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स्कूलों में पड़े ताबड़तोड़ छापे
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 11 Nov 2016 12:04 AM IST
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बिजनौर में डीएम जगतराज के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग के 154 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों का शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। निरीक्षण से शिक्षकों में खलबली मची है।
सात शिक्षकों और दो अनुदेशकों को अनुपस्थित रहने पर एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण में खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक को लगाया गया था। बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सात शिक्षक और दो अनुदेशक अनुपस्थित पाए गए।
अनुपस्थित रहे शिक्षकों में उच्च प्राथमिक विद्यालय बख्शीवाला के आसिम फरीद, विनीता चौधरी, रफत जहां, अनुदेशक शालू चौधरी और ऋचा यादव , प्राथमिक विद्यालय पृथ्वीपुर की शिक्षिका ममता देवी, प्राथमिक विद्यालय मंडौराजट के शिक्षक दीपक कौशिक, प्राथमिक विद्यालय सिसौना जट के शिक्षक पवन कुमार शर्मा, प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर के शिक्षक देवेंद्र कुमार अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने बताया कि स्कूलों से नदारद रहने वाले शिक्षकों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरे ब्लॉकों में भी होगा निरीक्षण ः बिजनौर। स्कूलों से नदारद रहने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं होगी। बृहस्पतिवार को ब्लॉक हल्दौर के स्कूलों का निरीक्षण किया गया। हल्दौर ब्लॉक की तर्ज पर दूसरे विकास क्षेत्रों के स्कूलों का निरीक्षण भी कराया जाएगा। निरीक्षण किस दिन होगा इसको पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। किसी भी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं दी जाएगी। निरीक्षण के दिन ही किस विकास क्षेत्र में अधिकारी निरीक्षण करने जाएंगे उन्हें बताया जाएगा।
नहीं सुलझा 56 शिक्षकों का मसला
फरवरी के महीने में तत्कालीन डीएम वी के आनंद ने जिले के स्कूलों का निरीक्षण कराया था। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे 56 शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए गए थे। आठ महीने बीतने के बाद भी शिक्षकों की वेतनवृद्धि बहाल नहीं हो पाई है। वेतनवृद्धि को बहाल कराने के लिए शिक्षक कई बार बीएसए और अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं। जिन शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोकी गई थी उनमें ब्लॉक नूरपुर, नहटौर और जलीलपुर के शिक्षक शामिल हैं।
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सात शिक्षकों और दो अनुदेशकों को अनुपस्थित रहने पर एक-एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण में खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक को लगाया गया था। बीएसए महेश चंद्र ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सात शिक्षक और दो अनुदेशक अनुपस्थित पाए गए।
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अनुपस्थित रहे शिक्षकों में उच्च प्राथमिक विद्यालय बख्शीवाला के आसिम फरीद, विनीता चौधरी, रफत जहां, अनुदेशक शालू चौधरी और ऋचा यादव , प्राथमिक विद्यालय पृथ्वीपुर की शिक्षिका ममता देवी, प्राथमिक विद्यालय मंडौराजट के शिक्षक दीपक कौशिक, प्राथमिक विद्यालय सिसौना जट के शिक्षक पवन कुमार शर्मा, प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर के शिक्षक देवेंद्र कुमार अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने बताया कि स्कूलों से नदारद रहने वाले शिक्षकों से सख्ती से निपटा जाएगा। इसके बाद भी सुधार नहीं होने पर शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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दूसरे ब्लॉकों में भी होगा निरीक्षण ः बिजनौर। स्कूलों से नदारद रहने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं होगी। बृहस्पतिवार को ब्लॉक हल्दौर के स्कूलों का निरीक्षण किया गया। हल्दौर ब्लॉक की तर्ज पर दूसरे विकास क्षेत्रों के स्कूलों का निरीक्षण भी कराया जाएगा। निरीक्षण किस दिन होगा इसको पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा। किसी भी अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं दी जाएगी। निरीक्षण के दिन ही किस विकास क्षेत्र में अधिकारी निरीक्षण करने जाएंगे उन्हें बताया जाएगा।
नहीं सुलझा 56 शिक्षकों का मसला
फरवरी के महीने में तत्कालीन डीएम वी के आनंद ने जिले के स्कूलों का निरीक्षण कराया था। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे 56 शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोकने के आदेश दिए गए थे। आठ महीने बीतने के बाद भी शिक्षकों की वेतनवृद्धि बहाल नहीं हो पाई है। वेतनवृद्धि को बहाल कराने के लिए शिक्षक कई बार बीएसए और अन्य अधिकारियों से मिल चुके हैं। जिन शिक्षकों की वेतनवृद्धि रोकी गई थी उनमें ब्लॉक नूरपुर, नहटौर और जलीलपुर के शिक्षक शामिल हैं।