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बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है...
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बहना ने भाई की कलाई पर प्यार बांधा है...
बिजनौर। जिलेभर में रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही जहां सड़कों पर भीड़ शुरू हो गई थी। वहीं मिठाइयों की दुकान पर भीड़ नजर आई। राखी बांधने के लिए गंतव्य तक जाने के लिए रोडवेज पर भारी भीड़ नजर आई। रोडवेज की बसें खचाखच भरी नजर आ रही थीं। वहीं चौराहों पर सुबह से ही पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए, ताकि जाम की स्थिति न बने। उधर, जहां बहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की दुआ की, वहीं भाइयों ने रक्षा का वचन देने के साथ-साथ उन्हें उपहार भी दिए।
रविवार सुबह से ही सड़कों पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सबसे ज्यादा भीड़ सड़कों पर कारों और दुपहिया वाहनों की थी। वहीं हजारों लोगों ने रोडवेज बस का सहारा लिया। सुबह के समय ही बिजनौर रोडवेज अड्डे समेत जिलेभर में बने बस अड्डों पर भीड़ लग गई। बसों में सवार होने के लिए लोगों ने बच्चों को खिड़कियों से अंदर धकेल दिया, ताकि सीट रिजर्व हो जाए। बसें खचाखच भरकर चल रही थी। उधर रोडवेज बस में महिलाओं के लिए फ्री यात्रा का प्रबंध किया गया था। इसे भी भीड़ बढ़ने का कारण माना जा रहा है। अधिकांश ने रोडवेज का सहारा लिया। वहीं लोग अपने निजी वाहनों से भी आ जा रहे थे। बिजनौर शहर की बात करें तो सुबह के समय शास्त्री चौक, जानी का चौराहा में भीड़ नजर आई। वहीं रविवार की देर रात तक बाजार खुले थे, बाजारों में खरीदारी हो रही थी। पुलिस प्रशासन ने चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी थी, जिससे जाम की स्थिति न बन सके।
सवा छह बजे से ही शुरू हो गया था शुभ मुहूर्त
प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। बहनों ने शुभ मुहूर्त के अनुसार सुबह सवा छह बजे से ही अपने भाइयों को राखियां बांधनी शुरू कर दी थीं। बहनों ने मंगल तिलक कर उनकी कलाई पर राखी बांधते हुए ईश्वर से उनकी दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने भी जीवन भर अपनी रक्षा का वचन भाइयों को दिया और अपनी बहन को खुश करने के लिए तोहफा के अलावा कपड़े नगदी आदि दी।
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छोटे बच्चों में दिखा उत्साह
रक्षाबंधन पर्व को लेकर छोटे बच्चों में भी अधिक उत्साह था। छोटी बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखियां बांधने के लिए काफी उत्सुक दिखीं। बड़े उत्साह के साथ उन्होंने भाई की कलाई पर राखी बांधी। पूरे दिन त्योहार की परंपराएं चलती रहीं। कोई बहन अपने भाई के घर गई तो कोई भाई अपनी बहन के घर पहुंचा। सड़कों पर देर शाम तक आवाजाही बनी रही। हालांकि इस दौरान बाजार सूने रहे। अधिकांश दुकानें बंद रहीं। बहनों ने भाइयों के कलाई पर रेशम की डोर से प्यार बांधा।
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बिजनौर। जिलेभर में रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही जहां सड़कों पर भीड़ शुरू हो गई थी। वहीं मिठाइयों की दुकान पर भीड़ नजर आई। राखी बांधने के लिए गंतव्य तक जाने के लिए रोडवेज पर भारी भीड़ नजर आई। रोडवेज की बसें खचाखच भरी नजर आ रही थीं। वहीं चौराहों पर सुबह से ही पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए, ताकि जाम की स्थिति न बने। उधर, जहां बहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की दुआ की, वहीं भाइयों ने रक्षा का वचन देने के साथ-साथ उन्हें उपहार भी दिए।
रविवार सुबह से ही सड़कों पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। सबसे ज्यादा भीड़ सड़कों पर कारों और दुपहिया वाहनों की थी। वहीं हजारों लोगों ने रोडवेज बस का सहारा लिया। सुबह के समय ही बिजनौर रोडवेज अड्डे समेत जिलेभर में बने बस अड्डों पर भीड़ लग गई। बसों में सवार होने के लिए लोगों ने बच्चों को खिड़कियों से अंदर धकेल दिया, ताकि सीट रिजर्व हो जाए। बसें खचाखच भरकर चल रही थी। उधर रोडवेज बस में महिलाओं के लिए फ्री यात्रा का प्रबंध किया गया था। इसे भी भीड़ बढ़ने का कारण माना जा रहा है। अधिकांश ने रोडवेज का सहारा लिया। वहीं लोग अपने निजी वाहनों से भी आ जा रहे थे। बिजनौर शहर की बात करें तो सुबह के समय शास्त्री चौक, जानी का चौराहा में भीड़ नजर आई। वहीं रविवार की देर रात तक बाजार खुले थे, बाजारों में खरीदारी हो रही थी। पुलिस प्रशासन ने चौराहों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी थी, जिससे जाम की स्थिति न बन सके।
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सवा छह बजे से ही शुरू हो गया था शुभ मुहूर्त
प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व मनाया जाता है। बहनों ने शुभ मुहूर्त के अनुसार सुबह सवा छह बजे से ही अपने भाइयों को राखियां बांधनी शुरू कर दी थीं। बहनों ने मंगल तिलक कर उनकी कलाई पर राखी बांधते हुए ईश्वर से उनकी दीर्घायु की कामना की। भाइयों ने भी जीवन भर अपनी रक्षा का वचन भाइयों को दिया और अपनी बहन को खुश करने के लिए तोहफा के अलावा कपड़े नगदी आदि दी।
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छोटे बच्चों में दिखा उत्साह
रक्षाबंधन पर्व को लेकर छोटे बच्चों में भी अधिक उत्साह था। छोटी बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखियां बांधने के लिए काफी उत्सुक दिखीं। बड़े उत्साह के साथ उन्होंने भाई की कलाई पर राखी बांधी। पूरे दिन त्योहार की परंपराएं चलती रहीं। कोई बहन अपने भाई के घर गई तो कोई भाई अपनी बहन के घर पहुंचा। सड़कों पर देर शाम तक आवाजाही बनी रही। हालांकि इस दौरान बाजार सूने रहे। अधिकांश दुकानें बंद रहीं। बहनों ने भाइयों के कलाई पर रेशम की डोर से प्यार बांधा।

हल्दौर में रक्षा बंधन पर भाई को राखी बांधती बहन।- फोटो : BIJNOR

अफजलगढ़ में भाई को राखी बांधती बहन।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में रक्षा बंधन पर रोडवेज पर उमड़ी भारी भीड़।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में रक्षा बंधन पर रोडवेज पर उमड़ी भारी भीड़।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में रक्षा बंधन पर बस में सीट पाने के लिए बच्चे को इस तरह अंदर धकेलते परिजन।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर में रक्षा बंधन पर बस में सीट पाने के लिए बच्चे को इस तरह अंदर धकेलते परिजन।- फोटो : BIJNOR