{"_id":"606f47ef8ebc3e8d2f3e7072","slug":"shops-sold-to-make-wife-a-grampradhan-bijnor-news-mrt533617445","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी को ग्रामप्रधान बनाने के लिए बेच दीं दुकानें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पत्नी को ग्रामप्रधान बनाने के लिए बेच दीं दुकानें
विज्ञापन
अनीस सलमानी।
- फोटो : BIJNOR
पत्नी को ग्रामप्रधान बनाने के लिए बेच दीं दुकानें
बिजनौर। पत्नी को ग्राम प्रधान बनाने के लिए एक व्यक्ति ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है। गांव चांदपुर फेरू का अनीस सलमानी मुंबई में पिछले 30 साल से कारोबार कर रहा था। वहां उसने दो सैलून को दुकान भी बना ली थीं। इन दोनों दुकानों को बेचकर अनीस सलमानी पत्नी को चुनाव लड़ाने गांव आ गया है। ग्राम प्रधान की सीट महिला के लिए आरक्षित है। इसलिए वह पत्नी को चुनाव लड़ा रहा है। महिला के लिए सीट आरक्षित न होती तो वह खुद चुनाव लड़ता।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान बनने के लिए चुनाव लड़ने वालों में होड़ लगी हुई है। ग्राम प्रधान बनने के लिए चुनाव लड़ने वाले हर तरह का दांव खेल रहे है। मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के गांव चांदपुर फेरू निवासी अनीस सलमानी दो बार ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ चुके हैं। पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पिछले पांच साल से वह चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। एक एक वोटर को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। अनीस सलमानी मुंबई में कारोबार करते हैं। जब भी गांव आए तो गांव वालों के संपर्क में रहे। मुंबई में रह कर मोबाइल फोन के जरिए गांव वालों को अपने से जोड़ते रहे।
कोरोना काल में पिछले साल वह गांव आ गए और पूरी ताकत के साथ चुनाव की तैयारी में जुट गए। मुंबई में अनीस सलमानी ने सैलून की दो अपनी दुकानें बना ली थीं। ये उनका बड़ा करोबार रहा। लेकिन पत्नी को ग्राम प्रधान बनाने के लिए उन्होंने इन दोनों दुकानों को बेच दिया है। गांव वालों से कहा कि अब वह गांव से नहीं जाएंगे तथा गांव में ही कोई कारोबार करेंगे। गांव की सीट महिला के लिए आरक्षित है इसलिए अनीस सलमानी ने चुनाव मैदान में अपनी पत्नी को उतारा है। सीट सामान्य होती तो वह खुद चुनाव लड़ते। अनीस का कहना है कि इस बार उन्होंने पत्नी को ग्राम प्रधान बनाने की तैयारी कर ली है। गांव में करीब 1400 मतदाता हैं। सभी के वह संपर्क में हैं। सभी वोटरों को अपने पाले में करने की कोशिश में लगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। पत्नी को ग्राम प्रधान बनाने के लिए एक व्यक्ति ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है। गांव चांदपुर फेरू का अनीस सलमानी मुंबई में पिछले 30 साल से कारोबार कर रहा था। वहां उसने दो सैलून को दुकान भी बना ली थीं। इन दोनों दुकानों को बेचकर अनीस सलमानी पत्नी को चुनाव लड़ाने गांव आ गया है। ग्राम प्रधान की सीट महिला के लिए आरक्षित है। इसलिए वह पत्नी को चुनाव लड़ा रहा है। महिला के लिए सीट आरक्षित न होती तो वह खुद चुनाव लड़ता।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान बनने के लिए चुनाव लड़ने वालों में होड़ लगी हुई है। ग्राम प्रधान बनने के लिए चुनाव लड़ने वाले हर तरह का दांव खेल रहे है। मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के गांव चांदपुर फेरू निवासी अनीस सलमानी दो बार ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ चुके हैं। पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा। पिछले पांच साल से वह चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। एक एक वोटर को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे हैं। अनीस सलमानी मुंबई में कारोबार करते हैं। जब भी गांव आए तो गांव वालों के संपर्क में रहे। मुंबई में रह कर मोबाइल फोन के जरिए गांव वालों को अपने से जोड़ते रहे।
विज्ञापन
कोरोना काल में पिछले साल वह गांव आ गए और पूरी ताकत के साथ चुनाव की तैयारी में जुट गए। मुंबई में अनीस सलमानी ने सैलून की दो अपनी दुकानें बना ली थीं। ये उनका बड़ा करोबार रहा। लेकिन पत्नी को ग्राम प्रधान बनाने के लिए उन्होंने इन दोनों दुकानों को बेच दिया है। गांव वालों से कहा कि अब वह गांव से नहीं जाएंगे तथा गांव में ही कोई कारोबार करेंगे। गांव की सीट महिला के लिए आरक्षित है इसलिए अनीस सलमानी ने चुनाव मैदान में अपनी पत्नी को उतारा है। सीट सामान्य होती तो वह खुद चुनाव लड़ते। अनीस का कहना है कि इस बार उन्होंने पत्नी को ग्राम प्रधान बनाने की तैयारी कर ली है। गांव में करीब 1400 मतदाता हैं। सभी के वह संपर्क में हैं। सभी वोटरों को अपने पाले में करने की कोशिश में लगे हैं।
विज्ञापन