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ग्राम प्रहरियों के वेतन भुगतान में घोटाला
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ग्राम प्रहरियों के वेतन भुगतान में घोटाला
कालागढ़। कालागढ़ टाइगर रिजर्व की सोना नदी रेंज के ग्राम प्रहरियों के वेतन भुगतान में घोटाले की आशंका के चलते वन विभाग ने उच्च स्तर पर जांच शुरू कर दी है। बजट का अभाव दिखाते हुए विभाग ने प्रहरियों को सेवा से बाहर कर दिया है। चार माह से वेतन न मिलने से उनके परिवार आर्थिक तंगी में आ गए हैं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व में एक के बाद एक विवादास्पद मामले सामने आ रहे हैं। कालागढ़ टाइगर रिजर्व में विभागीय जांच के दौरान एक वन क्षेत्राधिकारी को निलंबित किया गया तो वहीं डीएफओ को स्थानांतरित किया गया। नए मामलों में सोना नदी रेंज के ग्राम प्रहरियों पर गाज गिरी है। विभाग ने बजट का अभाव दिखाते हुए उन्हें सेवा से बाहर कर दिया है। सितंबर से ग्राम प्रहरियों को विभाग ने वेतन का भुगतान भी नहीं किया है। जिसकी वजह से इनके परिवार आर्थिक तंगी में आ गए हैं। हालांकि विभाग ने वेतन भुगतान की मद में वेतन की धनराशि पहले ही भेज दी थी। वर्तमान में खाते से राशि नदारद है। जिसकी वजह से वेतन भुगतान में घोटाले की आशंका पैदा हो गई है।
ग्राम प्रहरियों पीतांबर सिंह, रामवीर, दयाराम, गजेंद्र सिंह, पाली सिंह, मोहित, कमल सिंह, अमन खान, हितेश कुमार, विजय कुमार रवि, राजकुमार, राजू गौड़, अभिषेक आदि अब बेरोजगार हो चुके हैं। ग्राम प्रहरियों की शिकायत है कि उनसे काम अब तक करवाया गया, लेकिन सितंबर से वेतन नहीं मिला है। जिसकी वजह से घर में राशन, बच्चों की पढ़ाई एवं दैनिक खर्चे आदि प्रभावित हो गए हैं। इस मामले की मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी कर दी गई है। उनकी मांग है कि पिछला भुगतान किया जाए एवं सेवा में फिर से वापस लिया जाए।
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विभागीय जांच की जा रही
डीएफओ प्रकाश आर्य ने बताया कि इस मामले में यह बात सही है कि ग्राम प्रहरियों का वेतन खाते में आया था। उससे कुछ भुगतान पूर्व अधिकारियों ने किए हैं। इनको वेतन न मिलने व भुगतान किए जाने की विभाग की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। वर्तमान में कोई बजट नहीं है। जिसकी वजह से इन लोगों से कार्य नहीं कराया जा रहा है।
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कालागढ़। कालागढ़ टाइगर रिजर्व की सोना नदी रेंज के ग्राम प्रहरियों के वेतन भुगतान में घोटाले की आशंका के चलते वन विभाग ने उच्च स्तर पर जांच शुरू कर दी है। बजट का अभाव दिखाते हुए विभाग ने प्रहरियों को सेवा से बाहर कर दिया है। चार माह से वेतन न मिलने से उनके परिवार आर्थिक तंगी में आ गए हैं।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ टाइगर रिजर्व में एक के बाद एक विवादास्पद मामले सामने आ रहे हैं। कालागढ़ टाइगर रिजर्व में विभागीय जांच के दौरान एक वन क्षेत्राधिकारी को निलंबित किया गया तो वहीं डीएफओ को स्थानांतरित किया गया। नए मामलों में सोना नदी रेंज के ग्राम प्रहरियों पर गाज गिरी है। विभाग ने बजट का अभाव दिखाते हुए उन्हें सेवा से बाहर कर दिया है। सितंबर से ग्राम प्रहरियों को विभाग ने वेतन का भुगतान भी नहीं किया है। जिसकी वजह से इनके परिवार आर्थिक तंगी में आ गए हैं। हालांकि विभाग ने वेतन भुगतान की मद में वेतन की धनराशि पहले ही भेज दी थी। वर्तमान में खाते से राशि नदारद है। जिसकी वजह से वेतन भुगतान में घोटाले की आशंका पैदा हो गई है।
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ग्राम प्रहरियों पीतांबर सिंह, रामवीर, दयाराम, गजेंद्र सिंह, पाली सिंह, मोहित, कमल सिंह, अमन खान, हितेश कुमार, विजय कुमार रवि, राजकुमार, राजू गौड़, अभिषेक आदि अब बेरोजगार हो चुके हैं। ग्राम प्रहरियों की शिकायत है कि उनसे काम अब तक करवाया गया, लेकिन सितंबर से वेतन नहीं मिला है। जिसकी वजह से घर में राशन, बच्चों की पढ़ाई एवं दैनिक खर्चे आदि प्रभावित हो गए हैं। इस मामले की मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत भी कर दी गई है। उनकी मांग है कि पिछला भुगतान किया जाए एवं सेवा में फिर से वापस लिया जाए।
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विभागीय जांच की जा रही
डीएफओ प्रकाश आर्य ने बताया कि इस मामले में यह बात सही है कि ग्राम प्रहरियों का वेतन खाते में आया था। उससे कुछ भुगतान पूर्व अधिकारियों ने किए हैं। इनको वेतन न मिलने व भुगतान किए जाने की विभाग की उच्च स्तरीय जांच शुरू हो गई है। वर्तमान में कोई बजट नहीं है। जिसकी वजह से इन लोगों से कार्य नहीं कराया जा रहा है।