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बजट को कुछ ने राहत भरा बताया तो कोई बोला उम्मीद रह गई अधूरी
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भाजपा जिलाध्यक्ष सुभाष बाल्मीकि।
- फोटो : BIJNOR
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बजट को कुछ ने राहत भरा बताया तो कोई बोला उम्मीद रह गई अधूरी
बिजनौर। योगी सरकार 2.0 के पहले बजट से जिले को काफी उम्मीदे रहीं। नजीबाबाद चीनी मिल की क्षमता बढ़ोतरी का बजट में कोई जिक्र नहीं किया गया। हालांकि नलकूप की बिजली का बिल आधा कर दिए जाने से किसानों को राहत जरूर मिली है, जबकि किसान पूरा बिल माफ किए जाने की आस लगाए हुए थे।
बजट पर किसानों की मिली जुली प्रकिया रही। कुछ ने बजट को सही ठहराया तो कुछ ने उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने वाला बताया। उधर, पेंशन को दोगुना कर दिए जाने से बुजुर्गों, बेसहारा महिलाओं और दिव्यांगों को लाभ हुआ है। बढ़ती महंगाई को लेकर बजट से गृहणियों को निराशा हाथ लगी। वहीं व्यापारी और युवा वर्ग भी अपने अपने नजरिए से बजट की तुलना कर रहे हैं।
सहकारी चीनी मिल के लिए नहीं मिला बजट
बिजनौर मेडिकल कॉलेज हेतु बजट में धन का आवंटन किया गया है, उसके लिए सरकार का धन्यवाद। सिंचाई के लिए सरकार ने फ्री बिजली देने का वादा चुनाव में किया था उसमें 50 प्रतिशत की छूट दी है। लेकिन सरकार को अपना वादा पूरा करना चाहिए। फसलों के सही दाम देने की कोई व्यवस्था बजट में नहीं की गई है। इस बजट में नजीबाबाद शुगर मिल की क्षमता वृद्धि हेतु धन आवंटन किया जाएगा, लेकिन धन आवंटन नहीं होने से किसानों को निराशा मिली है। - दिगंबर सिंह, युवा प्रदेश अध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक
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फसल मूल्य का नहीं हुआ समाधान
इस बजट से किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए कोई ठोस कदम उठाने के संबंध में घोषणा की पूरी उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फसल मूल्य को लेकर किसान उम्मीद लगाए हुए थे। - संदीप त्यागी, मीडिया प्रभारी भाकियू
प्रदेश सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। सिर्फ बिजली बिल आधा कर दिए जाने से किसानों को खास राहत नहीं मिलेगी। पुरानी घोषणाओं को ही नए रूप में पेश किया गया है। - कैलाश लांबा, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
सरकार को बजट में व्यापारियों का ध्यान रखना चाहिए था। सरकार ने बजट में कृषि संबंधित सामानों पर टैक्स व अन्य किसी भी क्षेत्र में व्यापारी को कोई भी छूट नहीं दी। जबकि व्यापारी हमेशा सरकार का हितैषी रहा है। - अनुज गोयल, व्यापारी
यह बजट व्यापारियों के विरुद्ध है। सरकार को व्यापारियों के बारे में सोचना चाहिए था। व्यापारी को मजबूत करने के लिए बजट बनाना चाहिए था। जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सके। - अमित चौधरी
आम आदमी जरूरतों को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया है। जिससे सभी वर्गों को फायदा मिलेगा। खासकर ग्रामीण इलाकों के विकास पर सरकार ने ध्यान देने का प्रयास किया है। - शाकुंभरी देवी गृहिणी
बढ़ रही महंगाई के कारण रसोई का बजट बिगड़ रहा है। गैस के दाम काफी हो गए हैं। रसोई के लिए अब पहले से ज्यादा खर्च हो रहा है। बजट में महंगाई पर काबू करने का प्रयास होना चाहिए था। - रचना, गृहिणी
बजट पर जिलाध्यक्षों की राय
समाज के सभी वर्गों को छूते हुए बजट पास हुआ है। किसान सबको अन्न देता है, सरकार ने घोषणापत्र के अनुसार नलकूपों का बिजली बिल आधा करने का काम किया है। यह जनता का बजट है। सभी वर्ग के लोगों को इसका लाभ होगा।
-सुभाष वाल्मीकि, भाजपा जिलाध्यक्ष
पिछले पांच सालों की तरह यह बजट भी फेल रहेगा। ये लोग कहते कुछ और हैं तथा करते कुछ और। इनकी कथनी और करनी में अंतर होता है। आम जनता त्रस्त है। बजट में आम जनता के लिए कोई ठोस नीति नहीं है।
- राशिद हुसैन, सपा जिलाध्यक्ष
प्रदेश की जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला बजट है। यह बजट किसान, व्यापारी, मजदूर, गरीबों के खिलाफ है। अच्छे दिन दिखाकर प्रदेश की जनता को छला है। सरकार की कथनी और करनी में अंतर है।
- जितेंद्र सागर, बसपा जिलाध्यक्ष
आम जनता के लिए बजट निराशाजनक है। कोई सुविधा आम जनता को नहीं दी गई है और न ही सभी वर्गों का ख्याल किया गया है।
- अली अदनान, जिलाध्यक्ष रालोद
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बिजनौर। योगी सरकार 2.0 के पहले बजट से जिले को काफी उम्मीदे रहीं। नजीबाबाद चीनी मिल की क्षमता बढ़ोतरी का बजट में कोई जिक्र नहीं किया गया। हालांकि नलकूप की बिजली का बिल आधा कर दिए जाने से किसानों को राहत जरूर मिली है, जबकि किसान पूरा बिल माफ किए जाने की आस लगाए हुए थे।
बजट पर किसानों की मिली जुली प्रकिया रही। कुछ ने बजट को सही ठहराया तो कुछ ने उम्मीदों पर खरा नहीं उतरने वाला बताया। उधर, पेंशन को दोगुना कर दिए जाने से बुजुर्गों, बेसहारा महिलाओं और दिव्यांगों को लाभ हुआ है। बढ़ती महंगाई को लेकर बजट से गृहणियों को निराशा हाथ लगी। वहीं व्यापारी और युवा वर्ग भी अपने अपने नजरिए से बजट की तुलना कर रहे हैं।
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सहकारी चीनी मिल के लिए नहीं मिला बजट
बिजनौर मेडिकल कॉलेज हेतु बजट में धन का आवंटन किया गया है, उसके लिए सरकार का धन्यवाद। सिंचाई के लिए सरकार ने फ्री बिजली देने का वादा चुनाव में किया था उसमें 50 प्रतिशत की छूट दी है। लेकिन सरकार को अपना वादा पूरा करना चाहिए। फसलों के सही दाम देने की कोई व्यवस्था बजट में नहीं की गई है। इस बजट में नजीबाबाद शुगर मिल की क्षमता वृद्धि हेतु धन आवंटन किया जाएगा, लेकिन धन आवंटन नहीं होने से किसानों को निराशा मिली है। - दिगंबर सिंह, युवा प्रदेश अध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक
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फसल मूल्य का नहीं हुआ समाधान
इस बजट से किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए कोई ठोस कदम उठाने के संबंध में घोषणा की पूरी उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फसल मूल्य को लेकर किसान उम्मीद लगाए हुए थे। - संदीप त्यागी, मीडिया प्रभारी भाकियू
प्रदेश सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में किसानों के लिए कुछ खास नहीं है। सिर्फ बिजली बिल आधा कर दिए जाने से किसानों को खास राहत नहीं मिलेगी। पुरानी घोषणाओं को ही नए रूप में पेश किया गया है। - कैलाश लांबा, राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन
सरकार को बजट में व्यापारियों का ध्यान रखना चाहिए था। सरकार ने बजट में कृषि संबंधित सामानों पर टैक्स व अन्य किसी भी क्षेत्र में व्यापारी को कोई भी छूट नहीं दी। जबकि व्यापारी हमेशा सरकार का हितैषी रहा है। - अनुज गोयल, व्यापारी
यह बजट व्यापारियों के विरुद्ध है। सरकार को व्यापारियों के बारे में सोचना चाहिए था। व्यापारी को मजबूत करने के लिए बजट बनाना चाहिए था। जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सके। - अमित चौधरी
आम आदमी जरूरतों को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया है। जिससे सभी वर्गों को फायदा मिलेगा। खासकर ग्रामीण इलाकों के विकास पर सरकार ने ध्यान देने का प्रयास किया है। - शाकुंभरी देवी गृहिणी
बढ़ रही महंगाई के कारण रसोई का बजट बिगड़ रहा है। गैस के दाम काफी हो गए हैं। रसोई के लिए अब पहले से ज्यादा खर्च हो रहा है। बजट में महंगाई पर काबू करने का प्रयास होना चाहिए था। - रचना, गृहिणी
बजट पर जिलाध्यक्षों की राय
समाज के सभी वर्गों को छूते हुए बजट पास हुआ है। किसान सबको अन्न देता है, सरकार ने घोषणापत्र के अनुसार नलकूपों का बिजली बिल आधा करने का काम किया है। यह जनता का बजट है। सभी वर्ग के लोगों को इसका लाभ होगा।
-सुभाष वाल्मीकि, भाजपा जिलाध्यक्ष
पिछले पांच सालों की तरह यह बजट भी फेल रहेगा। ये लोग कहते कुछ और हैं तथा करते कुछ और। इनकी कथनी और करनी में अंतर होता है। आम जनता त्रस्त है। बजट में आम जनता के लिए कोई ठोस नीति नहीं है।
- राशिद हुसैन, सपा जिलाध्यक्ष
प्रदेश की जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला बजट है। यह बजट किसान, व्यापारी, मजदूर, गरीबों के खिलाफ है। अच्छे दिन दिखाकर प्रदेश की जनता को छला है। सरकार की कथनी और करनी में अंतर है।
- जितेंद्र सागर, बसपा जिलाध्यक्ष
आम जनता के लिए बजट निराशाजनक है। कोई सुविधा आम जनता को नहीं दी गई है और न ही सभी वर्गों का ख्याल किया गया है।
- अली अदनान, जिलाध्यक्ष रालोद

बसपा जिलाध्यक्ष जितेंद्र सागर।- फोटो : BIJNOR

सपा जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन।- फोटो : BIJNOR

रालोद जिलाध्यक्ष अली अदनान।- फोटो : BIJNOR

संदीप त्यागी।- फोटो : BIJNOR

व्यापारी अनुज गोयल।- फोटो : BIJNOR

व्यापारी अमित चौधरी।- फोटो : BIJNOR

गृहणी शांकुभरी देवी।- फोटो : BIJNOR

गृहणी रचना।- फोटो : BIJNOR

दिगम्बर सिंह।- फोटो : BIJNOR

कैलाश लांबा।- फोटो : BIJNOR