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Bijnor News: कागजों में चल रही फर्म से दिखा दी एक करोड़ 81 लाख की बिक्री
Wed, 08 Oct 2025 11:35 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 08 Oct 2025 11:35 PM IST
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बिजनौर। एमएम इंटरप्राइजेज फर्म कागजों में चलती रही और धरातल पर कोई ठौर ठिकाना नहीं मिला। इस फर्म से एक करोड़ 81 लाख की बिक्री दिखाकर बिल अपलोड किए गए। इसके जरिए 32 लाख रुपये की जीएसटी चोरी की गई। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
राज्य कर अधिकारी राजेश जोशी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसमें कहा गया कि पंजाबी कॉलोनी शांतिकुंज रोड बिजनौर के पते पर एमएम इंटरप्राइजेज फर्म केंद्रीय जीएसटी में पंजीकृत कराई गई। फर्म स्वामी अरुण कुमार निवासी सिरसा खुर्द जनपद सीतापुर ने व्यापार स्थल के पते का बिजली बिल लगाया। उक्त बिल पूर्वाचंल विद्युत वितरण लिमिटेड का है, जबकि बिल के नीचे बिजनौर के बिजली अधिकारी का पद अंकित था।
13 जून को इस फर्म का पंजीकरण किया। जून और जुलाई में इस फर्म का व्यापार शून्य रहा, जबकि अगस्त में एक करोड़ 81 लाख की बिक्री दर्शाते हुए बिल काटे गए। 14 व्यापारियों को माल बेचना दिखाया गया। बाकायदा आईटीसी दाखिल की गई। इस तरह से फर्म ने करीब 32 लाख रुपये की जीएसटी चोरी की।
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उधर, सितंबर महीने में व्यापार स्थल का मुआयना किया गया तो वहां फर्म का अस्तित्व ही नहीं मिला। जिसके बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एएसपी सिटी कृष्ण गोपाल ने रिपोर्ट दर्ज किए जाने की पुष्टि की।
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राज्य कर अधिकारी राजेश जोशी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है, जिसमें कहा गया कि पंजाबी कॉलोनी शांतिकुंज रोड बिजनौर के पते पर एमएम इंटरप्राइजेज फर्म केंद्रीय जीएसटी में पंजीकृत कराई गई। फर्म स्वामी अरुण कुमार निवासी सिरसा खुर्द जनपद सीतापुर ने व्यापार स्थल के पते का बिजली बिल लगाया। उक्त बिल पूर्वाचंल विद्युत वितरण लिमिटेड का है, जबकि बिल के नीचे बिजनौर के बिजली अधिकारी का पद अंकित था।
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13 जून को इस फर्म का पंजीकरण किया। जून और जुलाई में इस फर्म का व्यापार शून्य रहा, जबकि अगस्त में एक करोड़ 81 लाख की बिक्री दर्शाते हुए बिल काटे गए। 14 व्यापारियों को माल बेचना दिखाया गया। बाकायदा आईटीसी दाखिल की गई। इस तरह से फर्म ने करीब 32 लाख रुपये की जीएसटी चोरी की।
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उधर, सितंबर महीने में व्यापार स्थल का मुआयना किया गया तो वहां फर्म का अस्तित्व ही नहीं मिला। जिसके बाद मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। एएसपी सिटी कृष्ण गोपाल ने रिपोर्ट दर्ज किए जाने की पुष्टि की।