती है।
शासन द्वारा 1973 में तत्कालीन ग्राम प्रधान एचआर चंदन के प्रयास से नींदडू में चार बैड का राजकीय यूनानी अस्पताल बनाया गया था। किराए के भवन में चल रहे इस चिकित्सालय में करीब दस साल तक इस अस्पताल का कामकाज ठीक चलने से लोगों में यूनानी दवाई से इलाज कराने का रुझान बढ़ा था। वाजिदपुर, महावतपुर बीरू, मोहम्मद अलीपुर भिक्कन, मनकुआं, अजीतपुर दासी, बख्शनपुर, सरकथल माधो, अथाई शेख, कोटरा टप्पा, शेखपुरा मुक्टा और शेखपुरा पित्था आदि कई गांवों के रोगी अस्पताल आ रहे थे।
इस बीच कई चिकित्सक आए और चले गए। करीब 35 वर्ष पूर्व आए चिकित्सक मोहम्मद मुस्लिम रहमानी को गांव में रहना पसंद नहीं था। उन्होंने अपना तबादला टांडा बादली (रामपुर) करा लिया। तब से यह चिकित्सालय चिकित्सक विहीन है और औषधि वितरण का कार्य फार्मासिस्ट या वार्डब्वॉय ही करते चले आ रहे हैं।
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वर्ष 2019 में नगीना के राजकीय यूनानी अस्पताल में नियुक्त चिकित्सक विलसन को नींदडू़ अस्पताल का अतिरिक्त चार्ज दिया गया। वह तीन दिन नगीना बैठने के अलावा सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को नींदडू़ आते हैं। अस्पताल में फार्मासिस्ट नहीं होने से शेष तीन दिन वार्ड ब्वॉय योगराज सिंह को ही औषधि वितरित करनी होती है। शनिवार को अस्पताल गेट में ताला लटका होने से कई मरीजों को वापस लौटना पड़ा। रोगियों का कहना है कि अस्पताल जब तब बंद रहने के अलावा 12 बजे से पहले नहीं खुलता।
उधर, नींदडू़ खास की प्रधान पति मुदस्सर अली, बाजीदपुर-बीरू की प्रधान पति अथर हुसैन और मोहम्मद अलीपुर भिक्कन के प्रधान के पति अरशद अली ने जनहित और यूनानी दवाओं को बढ़ावा देने के लिए स्थायी चिकित्सक के साथ स्थायी फार्मेसिस्ट आदि की मांग की है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी इसमपाल ने शनिवार को नींदडू़ का यूनानी अस्पताल बंद रहने को अनुचित बताया है। उन्होंने कहा कि कार्य दिवस में अस्पताल बंद रहना गंभीर मामला है। यदि कर्मचारी को कोई समस्या थी, तो इसे अधिकारी के संज्ञान में लाना चाहिए था। वह प्रकरण की जांच करेंगे तथा शिकायत सही पाए जाने पर वार्ड बॉय के खिलाफ विभागीय आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कोविड-19 में लगी है ड्यूटी : विलसन
नींदडू़। राजकीय यूनानी अस्पताल का अतिरिक्त चार्ज संभालने वाले चिकित्सक विलसन ने बताया कि शासन स्तर पर उनकी ड्यूटी कोविड-19 कार्य में लगी है। वह रजिस्ट्रेशन कराने या नहीं कराने वाले चिकित्सकों की सूची तैयार कर रहे हैं। अस्पताल में लगभग 50 मरीज दैनिक आ रहे हैं। दवाई की कोई कमी नहीं है। सरकार बजट के हिसाब से दवाई भेजती है। पुराने रोगी मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को वार्डब्वॉय से औषधियां ले जाते हैं।
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नींदडू। स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने के कारण नींदडू़ का राजकीय यूनानी अस्पताल ग्रामीणों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रहा। अतिरिक्त चार्ज वाले चिकित्सक सप्ताह में तीन दिन ही मरीज देखते हैं। शेष तीन दिन वार्ड ब्वॉय द्वारा ही रोगियों को दवाई दी जाती है।
शासन द्वारा 1973 में तत्कालीन ग्राम प्रधान एचआर चंदन के प्रयास से नींदडू में चार बैड का राजकीय यूनानी अस्पताल बनाया गया था। किराए के भवन में चल रहे इस चिकित्सालय में करीब दस साल तक इस अस्पताल का कामकाज ठीक चलने से लोगों में यूनानी दवाई से इलाज कराने का रुझान बढ़ा था। वाजिदपुर, महावतपुर बीरू, मोहम्मद अलीपुर भिक्कन, मनकुआं, अजीतपुर दासी, बख्शनपुर, सरकथल माधो, अथाई शेख, कोटरा टप्पा, शेखपुरा मुक्टा और शेखपुरा पित्था आदि कई गांवों के रोगी अस्पताल आ रहे थे।
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इस बीच कई चिकित्सक आए और चले गए। करीब 35 वर्ष पूर्व आए चिकित्सक मोहम्मद मुस्लिम रहमानी को गांव में रहना पसंद नहीं था। उन्होंने अपना तबादला टांडा बादली (रामपुर) करा लिया। तब से यह चिकित्सालय चिकित्सक विहीन है और औषधि वितरण का कार्य फार्मासिस्ट या वार्डब्वॉय ही करते चले आ रहे हैं।
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वर्ष 2019 में नगीना के राजकीय यूनानी अस्पताल में नियुक्त चिकित्सक विलसन को नींदडू़ अस्पताल का अतिरिक्त चार्ज दिया गया। वह तीन दिन नगीना बैठने के अलावा सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को नींदडू़ आते हैं। अस्पताल में फार्मासिस्ट नहीं होने से शेष तीन दिन वार्ड ब्वॉय योगराज सिंह को ही औषधि वितरित करनी होती है। शनिवार को अस्पताल गेट में ताला लटका होने से कई मरीजों को वापस लौटना पड़ा। रोगियों का कहना है कि अस्पताल जब तब बंद रहने के अलावा 12 बजे से पहले नहीं खुलता।
उधर, नींदडू़ खास की प्रधान पति मुदस्सर अली, बाजीदपुर-बीरू की प्रधान पति अथर हुसैन और मोहम्मद अलीपुर भिक्कन के प्रधान के पति अरशद अली ने जनहित और यूनानी दवाओं को बढ़ावा देने के लिए स्थायी चिकित्सक के साथ स्थायी फार्मेसिस्ट आदि की मांग की है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी इसमपाल ने शनिवार को नींदडू़ का यूनानी अस्पताल बंद रहने को अनुचित बताया है। उन्होंने कहा कि कार्य दिवस में अस्पताल बंद रहना गंभीर मामला है। यदि कर्मचारी को कोई समस्या थी, तो इसे अधिकारी के संज्ञान में लाना चाहिए था। वह प्रकरण की जांच करेंगे तथा शिकायत सही पाए जाने पर वार्ड बॉय के खिलाफ विभागीय आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कोविड-19 में लगी है ड्यूटी : विलसन
नींदडू़। राजकीय यूनानी अस्पताल का अतिरिक्त चार्ज संभालने वाले चिकित्सक विलसन ने बताया कि शासन स्तर पर उनकी ड्यूटी कोविड-19 कार्य में लगी है। वह रजिस्ट्रेशन कराने या नहीं कराने वाले चिकित्सकों की सूची तैयार कर रहे हैं। अस्पताल में लगभग 50 मरीज दैनिक आ रहे हैं। दवाई की कोई कमी नहीं है। सरकार बजट के हिसाब से दवाई भेजती है। पुराने रोगी मंगलवार, बृहस्पतिवार और शनिवार को वार्डब्वॉय से औषधियां ले जाते हैं।