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Bijnor News: लहलहाएंगी सांवा, कोदो, कुटकी व चने की फसल
Thu, 08 Jun 2023 11:14 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 08 Jun 2023 11:14 PM IST
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- जिले में मोटे अनाज की खेती को दिया जा रहा बढ़ावा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। इस बार जनपद में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहीं कारण है कि जनपद में सांवा, कोदो, कुटकी, चेना, बाजरा, ज्वार आदि की खेती की जाएगी। शासन से इन फसलों के बीज किसानों को उपलब्ध कराएं जाएंगे।
इस बार शासन से इस वर्ष मोटे अनाज के रूप में मनाया जा रहा है। शासन व कृषि विभाग मोटे अनाज की खेती करने के लिए किसानों को जागरुक कर रहे हैं। शासन से कृषि विभाग को लक्ष्य मिल गया है। मोटे अनाज में किसानों के लिए एक क्विंटल 40 किलो रागी का बीज मिला है। अफसरों का कहना है कि मोटा अनाज पौष्टिक है और व्यक्तियों के लिए बहुत फायदेमंद है।
जुलाई, अगस्त माह में मोटे अनाज की खेती समय सही रहता है। किसान अब गन्ना, गेहूं और धान के साथ मोटे अनाज की खेती करेंगे। कृषि अधिकारी हरज्ञान सिंह ने बताया कि जिले में किसानों को मोटे अनाज की खेती करने को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को बीजों की बुवाई की विधि व बीज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद में ज्वार का 275 हेक्टेयर, सांवा का 58 हेक्टेयर, कोदो का 55 हेक्टेयर, कुटकी का 56 हेक्टेयर आदि फसल का लक्ष्य दिया गया है।
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-- -- -- - कोट
इस साल को मोटा अनाज उत्पादन के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को मोटे अनाज की खेती करने व उसके फायदे आदि के बारे में जागरूक किया जा रहा है। मोटे अनाज की खेती के लिए शासन से लक्ष्य मिल है। उसी के अनुसार किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाएगा। रागी के बीज की मिनी किट किसानों को दी जाएंगी - गिरीश चंद, उप कृषि निदेशक
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बिजनौर। इस बार जनपद में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। यहीं कारण है कि जनपद में सांवा, कोदो, कुटकी, चेना, बाजरा, ज्वार आदि की खेती की जाएगी। शासन से इन फसलों के बीज किसानों को उपलब्ध कराएं जाएंगे।
इस बार शासन से इस वर्ष मोटे अनाज के रूप में मनाया जा रहा है। शासन व कृषि विभाग मोटे अनाज की खेती करने के लिए किसानों को जागरुक कर रहे हैं। शासन से कृषि विभाग को लक्ष्य मिल गया है। मोटे अनाज में किसानों के लिए एक क्विंटल 40 किलो रागी का बीज मिला है। अफसरों का कहना है कि मोटा अनाज पौष्टिक है और व्यक्तियों के लिए बहुत फायदेमंद है।
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जुलाई, अगस्त माह में मोटे अनाज की खेती समय सही रहता है। किसान अब गन्ना, गेहूं और धान के साथ मोटे अनाज की खेती करेंगे। कृषि अधिकारी हरज्ञान सिंह ने बताया कि जिले में किसानों को मोटे अनाज की खेती करने को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को बीजों की बुवाई की विधि व बीज उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनपद में ज्वार का 275 हेक्टेयर, सांवा का 58 हेक्टेयर, कोदो का 55 हेक्टेयर, कुटकी का 56 हेक्टेयर आदि फसल का लक्ष्य दिया गया है।
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इस साल को मोटा अनाज उत्पादन के रूप में मनाया जा रहा है। किसानों को मोटे अनाज की खेती करने व उसके फायदे आदि के बारे में जागरूक किया जा रहा है। मोटे अनाज की खेती के लिए शासन से लक्ष्य मिल है। उसी के अनुसार किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाएगा। रागी के बीज की मिनी किट किसानों को दी जाएंगी - गिरीश चंद, उप कृषि निदेशक