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दुकानों, मकानों में घुुसा पानी, फसलें जलमग्न
बिजनाैर/अमर उजाला/ब्यूराे
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:17 AM IST
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अफजलगढ़ में बस्ती में भरा बारिश का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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अफजलगढ़ में दो दिन से हो रही बारिश के चलते नचना नदी में आए उफान से अफजलगढ़ नगर और इसके आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। बाढ़ का पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुसने से उनका भारी नुकसान हो गया है।
मेन बाजार, रामलीला मार्केट, सब्जी मंडी में तीन से चार फीट पानी भरा है। शनिवार रात हुई बारिश के कारण कालागढ़ रोड बस स्टैंड जामा मस्जिद, मोहल्ला किला, चिरंजीलाल, गौहरअली खां बेगमसराय, जैनुलाबेदीन, मोहल्ला किला गड्ढा कॉलोनी, शिव मंदिर, सरकारी अस्पताल में कई फीट पानी के जमा होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी अस्पताल के अंदर भी डिस्पेंसरी, आपरेशन थियेटर, एक्सरे रूम, दवाघर और आवासीय कॉलोनी में पानी भरा है।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के समीप झोपड़ियों में रहने वाले विरान हो गए। इन लोगों ने झोपड़ियों से निकल कर सड़क पर पॉलिथीन डाल शरण ली।
कब्जा करने वालों पर होगी कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम आलोक कुमार यादव का कहना है कि नदी की प्राकृतिक जमीन पर जिन लोगों ने कब्जा कर नाले का आकार देने का काम किया है। उनके कब्जे को हटाकर पूर्ववर्ती आकार में लाने का प्रयास होगा। स्थानीय अधिकारियों से मामले की जांच कराई जाएगी, जमीन की पैमाइश कराने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई भी होगी। उन्होंने अफजलगढ़ क्षेत्र का दौरा कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया।
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अभी नहीं बाढ़ जैसे हालात : एक्सईएन
धामपुरमें अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि बारिश से अभी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात कहीं नहीं हैं। खो नदी में 1.20 लाख क्यूसेक क्षमता के सापेक्ष केवल 43 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। कालागढ़ डैम अभी खाली है। डैम की क्षमता 365 मीटर की है। पर अभी तक 227.700 मीटर तक ही पानी एकत्र हो सका है। हरिद्वार से गंगा में 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि बिजनौर बैराज से गंगा की क्षमता 6 लाख 50 हजार क्यूसेक के सापेक्ष केवल 1.20 लाख क्यूसेक पानी की गंगा में चल रहा है। दो दिन से हो रही बारिश के मद्देनजर उनके द्वारा निर्धारित बाढ़ निगरानी चौकियों का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों, कर्मचारियों को अलर्ट रहने के लिए निर्देशित किया जा चुका है।
रेहड़ में बारिश से आई आफत
रेहड़। गांव पुक्खेवाला, मोहम्मद अलीपुर पट्टाघाट, केहरीपुर जंगल, दहलावाला, जाब्तानगर, ढकिया, माधोवाला, बादिगढ़, कासमपुरगढ़ी में कई लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुसने से उनका लाखों का सामान बर्बाद हो गया। नरेश गिरी का मकान, हरि सिंह कश्यप की दीवार गिर गई। गांव के इकरामुद्दीन की पशुशाला में टीनशेड गिरने से ट्रैक्टर मलबे में दब गया। वहां बंधी दो भैंस, एक गाय जख्मी हो गई। केहरीपुर के जंगल में वन विभाग की चौकी जलमग्न हो गई। गांव घासीवाला के हरवेंद्र सिंह का कहना है कि धारा नदी के कटान से किसानों की कई एकड़ गन्ने की फसल नष्ट हो गई। गांव ढकिया के बलदेव शर्मा, संदीप शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, जोगा सिंह का कहना है कि बरसात से मार्ग का संपर्क कट जाने से परेशानी हो रही है। वहीं, जेई पीली बांध जलाशय लोकेंद्र सिंह का कहना है कि रात एक बजे छह हजार क्यूसेक पानी पीलीडैम बैराज से बनैली नदी में छोड़ा गया है। फिलहाल 834.50 फीट पानी जलाशय में है।
बनैली नदी में उफान, गांवों में बाढ़ का खतरा
अफजलगढ़ में भूतपुरी में बनैली नदी में उफान आने से तट पर बसे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गांव आलमपुर गांवड़ी, शाहपुर जमाल, माननगर, भूतपुरी, चतरपुर, मनोहरवाली, दल्लीवाला में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। दल्लीबाला की नई बस्ती में बनैली नदी का कई फीट पानी घरों में घुस गया। ओमप्रकाश, सुनील कुमार की दीवार गिर गई। परसादी सिंह, मूलचंद, हरिओम सिंह, हरिराज सिंह, यशोदा देवी, ओमप्रकाश, बलबीर, अमर सिंह, गिरिराज, रामवीर, ओमप्रकाश सिंह, प्रेम कुमार के घरों में बनैली नदी का भर गया। मनोहरवाली के मेहरबान के मुर्गी फार्म में पानी भर गया। जमाल माननगर का संपर्क मार्ग टूट गया। बारिश का पानी भूतपुरी जसपुर मार्ग पर बह रहा है, जिससे दुपहिया वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है। हरेवली में रामगंगा बैराज के 20 गेटों में से तीन को उठा दिया गया है। ओगली नदी भी उफान पर है।
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मेन बाजार, रामलीला मार्केट, सब्जी मंडी में तीन से चार फीट पानी भरा है। शनिवार रात हुई बारिश के कारण कालागढ़ रोड बस स्टैंड जामा मस्जिद, मोहल्ला किला, चिरंजीलाल, गौहरअली खां बेगमसराय, जैनुलाबेदीन, मोहल्ला किला गड्ढा कॉलोनी, शिव मंदिर, सरकारी अस्पताल में कई फीट पानी के जमा होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी अस्पताल के अंदर भी डिस्पेंसरी, आपरेशन थियेटर, एक्सरे रूम, दवाघर और आवासीय कॉलोनी में पानी भरा है।
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राजकीय कन्या इंटर कॉलेज के समीप झोपड़ियों में रहने वाले विरान हो गए। इन लोगों ने झोपड़ियों से निकल कर सड़क पर पॉलिथीन डाल शरण ली।
कब्जा करने वालों पर होगी कार्रवाई : एसडीएम
एसडीएम आलोक कुमार यादव का कहना है कि नदी की प्राकृतिक जमीन पर जिन लोगों ने कब्जा कर नाले का आकार देने का काम किया है। उनके कब्जे को हटाकर पूर्ववर्ती आकार में लाने का प्रयास होगा। स्थानीय अधिकारियों से मामले की जांच कराई जाएगी, जमीन की पैमाइश कराने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई भी होगी। उन्होंने अफजलगढ़ क्षेत्र का दौरा कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया।
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अभी नहीं बाढ़ जैसे हालात : एक्सईएन
धामपुरमें अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि बारिश से अभी क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात कहीं नहीं हैं। खो नदी में 1.20 लाख क्यूसेक क्षमता के सापेक्ष केवल 43 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। कालागढ़ डैम अभी खाली है। डैम की क्षमता 365 मीटर की है। पर अभी तक 227.700 मीटर तक ही पानी एकत्र हो सका है। हरिद्वार से गंगा में 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। जबकि बिजनौर बैराज से गंगा की क्षमता 6 लाख 50 हजार क्यूसेक के सापेक्ष केवल 1.20 लाख क्यूसेक पानी की गंगा में चल रहा है। दो दिन से हो रही बारिश के मद्देनजर उनके द्वारा निर्धारित बाढ़ निगरानी चौकियों का निरीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों, कर्मचारियों को अलर्ट रहने के लिए निर्देशित किया जा चुका है।
रेहड़ में बारिश से आई आफत
रेहड़। गांव पुक्खेवाला, मोहम्मद अलीपुर पट्टाघाट, केहरीपुर जंगल, दहलावाला, जाब्तानगर, ढकिया, माधोवाला, बादिगढ़, कासमपुरगढ़ी में कई लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुसने से उनका लाखों का सामान बर्बाद हो गया। नरेश गिरी का मकान, हरि सिंह कश्यप की दीवार गिर गई। गांव के इकरामुद्दीन की पशुशाला में टीनशेड गिरने से ट्रैक्टर मलबे में दब गया। वहां बंधी दो भैंस, एक गाय जख्मी हो गई। केहरीपुर के जंगल में वन विभाग की चौकी जलमग्न हो गई। गांव घासीवाला के हरवेंद्र सिंह का कहना है कि धारा नदी के कटान से किसानों की कई एकड़ गन्ने की फसल नष्ट हो गई। गांव ढकिया के बलदेव शर्मा, संदीप शर्मा, वीरेंद्र शर्मा, जोगा सिंह का कहना है कि बरसात से मार्ग का संपर्क कट जाने से परेशानी हो रही है। वहीं, जेई पीली बांध जलाशय लोकेंद्र सिंह का कहना है कि रात एक बजे छह हजार क्यूसेक पानी पीलीडैम बैराज से बनैली नदी में छोड़ा गया है। फिलहाल 834.50 फीट पानी जलाशय में है।
बनैली नदी में उफान, गांवों में बाढ़ का खतरा
अफजलगढ़ में भूतपुरी में बनैली नदी में उफान आने से तट पर बसे कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गांव आलमपुर गांवड़ी, शाहपुर जमाल, माननगर, भूतपुरी, चतरपुर, मनोहरवाली, दल्लीवाला में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। दल्लीबाला की नई बस्ती में बनैली नदी का कई फीट पानी घरों में घुस गया। ओमप्रकाश, सुनील कुमार की दीवार गिर गई। परसादी सिंह, मूलचंद, हरिओम सिंह, हरिराज सिंह, यशोदा देवी, ओमप्रकाश, बलबीर, अमर सिंह, गिरिराज, रामवीर, ओमप्रकाश सिंह, प्रेम कुमार के घरों में बनैली नदी का भर गया। मनोहरवाली के मेहरबान के मुर्गी फार्म में पानी भर गया। जमाल माननगर का संपर्क मार्ग टूट गया। बारिश का पानी भूतपुरी जसपुर मार्ग पर बह रहा है, जिससे दुपहिया वाहनों का आवागमन बाधित हो गया है। हरेवली में रामगंगा बैराज के 20 गेटों में से तीन को उठा दिया गया है। ओगली नदी भी उफान पर है।