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35 सरकारी आवासों का हुआ ध्वस्तीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 06 Jun 2017 11:58 PM IST
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कालागढ़ में ध्वस्तीकरण के बाद टूटा पड़ा सरकारी आवास।
- फोटो : अमर उजाला
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कालागढ़ में उत्तर प्रदेश के रामगंगा बांध परियोजना की नई कालोनी में एनजीटी के आदेशों का पालन करने के दौरान प्रशासन ने 35 तक राजकीय आवासों का ध्वस्तीकरण किया। शिविर प्रबंध खंड के ईई के अनुसार सिंचाई विभाग के 22, वन विभाग के 9 आवासों का ध्वस्तीकरण किया गया। 1.5 हेक्टेयर भूमि भी वन विभाग को सौंपी गई। एसडीएम राकेश तिवारी के अनुसार कालागढ़ में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की सीडी व समस्त कार्रवाई सात जून को एनजीटी में पेश की जाएगी।
रामगंगा बांध परियोजना की नई कालोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई मे 35 आवासों का ध्वस्तीकरण किया गया। प्रशासन, वन विभाग व सिंचाई विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में जहां रिक्त आवासों को ध्वस्त करने की बात कही गई। वहीं कुछ ऐसे भी आवास है, जिनमें रह रहे नागरिकों के आवासों को नुकसान पहुंचा है।
राकेश कुमार का कहना है कि वह डी 44 में रहता है। ध्वस्तीकरण के दौरान उसके मकान को भी क्षति पहुंची है, जिससे उसके परिवार को परेशानी हो रही है। इसके अलावा वन विभाग के श्रमिक खेमानंद देवली का कहना है कि उसके पड़ोस का आवास तोड़ा गया, जिससे उसके आवास की दीवारों व लेंटर में दरारें आ गई हैं। मकान कभी भी ध्वस्त हो सकता है, जिससे उसके परिवार को खतरा है।
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रामगंगा बांध परियोजना की नई कालोनी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई मे 35 आवासों का ध्वस्तीकरण किया गया। प्रशासन, वन विभाग व सिंचाई विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई में जहां रिक्त आवासों को ध्वस्त करने की बात कही गई। वहीं कुछ ऐसे भी आवास है, जिनमें रह रहे नागरिकों के आवासों को नुकसान पहुंचा है।
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राकेश कुमार का कहना है कि वह डी 44 में रहता है। ध्वस्तीकरण के दौरान उसके मकान को भी क्षति पहुंची है, जिससे उसके परिवार को परेशानी हो रही है। इसके अलावा वन विभाग के श्रमिक खेमानंद देवली का कहना है कि उसके पड़ोस का आवास तोड़ा गया, जिससे उसके आवास की दीवारों व लेंटर में दरारें आ गई हैं। मकान कभी भी ध्वस्त हो सकता है, जिससे उसके परिवार को खतरा है।
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