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सड़क और नाला बना नहीं, प्रधान ने ले लिया भुगतान
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 06 Apr 2018 11:50 PM IST
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गांव शिकारपुर में विकास कार्यों की जांच करते अधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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राजा का ताजपुर में गांव शिकारपुर में ग्राम प्रधान ने गांव में सड़क और नाला बनवाए बिना ही भुगतान ले लिया। शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई तो सारा मामला खुलकर सामने आ गया।
विकास खंड स्योहारा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रवाना शिकारपुर निवासी हरि सिंह, यूनुस, अफसाना परवीन, ऋषिपाल सिंह, नफीसा खातून, सरिता देवी आदि ने ग्राम प्रधान नईम अहमद पर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया था। शुक्रवार को सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक अमित त्यागी, आरईएस के अवर अभियंता अशोक कुमार जांच के लिए गांव पहुंचे। जांच में पाया गया कि करीब डेढ़ लाख में तैयार दर्शाई गई सड़कों को बिना बनाए ही उनका भुगतान ले लिया गया। दो नाले भी केवल कागजों पर ही बनाए गए। इनका निर्माण फर्जी पाया गया। इसके अलावा दो सरकारी आवासों का लाभ अपात्रों को दिया गया। टीम अपनी रिपोर्ट डीएम कार्यालय में देने की बात कहकर आधी जांच से ही लौट आई। गांव वालों का कहना है कि अब प्रधान द्वारा किए गए गोलमाल की हकीकत प्रशासन के सामने आ गई है। वहीं ग्राम प्रधान नईम अहमद ने आरोपों को गलत बताया है।
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विकास खंड स्योहारा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रवाना शिकारपुर निवासी हरि सिंह, यूनुस, अफसाना परवीन, ऋषिपाल सिंह, नफीसा खातून, सरिता देवी आदि ने ग्राम प्रधान नईम अहमद पर सरकारी धन के बंदरबांट का आरोप लगाया था। शुक्रवार को सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक अमित त्यागी, आरईएस के अवर अभियंता अशोक कुमार जांच के लिए गांव पहुंचे। जांच में पाया गया कि करीब डेढ़ लाख में तैयार दर्शाई गई सड़कों को बिना बनाए ही उनका भुगतान ले लिया गया। दो नाले भी केवल कागजों पर ही बनाए गए। इनका निर्माण फर्जी पाया गया। इसके अलावा दो सरकारी आवासों का लाभ अपात्रों को दिया गया। टीम अपनी रिपोर्ट डीएम कार्यालय में देने की बात कहकर आधी जांच से ही लौट आई। गांव वालों का कहना है कि अब प्रधान द्वारा किए गए गोलमाल की हकीकत प्रशासन के सामने आ गई है। वहीं ग्राम प्रधान नईम अहमद ने आरोपों को गलत बताया है।
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