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हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी ने बचाया इस्लाम : उलमा

Sat, 25 May 2024 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2024 11:39 PM IST
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Sacrifice of Hazrat Imam Hussain and his companions saved Islam: Ulama
जोगीरम्पुरी दरगाह पर तीसरे दिन भी मातमी माहौल में जारी रहीं मजलिसें
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दीन और इस्लाम को बचाने के लिए हजरत इमाम हुसैन से सबक लेने की सलाह दी


संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। गमगीन माहौल में मातमी मजलिसों और मातमी जुलूस बरामद करने का सिलसिला तीसरे दिन भी जारी रहा। मजलिस को खिताब करते हुए शिया उलमा ने दीन और इस्लाम को बचाने के लिए हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों से सबक लेने की सलाह दी।
जोगीरम्पुरी दरगाह के शमशुल हसन हॉल से मातमी मजलिस को खिताब करते उलमा जहां दीनी और दुनियावी तालीम को हासिल करने की हिदायतें दे रहे हैं, वहीं हजरत अली, नवासे हजरते इमाम हुसैन की दीन और इस्लाम को बचाने के लिए दी गई कुर्बानियों को जिक्र फरमा रहे हैं। मातमी मजलिसों के दौरान कर्बला की जंग और यजीद के जुल्मों सितम सुनकर जायरीन सीनाजनी को मजबूर हो रहे हैं।
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नसीमुल बाकरी के संचालन में आयोजित मजलिसों को तीसरे दिन सैय्यद शवाब वारसी, मौलाना शिको हैदर, मौलाना रईस हैदर, मौलाना अली गाजी, मौलाना कौसर मुर्तजा ने खिताब किया।
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अंजुमनों ने बरामद किए मातमी जुलूस
अंजुमन यादगारे हुसैनी नौगांवा सादात, अंजुमन लश्करे हुसैनी मेमन सादात सहित कई अंजुमनों ने मातमी जुलूस बरामद किए। सैय्यद राजू के मजार से शुरू हुए जुलूस नोहा और मर्सिया ख्वानी के साथ मौला अली की दरगाह पर खत्म हए।

एसडीएम ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह ने जोगीरम्पुरी दरगाह पहुंचकर दरगाह कमेटी के अध्यक्ष इमर अली जैदी, सचिव मौलाना कसीम अब्बास से बिजली, सफाई, पेयजल आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दरगाह कमेटी ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं को दुरुस्त बताया।


चश्मे के पानी में है तासीर
दरगाह परिसर में जिस करिश्माई चश्मे से दरगाह तामीर हुई थी, उस चश्मे का पानी बतौर तवर्रुख अपने साथ ले जाने के लिए जायरीन बेचैन रहते हैं। लखनऊ से आए जायरीन सैय्यद अकबर हुसैन, मोहसिन अब्बास, सेंथल से आए हैदर अब्बास का कहना है कि दरगाह परिसर में चश्मे के पानी की तासीर है। चश्मे के पानी से लाइलाज बीमारियों को शिफा मिलती है।
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