फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Parents reached the medical college after ragging

Bijnor News: रैगिंग के बाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे अभिभावक

Sat, 31 Oct 2026 01:14 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:14 AM IST
विज्ञापन
Parents reached the medical college after ragging
बिजनौर। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद छात्रों के अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। पीड़ित और रैगिंग करने वाले छात्रों के अभिभावकों को बुलाया गया था। इनमें से कई छात्रों के अभिभावक शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। वहीं, मामला तूल पकड़ने के बाद स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) भी जांच में जुट गई है।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज में यह दूसरी बार रैगिंग का मामला सामने आया है। किसी भी शिक्षण संस्थान में रैगिंग करने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। ऐसे में अब महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में रैगिंग की शिकायत के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। एहतियात के तौर पर जूनियर और सीनियर छात्रों के आने-जाने के रास्ते अलग-अलग कर दिए हैं। ताकि, दोनों के बीच अनावश्यक संपर्क को रोका जा सके। इसके अलावा जूनियर छात्रों को सख्त हिदायत दी गई है कि अगर, सीनियर छात्र उन्हें बुलाएं तो बिल्कुल भी नहीं जाएं। वहीं, मामले की जानकारी लेने के लिए एलआईयू टीम के सदस्य भी शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज पहुंचे।
विज्ञापन


तीन वार्डन की लगाई गई है ड्यूटी
हॉस्टल में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग न हो। इसके लिए अलग-अलग तीन वार्डन की ड्यूटी लगाई गई है। तीन वार्डन अलग-अलग समय हॉस्टल पहुंचकर छात्रों का हाल जानेंगे। कोई भी परेशानी होने पर छात्र वार्डन को अपनी समस्या बता सकते हैं। साथ ही छात्रों की काउंसिलिंग के दौरान यह बताया गया कि समस्या का समाधान नहीं होने पर प्राचार्या से शिकायत करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


रैगिंग होने पर संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी होगी तय
मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की घटनाएं रोकने के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक की ओर से पहले ही गाइडलाइन जारी की जा चुकी है। इसमें स्पष्ट है कि किसी भी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग से संबंधित घटना होने पर संस्था प्रमुख की जिम्मेदारी तय होगी। इसके बावजूद मेडिकल कॉलेज में दोबारा रैगिंग का मामला सामने आना गंभीर माना जा रहा है।


सीनियर और जूनियर छात्रों के आने-जाने के रास्ते अलग-अलग कर दिए हैं। कई छात्रों के अभिभावक आए थे। जिस छात्र के नाम से शिकायत हुई थी, उन्होंने लिखकर दे दिया है कि उसके साथ कोई घटना नहीं हुई है। मेडिकल कॉलेज में रैगिंग जैसी कोई घटना न हो, इसके लिए वार्डन सहित सभी फैकल्टी को निर्देशित किया गया है। - ....डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed