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Bijnor News: बजट की आस में अटका है सड़क का निर्माण
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बिजनौर। गड्ढों में सफर करना राहगीरों के लिए हर एक दिन मुश्किल हो रहा है। इससे बेफिक्र नेशनल हाईवे के अफसरों ने लेटलतीफी की चादर ओढ़ रखी है। अभी तक बजट जारी नहीं किया गया है। बजट मिलने के बाद ही सड़क की मरम्मत हो सकेगी।
बिजनौर-कोतवाली मार्ग को पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे में शामिल कर लिया गया है। बाकायदा हाईवे की सड़क बन भी चुकी है। मगर बिजनौर शहर के शास्त्री चौक से कोतवाली की ओर वीकेआईटी कॉलेज तक सड़क का हिस्सा नेशनल हाईवे से बाहर हो चुका है। हालांकि इस बच्चे हुए पांच किलोमीटर लंबे हिस्से की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी के पास ही थी। उधर मरम्मत नहीं होने से सड़क बदहाल होती चली गई।
आलम ये है कि इस सड़क में गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनमें चलना भी मुश्किल है। बाइक सवार अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
इस समस्या से निजात पाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव बनाकर एनएचएआई को नवंबर माह में भेज दिया था ताकि नेशनल हाईवे से आठ करोड़ 64 लाख मिलने के बाद सड़क की मरम्मत की जा सके। दिसंबर माह के अंत तक बजट मिलने की उम्मीद थी मगर अभी तक पैसा नहीं मिला है। ऐसे में बजट मिलने के बाद ही सड़क की मरम्मत का काम चालू हो सकेगा।
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बिजनौर-कोतवाली मार्ग को पानीपत खटीमा नेशनल हाईवे में शामिल कर लिया गया है। बाकायदा हाईवे की सड़क बन भी चुकी है। मगर बिजनौर शहर के शास्त्री चौक से कोतवाली की ओर वीकेआईटी कॉलेज तक सड़क का हिस्सा नेशनल हाईवे से बाहर हो चुका है। हालांकि इस बच्चे हुए पांच किलोमीटर लंबे हिस्से की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी नेशनल हाईवे अथॉरिटी के पास ही थी। उधर मरम्मत नहीं होने से सड़क बदहाल होती चली गई।
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आलम ये है कि इस सड़क में गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनमें चलना भी मुश्किल है। बाइक सवार अक्सर गिरकर चोटिल हो जाते हैं।
इस समस्या से निजात पाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रस्ताव बनाकर एनएचएआई को नवंबर माह में भेज दिया था ताकि नेशनल हाईवे से आठ करोड़ 64 लाख मिलने के बाद सड़क की मरम्मत की जा सके। दिसंबर माह के अंत तक बजट मिलने की उम्मीद थी मगर अभी तक पैसा नहीं मिला है। ऐसे में बजट मिलने के बाद ही सड़क की मरम्मत का काम चालू हो सकेगा।
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