{"_id":"5fcbd3b98ebc3ecf6440daeb","slug":"somewhere-teacher-less-student-less-teacher-more-bijnor-news-mrt51425732","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षक तैनात होने पर बिगड़ रही व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में मानक से अधिक शिक्षक तैनात होने पर बिगड़ रही व्यवस्था
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बिजनौर। शिक्षक भर्ती में शनिवार को 205 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। एक सप्ताह बाद इन्हें स्कूल भी आवंटित किए जाने हैं। स्कूल आवंटन के दौरान शिक्षक और छात्रों के अनुपात को दरकिनार किया जाना है एक बड़ी समस्या है। लगातार शिक्षकों की भर्ती के बाद भी स्कूलों में शिक्षकों की कमी बनी रहती है।
अक्टूबर माह में हुई शिक्षक भर्ती में 824 शिक्षक नियुक्त किए गए। शहर के आसपास के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल आवंटन में मानक को दरकिनार किया गया, साथ ही छात्र-शिक्षक अनुपात का भी ध्यान नहीं रखा गया। कई विद्यालय ऐसे हैं जिनमें छात्रों के अनुपात के मुताबिक अधिक शिक्षक तैनात कर दिए गए। इससे स्कूलों की व्यवस्था पूरी तरीके से गड़बड़ा गई है। अधिकांश स्कूलों में कक्षा पांच तक के लिए कक्ष है लेकिन स्कूलों में 10 से भी अधिक शिक्षक तैनात हो गए हैं। प्राथमिक विद्यालय फरीदपुर भोगी में 159 छात्र नामांकन हैं, छात्रों के मुताबिक इस स्कूल में छह शिक्षक नए भेज दिए गए। इसके तहत अब स्कूल में कुल मिलाकर 15 शिक्षक हो गए हैं।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय फरीदपुर काजी कंपोजिट( एक कैंपस में बने प्राइमरी और जूनियर को मिलाकर बना ) स्कूल है। स्कूल में छात्र संख्या करीब 350 बताई जाती है।अक्टूबर के महीने में हुई शिक्षक भर्ती के सात नए शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। अब शिक्षकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। प्राथमिक विद्यालय इटावा में पहले से चार शिक्षक हैं। अक्टूबर में चार नए शिक्षक भेजने से शिक्षकों की संख्या आठ हो गई है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय धर्मनगरी कंपोजिट स्कूल हो गया है। इस विद्यालय में छात्रों के अनुपात में दो शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो मानक से अधिक बताए जाते हैं।प्राथमिक विद्यालय तरीकमपुर रूपचंद में भी छह नए शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। यह विद्यालय भी कंपोजिट विद्यालय है। छात्रों के अनुपात वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्राथमिक विद्यालय झलरा में सात नए शिक्षक भेजे गए हैं, यहां भी नई शिक्षक भर्ती होने से शिक्षकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। जो मानक से कापी अधिक है। दोनों स्कूलों को मिलाकर कक्षा कक्ष मात्र 10 हैं। पूरे प्रकरण में जब शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था शासन से हुई है। वह इसमें कुछ नहीं कर सकते।
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अधिकारियों ने जानकारी से इंकार
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार का कहना है कि नियुक्ति के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। दूसरी ओर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महेश चंद ने बताया कि शासन द्वारा उनसे रिक्त पदों वाले स्कूलों की सूची मांगी गई थी।विभाग से सूची शासन को भेजी गई थी। किस आधार पर स्कूल आवंटित किए गए हैं, इस बारे में उन्हें नहीं पता।
शिक्षक नेता बोले, 2019 की छात्रा के संख्या के आधार पर तैनाती गलत
प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी व जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राहुल राठी ने बताया कि शिक्षक की नई भर्ती वर्ष 2020 जुलाई की छात्र संख्या के आधार पर की जानी चाहिए। सितंबर 2019 की छात्र संख्या के आधार पर शिक्षक भर्ती की जाना सरासर गलत है।
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अक्टूबर माह में हुई शिक्षक भर्ती में 824 शिक्षक नियुक्त किए गए। शहर के आसपास के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल आवंटन में मानक को दरकिनार किया गया, साथ ही छात्र-शिक्षक अनुपात का भी ध्यान नहीं रखा गया। कई विद्यालय ऐसे हैं जिनमें छात्रों के अनुपात के मुताबिक अधिक शिक्षक तैनात कर दिए गए। इससे स्कूलों की व्यवस्था पूरी तरीके से गड़बड़ा गई है। अधिकांश स्कूलों में कक्षा पांच तक के लिए कक्ष है लेकिन स्कूलों में 10 से भी अधिक शिक्षक तैनात हो गए हैं। प्राथमिक विद्यालय फरीदपुर भोगी में 159 छात्र नामांकन हैं, छात्रों के मुताबिक इस स्कूल में छह शिक्षक नए भेज दिए गए। इसके तहत अब स्कूल में कुल मिलाकर 15 शिक्षक हो गए हैं।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय फरीदपुर काजी कंपोजिट( एक कैंपस में बने प्राइमरी और जूनियर को मिलाकर बना ) स्कूल है। स्कूल में छात्र संख्या करीब 350 बताई जाती है।अक्टूबर के महीने में हुई शिक्षक भर्ती के सात नए शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। अब शिक्षकों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है। प्राथमिक विद्यालय इटावा में पहले से चार शिक्षक हैं। अक्टूबर में चार नए शिक्षक भेजने से शिक्षकों की संख्या आठ हो गई है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय व प्राथमिक विद्यालय धर्मनगरी कंपोजिट स्कूल हो गया है। इस विद्यालय में छात्रों के अनुपात में दो शिक्षक नियुक्त किए गए हैं, जो मानक से अधिक बताए जाते हैं।प्राथमिक विद्यालय तरीकमपुर रूपचंद में भी छह नए शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। यह विद्यालय भी कंपोजिट विद्यालय है। छात्रों के अनुपात वह पूर्व माध्यमिक विद्यालय प्राथमिक विद्यालय झलरा में सात नए शिक्षक भेजे गए हैं, यहां भी नई शिक्षक भर्ती होने से शिक्षकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। जो मानक से कापी अधिक है। दोनों स्कूलों को मिलाकर कक्षा कक्ष मात्र 10 हैं। पूरे प्रकरण में जब शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था शासन से हुई है। वह इसमें कुछ नहीं कर सकते।
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अधिकारियों ने जानकारी से इंकार
ब्लॉक मोहम्मदपुर देवमल के खंड शिक्षा अधिकारी अजय कुमार का कहना है कि नियुक्ति के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। दूसरी ओर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महेश चंद ने बताया कि शासन द्वारा उनसे रिक्त पदों वाले स्कूलों की सूची मांगी गई थी।विभाग से सूची शासन को भेजी गई थी। किस आधार पर स्कूल आवंटित किए गए हैं, इस बारे में उन्हें नहीं पता।
शिक्षक नेता बोले, 2019 की छात्रा के संख्या के आधार पर तैनाती गलत
प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद चौधरी व जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष राहुल राठी ने बताया कि शिक्षक की नई भर्ती वर्ष 2020 जुलाई की छात्र संख्या के आधार पर की जानी चाहिए। सितंबर 2019 की छात्र संख्या के आधार पर शिक्षक भर्ती की जाना सरासर गलत है।