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Bijnor News: बिजनौर से रहा है महात्मा गांधी के परिवार का नाता
Mon, 30 Jan 2023 02:24 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 30 Jan 2023 02:24 PM IST
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महात्मा गांधी की पुण्यतिथि-प्रभुदास गांधी और अंबा देवी।(फाइल फोटो)
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर विशेष
चाचा के वंशज प्रभुदास गांधी से हुआ था हल्दौर की दो बेटियों का विवाह
विवेक गुप्ता
कोतवाली देहात (बिजनौर)। सोमवार को महात्मा गांधी की पुण्य तिथि है और जिले में भी लोग उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। जिले का महात्मा गांधी के परिवार से भी गहरा नाता रहा है। हल्दौर की दो बेटियों का विवाह महात्मागांधी के परिवार में हुआ था। आज की पीढ़ी भले ही इसे नहीं जानती, लेकिन इतिहास के पन्नों में यह बात दर्ज है।
जिले के इतिहास के जानकार ग्राम फीना निवासी इं. हेमंत कुमार बताते हैं कि हल्दौर निवासी लाला डालचंद की पुत्री अंबा देवी का विवाह महात्मा गांधी के चाचा उत्तमचंद के वंशज प्रभुदास गांधी के साथ हुआ था। कुछ वर्षों बाद गांधी के छोटे भाई कृष्णदास गांधी का विवाह हल्दौर के ही हीरालाल की पुत्री मनोज्ञ देवी के साथ हुआ था। अंबा देवी के माध्यम से हुए इस विवाह में महात्मा गांधी ने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई थी। हल्दौर निवासी स्वतंत्रता सेनानी ठाकुरदास कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे और डालचंद उनके मित्र थे। महात्मागांधी ने डालचंद को अपने वर्धा स्थित आश्रम में भी आमंत्रित किया था। वहीं प्रभुदास और अंबा की शादी तय हुई। 1942 में भारत छोड़ों आंदोलन के दौरान प्रभुदास गांधी को ढाई साल की सजा सुनाई गई और वह बरेली जेल में बंद रहे थे। उन्होंने विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में भी काम किया था।
प्रभुदास और अंबा देवी ने
धनौरा में खोला था आश्रम
महात्मा गांधी आश्रम पद्धति में विश्वास रखते थे और दक्षिण अफ्रीका में प्लेग फैलने पर उन्होंने सैकड़ों लोगों की फीनिक्स आश्रम में सेवा की थी। प्रभुदास गांधी दक्षिण अफ्रीका में स्थित अपनी बाल्यावस्था से ही जुड़ गए थे। जब महात्मा गांधी भारत आए तो प्रभुदास भी उनके साथ आ गए। विवाह के बाद प्रभुदास ने महात्मा गांधी से पूछा कि हम अपना आगे का जीवन किस दिशा में ले जाएं ? गांधी जी ने अंबा देवी और प्रभुदास को अपने आश्रम की तरह एक आश्रम किसी ग्रामीण क्षेत्र में खोलने के लिए कहा। इसके बाद प्रभुदास गांधी अंबा देवी के साथ हल्दौर बिजनौर क्षेत्र में आ गए। दोनों ने मिलकर धनौरा क्षेत्र में एक आश्रम खोला था।
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हरिलाल को समझाने गए
थे बिजनौर के शिवचरण
ग्राम पैजनिया निवासी शिवचरण त्यागी भी महात्मा गांधी से जुड़े रहे और उनके वर्धा आश्रम में लगातार जाते रहे थे। शिवचरण त्यागी के नवासे वरिष्ठ इतिहासकार भोला नाथ त्यागी बताते हैं कि महात्मा गांधी के पुत्र हरिलाल के इस्लाम धर्म स्वीकार करने के बाद कस्तूरबा गांधी और जमुना लाल बजाज ने शिवचरण त्यागी को हरिलाल से मिलने के लिए मद्रास भेजा था। शिवचरण त्यागी ने हरिलाल से मुलाकात कर उन्हें समझाया था।
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चाचा के वंशज प्रभुदास गांधी से हुआ था हल्दौर की दो बेटियों का विवाह
विवेक गुप्ता
कोतवाली देहात (बिजनौर)। सोमवार को महात्मा गांधी की पुण्य तिथि है और जिले में भी लोग उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। जिले का महात्मा गांधी के परिवार से भी गहरा नाता रहा है। हल्दौर की दो बेटियों का विवाह महात्मागांधी के परिवार में हुआ था। आज की पीढ़ी भले ही इसे नहीं जानती, लेकिन इतिहास के पन्नों में यह बात दर्ज है।
जिले के इतिहास के जानकार ग्राम फीना निवासी इं. हेमंत कुमार बताते हैं कि हल्दौर निवासी लाला डालचंद की पुत्री अंबा देवी का विवाह महात्मा गांधी के चाचा उत्तमचंद के वंशज प्रभुदास गांधी के साथ हुआ था। कुछ वर्षों बाद गांधी के छोटे भाई कृष्णदास गांधी का विवाह हल्दौर के ही हीरालाल की पुत्री मनोज्ञ देवी के साथ हुआ था। अंबा देवी के माध्यम से हुए इस विवाह में महात्मा गांधी ने मार्गदर्शक की भूमिका निभाई थी। हल्दौर निवासी स्वतंत्रता सेनानी ठाकुरदास कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे और डालचंद उनके मित्र थे। महात्मागांधी ने डालचंद को अपने वर्धा स्थित आश्रम में भी आमंत्रित किया था। वहीं प्रभुदास और अंबा की शादी तय हुई। 1942 में भारत छोड़ों आंदोलन के दौरान प्रभुदास गांधी को ढाई साल की सजा सुनाई गई और वह बरेली जेल में बंद रहे थे। उन्होंने विनोबा भावे के भूदान आंदोलन में भी काम किया था।
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प्रभुदास और अंबा देवी ने
धनौरा में खोला था आश्रम
महात्मा गांधी आश्रम पद्धति में विश्वास रखते थे और दक्षिण अफ्रीका में प्लेग फैलने पर उन्होंने सैकड़ों लोगों की फीनिक्स आश्रम में सेवा की थी। प्रभुदास गांधी दक्षिण अफ्रीका में स्थित अपनी बाल्यावस्था से ही जुड़ गए थे। जब महात्मा गांधी भारत आए तो प्रभुदास भी उनके साथ आ गए। विवाह के बाद प्रभुदास ने महात्मा गांधी से पूछा कि हम अपना आगे का जीवन किस दिशा में ले जाएं ? गांधी जी ने अंबा देवी और प्रभुदास को अपने आश्रम की तरह एक आश्रम किसी ग्रामीण क्षेत्र में खोलने के लिए कहा। इसके बाद प्रभुदास गांधी अंबा देवी के साथ हल्दौर बिजनौर क्षेत्र में आ गए। दोनों ने मिलकर धनौरा क्षेत्र में एक आश्रम खोला था।
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हरिलाल को समझाने गए
थे बिजनौर के शिवचरण
ग्राम पैजनिया निवासी शिवचरण त्यागी भी महात्मा गांधी से जुड़े रहे और उनके वर्धा आश्रम में लगातार जाते रहे थे। शिवचरण त्यागी के नवासे वरिष्ठ इतिहासकार भोला नाथ त्यागी बताते हैं कि महात्मा गांधी के पुत्र हरिलाल के इस्लाम धर्म स्वीकार करने के बाद कस्तूरबा गांधी और जमुना लाल बजाज ने शिवचरण त्यागी को हरिलाल से मिलने के लिए मद्रास भेजा था। शिवचरण त्यागी ने हरिलाल से मुलाकात कर उन्हें समझाया था।