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नदी में डूबकर मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:58 PM IST
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नूरपुर में हंसुपुरा निवासी वृद्ध की गागन नदी में डूबकर मौत हो गई। सुबह उसका शव नदी से मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गांव हंसुपुरा निवासी बाबू सिंह (65) बुधवार की शाम गागन नदी की ओर गया था। इस दौरान पैर फिसलने से वह नदी में डूब गया। आसपास किसी के न होने से उसके डूबने का पता नहीं लगा। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने जंगल में उसकी तलाश की, लेकिन रात में कुछ पता नहीं लगा। बृहस्पतिवार की सुबह एक बार फिर से तलाश शुरू की गई, तो उसका शव नदी में मिला। उसकी मौत से घर में कोहराम मच गया। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतक के पुत्र लोकेश द्वारा इत्तफाकिया दुर्घटना की तहरीर देने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
उधर गजरौला शिव निवासी 75 वर्षीय राजेंद्र सिंह ऋषिकेश में अपने बेटे पवन के पास करीब दो महीने से रह रहे थे। बुधवार को वे घूमने के लिए घर से निकले थे। अचानक वे अनियंत्रित होकर पास बह रही नहर में गिर गए। किसी को घटना का पता नहीं चला। चार घंटे बाद ऋषिकेश बैराज पर उसका शव मिला। परिवार वालों ने उनकी पहचान की। हरिद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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गांव हंसुपुरा निवासी बाबू सिंह (65) बुधवार की शाम गागन नदी की ओर गया था। इस दौरान पैर फिसलने से वह नदी में डूब गया। आसपास किसी के न होने से उसके डूबने का पता नहीं लगा। देर रात तक घर न लौटने पर परिजनों ने जंगल में उसकी तलाश की, लेकिन रात में कुछ पता नहीं लगा। बृहस्पतिवार की सुबह एक बार फिर से तलाश शुरू की गई, तो उसका शव नदी में मिला। उसकी मौत से घर में कोहराम मच गया। सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतक के पुत्र लोकेश द्वारा इत्तफाकिया दुर्घटना की तहरीर देने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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उधर गजरौला शिव निवासी 75 वर्षीय राजेंद्र सिंह ऋषिकेश में अपने बेटे पवन के पास करीब दो महीने से रह रहे थे। बुधवार को वे घूमने के लिए घर से निकले थे। अचानक वे अनियंत्रित होकर पास बह रही नहर में गिर गए। किसी को घटना का पता नहीं चला। चार घंटे बाद ऋषिकेश बैराज पर उसका शव मिला। परिवार वालों ने उनकी पहचान की। हरिद्वार में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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