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तालाब लाहककला का, सुंदरीकरण करा रही शाहबपुरा उमराव पंचायत
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मंडावली के गांव शाहबपुरा उमराव में तालाब की खुदाई करते मनरेगा श्रमिक।
- फोटो : NAZIBABAD
तालाब लाहककला का, सुंदरीकरण करा रही शाहबपुरा उमराव पंचायत
मंडावली। ग्राम पंचायत लाहककला के तालाब का सुंदरीकरण ग्राम पंचायत शाहबपुरा उमराव की ओर से कराया जा रहा है। लाहककला के प्रधान ने इसका विरोध किया तो मामला उजागर हुआ। तालाब की नापतोल के बाद दोनों प्रधानों में तालाब के सुंदरीकरण कराने को लेकर सहमति बनी है।
ग्राम पंचायत शाहबपुरा उमराव के कुछ ग्रामीणों ने गांव के पास एक तालाब पर अवैध कब्जा होने की शिकायत की थी। एसडीएम के आदेश पर गांव शाहबपुरा उमराव की प्रधान इमराना के जनप्रतिनिधि शमशाद ने मनरेगा मजदूरों से तालाब का सुंदरीकरण कार्य कराया। तालाब पर कार्य होने की सूचना पर ग्राम पंचायत लाहककला के प्रधान राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और सुंदरीकरण कार्य रुकवाया। प्रधान राकेश कुमार का कहना था कि यह तालाब उनकी ग्राम पंचायत का है, जिस पर दूसरी पंचायत की ओर से कार्य कराना गलत है। इसी बात पर दोनों प्रधानों में जमकर बहस हुई।
सूचना पर हल्का लेखपाल वेदपाल सिंह मौके पर पहुंचे और तालाब की नापतोल की। नापतोल में तालाब लाहककला ग्राम पंचायत का पाया गया। उधर, मनरेगा के जेई विनोद कुमार का कहना है कि तालाब पर कार्य होते हुए तीन दिन हो चुके हैं और शाहबपूरा उमराव के मनरेगा मजदूरों के मस्टरोल भी बना दिए गए हैं। इसे रद्द कर दिया गया तो मनरेगा के मजदूरों को वेतन का भुगतान नहीं होगा। मनरेगा के जेई के बयान के बाद दोनों प्रधानों ने आपस में समझौता किया और शाहबपुरा उमराव के मनरेगा मजदूरों ने गांव लाहककला के तालाब का सुंदरीकरण कार्य किया।
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मंडावली। ग्राम पंचायत लाहककला के तालाब का सुंदरीकरण ग्राम पंचायत शाहबपुरा उमराव की ओर से कराया जा रहा है। लाहककला के प्रधान ने इसका विरोध किया तो मामला उजागर हुआ। तालाब की नापतोल के बाद दोनों प्रधानों में तालाब के सुंदरीकरण कराने को लेकर सहमति बनी है।
ग्राम पंचायत शाहबपुरा उमराव के कुछ ग्रामीणों ने गांव के पास एक तालाब पर अवैध कब्जा होने की शिकायत की थी। एसडीएम के आदेश पर गांव शाहबपुरा उमराव की प्रधान इमराना के जनप्रतिनिधि शमशाद ने मनरेगा मजदूरों से तालाब का सुंदरीकरण कार्य कराया। तालाब पर कार्य होने की सूचना पर ग्राम पंचायत लाहककला के प्रधान राकेश कुमार मौके पर पहुंचे और सुंदरीकरण कार्य रुकवाया। प्रधान राकेश कुमार का कहना था कि यह तालाब उनकी ग्राम पंचायत का है, जिस पर दूसरी पंचायत की ओर से कार्य कराना गलत है। इसी बात पर दोनों प्रधानों में जमकर बहस हुई।
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सूचना पर हल्का लेखपाल वेदपाल सिंह मौके पर पहुंचे और तालाब की नापतोल की। नापतोल में तालाब लाहककला ग्राम पंचायत का पाया गया। उधर, मनरेगा के जेई विनोद कुमार का कहना है कि तालाब पर कार्य होते हुए तीन दिन हो चुके हैं और शाहबपूरा उमराव के मनरेगा मजदूरों के मस्टरोल भी बना दिए गए हैं। इसे रद्द कर दिया गया तो मनरेगा के मजदूरों को वेतन का भुगतान नहीं होगा। मनरेगा के जेई के बयान के बाद दोनों प्रधानों ने आपस में समझौता किया और शाहबपुरा उमराव के मनरेगा मजदूरों ने गांव लाहककला के तालाब का सुंदरीकरण कार्य किया।
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