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Bijnor News: दिल्ली से पेशावर तक चमका सलीम का हुनर, फिर थम गया क्रिकेट का सफर
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स्योहारा। क्रिकेटर विराट कोहली संग सलीम अख्तर
धर्मेन्द्र भुइयार
स्योहारा। दिल्ली से रणजी ट्रॉफी और पाकिस्तान के पेशावर तक अपनी क्रिकेट में प्रतिभा दिखाने वाले बिजनौर के सलीम अख्तर गुमनामी का जीवन जी रहे हैं। पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ने से सलीम ने क्रिकेट छोड़ दिया। एक समय में एकेडमी मैच में विराट कोहली, पीयूष चावला नामचीन खिलाड़ी भी सलीम की कप्तानी में खेले हैं।
सहसपुर के मोहल्ला हकीमपुरा निवासी मोहम्मद सलीम अख्तर अपनी कप्तानी और तेज गेंदबाजी का दम पर चर्चाओं में रहे। दिल्ली की अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-22 टीमों से होते हुए रणजी ट्रॉफी तक पहुंचने वाले सलीम ने पाकिस्तान के पेशावर में भी मुकाबले में जीत दर्ज की। मगर वक्त और पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से क्रिकेट की दुनिया में आगे बढ़ता उनका सफर वर्ष 2007 में थम गया। सलीम अख्तर ने बताया कि आशीष नेहरा, शिखर धवन के साथ भी उन्होंने कई मुकाबले खेले। वर्ष 2002 में सलीम अख्तर ने दिल्ली की ओर से अंडर-16 क्रिकेट खेला। इसके बाद अंडर-19 और अंडर-22 स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मेहनत और लगातार बेहतर खेल के दम पर वह रणजी ट्रॉफी टीम तक पहुंचे।
15 वर्ष की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया
मशकूर रहमान के पुत्र सलीम अख्तर ने महज 15 वर्ष की उम्र में मुरादाबाद में कोच केके गौतम के मार्गदर्शन में क्रिकेट का अभ्यास शुरू किया। केके गौतम पीयूष चावला को भी प्रशिक्षण दे रहे थे। सलीम ने आगे चलकर चेतन चौहान और राजकुमार शर्मा जैसे अनुभवी क्रिकेट मार्गदर्शकों के नेतृत्व में भी अभ्यास किया। राजकुमार शर्मा भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के कोच रहे हैं। सलीम ने 2003 में अंडर 19 और 2005 में अंडर 22 में दिल्ली प्रदेश की ओर से पाकिस्तान के पेशावर में स्थानीय टीम के साथ मैत्री मैच खेले। सलीम ने कहा कि इन मुकाबलों में जीत हासिल करके लौटना उनके लिए गर्व और यादगार अनुभव रहा।
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स्कूल में बच्चों को भी सिखाया क्रिकेट
क्रिकेट में आगे बढ़ने की संभावनाओं के बावजूद वर्ष 2007 में सलीम अख्तर को पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते खेल छोड़ दिया था। मगर खेल से उनका जुड़ाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। वर्ष 2007-08 में उन्होंने देहरादून के कासीगा बोर्डिंग स्कूल में क्रिकेट कोच के रूप में काम किया और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया।
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स्योहारा। दिल्ली से रणजी ट्रॉफी और पाकिस्तान के पेशावर तक अपनी क्रिकेट में प्रतिभा दिखाने वाले बिजनौर के सलीम अख्तर गुमनामी का जीवन जी रहे हैं। पारिवारिक जिम्मेदारी बढ़ने से सलीम ने क्रिकेट छोड़ दिया। एक समय में एकेडमी मैच में विराट कोहली, पीयूष चावला नामचीन खिलाड़ी भी सलीम की कप्तानी में खेले हैं।
सहसपुर के मोहल्ला हकीमपुरा निवासी मोहम्मद सलीम अख्तर अपनी कप्तानी और तेज गेंदबाजी का दम पर चर्चाओं में रहे। दिल्ली की अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-22 टीमों से होते हुए रणजी ट्रॉफी तक पहुंचने वाले सलीम ने पाकिस्तान के पेशावर में भी मुकाबले में जीत दर्ज की। मगर वक्त और पारिवारिक जिम्मेदारियों की वजह से क्रिकेट की दुनिया में आगे बढ़ता उनका सफर वर्ष 2007 में थम गया। सलीम अख्तर ने बताया कि आशीष नेहरा, शिखर धवन के साथ भी उन्होंने कई मुकाबले खेले। वर्ष 2002 में सलीम अख्तर ने दिल्ली की ओर से अंडर-16 क्रिकेट खेला। इसके बाद अंडर-19 और अंडर-22 स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मेहनत और लगातार बेहतर खेल के दम पर वह रणजी ट्रॉफी टीम तक पहुंचे।
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15 वर्ष की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया
मशकूर रहमान के पुत्र सलीम अख्तर ने महज 15 वर्ष की उम्र में मुरादाबाद में कोच केके गौतम के मार्गदर्शन में क्रिकेट का अभ्यास शुरू किया। केके गौतम पीयूष चावला को भी प्रशिक्षण दे रहे थे। सलीम ने आगे चलकर चेतन चौहान और राजकुमार शर्मा जैसे अनुभवी क्रिकेट मार्गदर्शकों के नेतृत्व में भी अभ्यास किया। राजकुमार शर्मा भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली के कोच रहे हैं। सलीम ने 2003 में अंडर 19 और 2005 में अंडर 22 में दिल्ली प्रदेश की ओर से पाकिस्तान के पेशावर में स्थानीय टीम के साथ मैत्री मैच खेले। सलीम ने कहा कि इन मुकाबलों में जीत हासिल करके लौटना उनके लिए गर्व और यादगार अनुभव रहा।
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स्कूल में बच्चों को भी सिखाया क्रिकेट
क्रिकेट में आगे बढ़ने की संभावनाओं के बावजूद वर्ष 2007 में सलीम अख्तर को पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते खेल छोड़ दिया था। मगर खेल से उनका जुड़ाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। वर्ष 2007-08 में उन्होंने देहरादून के कासीगा बोर्डिंग स्कूल में क्रिकेट कोच के रूप में काम किया और युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया।

स्योहारा। क्रिकेटर विराट कोहली संग सलीम अख्तर