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पेट्रोल पंप लूट में सुनाई गई सजा को रखा कायम
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पेट्रोल पंप लूट में सुनाई गई सजा को रखा कायम
बिजनौर। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार राणा ने पेट्रोल पंप पर लूट करने वाले विपिन और मिनुत की अपील खारिज करते हुए उन्हें निचली अदालत ने सुनाई गई सात साल की सजा को कायम रखा है।
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार गांव हाजीपुर निवासी देवदत्त ने रिपोर्ट लिखाई थी कि 31 मई 2012 को दोपहर के डेढ़ बजे हीरो होंडा मोटरसाइकिल से तीन लड़के जलालाबाद स्थित देव फिलिंग स्टेशन पर आए। उन्होंने पेट्रोल पंप पर सेल्समैन सोनू और सुनील शर्मा के ऊपर तमंचे तान दिए। सेल्समैनों से 26-27 हजार रुपये लूट लिए। इस मामले में नजीबाबाद पुलिस ने विपिन और मुनित निवासी गांव भरैकी, थाना किरतपुर को गिरफ्तार किया। उनसे अवैध तमंचे, लूटी हुई धनराशि बरामद हुई थी। इस मामले में सुनवाई के बाद एसीजेएम कोर्ट नंबर तीन बिजनौर ने 28 सितंबर 2015 को विपिन और मुनित को सात वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
इस सजा के खिलाफ दोनों की तरफ से सत्र न्यायालय में अपील की गई थी। इस अपील की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। कोर्ट ने इन दोनों को सुनाई गई सजा को सही माना है। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के मामले कोई विधिक त्रुटि नहीं है।
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बिजनौर। एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार राणा ने पेट्रोल पंप पर लूट करने वाले विपिन और मिनुत की अपील खारिज करते हुए उन्हें निचली अदालत ने सुनाई गई सात साल की सजा को कायम रखा है।
शासकीय अधिवक्ता प्रमोद शर्मा के अनुसार गांव हाजीपुर निवासी देवदत्त ने रिपोर्ट लिखाई थी कि 31 मई 2012 को दोपहर के डेढ़ बजे हीरो होंडा मोटरसाइकिल से तीन लड़के जलालाबाद स्थित देव फिलिंग स्टेशन पर आए। उन्होंने पेट्रोल पंप पर सेल्समैन सोनू और सुनील शर्मा के ऊपर तमंचे तान दिए। सेल्समैनों से 26-27 हजार रुपये लूट लिए। इस मामले में नजीबाबाद पुलिस ने विपिन और मुनित निवासी गांव भरैकी, थाना किरतपुर को गिरफ्तार किया। उनसे अवैध तमंचे, लूटी हुई धनराशि बरामद हुई थी। इस मामले में सुनवाई के बाद एसीजेएम कोर्ट नंबर तीन बिजनौर ने 28 सितंबर 2015 को विपिन और मुनित को सात वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई थी।
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इस सजा के खिलाफ दोनों की तरफ से सत्र न्यायालय में अपील की गई थी। इस अपील की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। कोर्ट ने इन दोनों को सुनाई गई सजा को सही माना है। कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के मामले कोई विधिक त्रुटि नहीं है।
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