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Bijnor News: अमानगढ़ में आज से ऑनलाइन बुकिंग, कल से जंगल सफारी का रोमांच
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बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का रोमांच लेने के लिए पर्यटकों का इंतजार खत्म होने जा रहा है। वन विभाग की ओर से आज से ऑनलाइन बुकिंग शुरू की जा रही है, जबकि कल से पर्यटक जंगल सफारी कर सकेंगे। इस बार पर्यटकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह की बुकिंग व्यवस्था की गई है। कुल उपलब्ध स्लॉट में से 60 प्रतिशत ऑनलाइन बुकिंग के लिए रखे गए हैं, जबकि 40 प्रतिशत स्लॉट सीधे अमानगढ़ पहुंचने वाले पर्यटकों के लिए आरक्षित रहेंगे। इससे दूरदराज से आने वाले पर्यटकों को सफारी के लिए पहले से सीट सुनिश्चित करने की सुविधा मिलेगी।
अमानगढ़ में जंगल सफारी के लिए इस बार भी पुराने रेट ही लागू रहेंगे। वन विभाग ने सफारी शुल्क में करीब 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन अभी इसकी मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में पर्यटकों को फिलहाल पुराने शुल्क पर ही सफारी कराई जाएगी। एक जिप्सी का शुल्क 2280 रुपये, वाहन प्रवेश शुल्क 300 रुपये और नेचर गाइड का शुल्क 400 रुपये निर्धारित है। इसके अलावा भारतीय पर्यटकों को 100 रुपये प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क देना होगा।
बारिश से खराब रास्तों की हो रही मरम्मत
अमानगढ़ में इस बार एक नवंबर के बजाय पहले ही पर्यटन सत्र शुरू करने की तैयारी की गई है। वन विभाग के सामने बारिश के कारण खराब हुए रास्तों को दुरुस्त करना और सफारी ट्रैक के दोनों ओर व्यू लाइन साफ करना चुनौती बना हुआ है। झाड़ियों की सफाई कराई जा रही है, ताकि पर्यटकों को जंगल के भीतर दूर तक वन्यजीव दिखाई दे सकें। करीब 9500 हेक्टेयर में फैले अमानगढ़ में केहरीपुर गेट से झिरना गेट तक लगभग 32 किलोमीटर का सफारी रूट है। एक चक्कर पूरा करने में तीन से साढ़े तीन घंटे लगते हैं। सुबह और शाम की पाली में दस जिप्सियों को जंगल में प्रवेश दिया जाएगा।
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बाघों के दीदार की रहेगी उम्मीद
अमानगढ़ में बाघ पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण हैं। वन विभाग के आकलन में यहां 32 बाघों की मौजूदगी सामने आई थी। इसके अलावा हाथी, गुलदार, भालू, हिरन और पक्षियों की कई प्रजातियां भी जंगल की जैव विविधता को खास बनाती हैं। पिछले पर्यटन सत्र में 3019 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया था। इनमें नौ विदेशी पर्यटक भी शामिल थे।
जंगल सफारी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज से पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो जाएगी। कल से पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
- जय सिंह कुशवाह, डीएफओ
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अमानगढ़ में जंगल सफारी के लिए इस बार भी पुराने रेट ही लागू रहेंगे। वन विभाग ने सफारी शुल्क में करीब 15 प्रतिशत बढ़ोतरी का प्रस्ताव शासन को भेजा था, लेकिन अभी इसकी मंजूरी नहीं मिली है। ऐसे में पर्यटकों को फिलहाल पुराने शुल्क पर ही सफारी कराई जाएगी। एक जिप्सी का शुल्क 2280 रुपये, वाहन प्रवेश शुल्क 300 रुपये और नेचर गाइड का शुल्क 400 रुपये निर्धारित है। इसके अलावा भारतीय पर्यटकों को 100 रुपये प्रति व्यक्ति प्रवेश शुल्क देना होगा।
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बारिश से खराब रास्तों की हो रही मरम्मत
अमानगढ़ में इस बार एक नवंबर के बजाय पहले ही पर्यटन सत्र शुरू करने की तैयारी की गई है। वन विभाग के सामने बारिश के कारण खराब हुए रास्तों को दुरुस्त करना और सफारी ट्रैक के दोनों ओर व्यू लाइन साफ करना चुनौती बना हुआ है। झाड़ियों की सफाई कराई जा रही है, ताकि पर्यटकों को जंगल के भीतर दूर तक वन्यजीव दिखाई दे सकें। करीब 9500 हेक्टेयर में फैले अमानगढ़ में केहरीपुर गेट से झिरना गेट तक लगभग 32 किलोमीटर का सफारी रूट है। एक चक्कर पूरा करने में तीन से साढ़े तीन घंटे लगते हैं। सुबह और शाम की पाली में दस जिप्सियों को जंगल में प्रवेश दिया जाएगा।
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बाघों के दीदार की रहेगी उम्मीद
अमानगढ़ में बाघ पर्यटकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण हैं। वन विभाग के आकलन में यहां 32 बाघों की मौजूदगी सामने आई थी। इसके अलावा हाथी, गुलदार, भालू, हिरन और पक्षियों की कई प्रजातियां भी जंगल की जैव विविधता को खास बनाती हैं। पिछले पर्यटन सत्र में 3019 पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया था। इनमें नौ विदेशी पर्यटक भी शामिल थे।
जंगल सफारी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज से पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो जाएगी। कल से पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
- जय सिंह कुशवाह, डीएफओ