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बढ़ते तापमान से बढ़ा हीट स्ट्रोक का खतरा
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बढ़ते तापमान से बढ़ा हीट स्ट्रोक का खतरा
बिजनौर। बढ़ते तापमान के साथ बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं, गर्म हवा चल रही है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए लोगों को गर्मी से बचने की जरूरत है। इस समय जरा सी लापरवाही बीमार कर सकती है। हालांकि जिला अस्पताल में अभी तक कोई हीट स्ट्रोक का मरीज नहीं आया है, लेकिन चिकित्सक लोगों को गर्मी से बचाव की सलाह दे रहे हैं।
लगातार बढ़ते तापमान से लोगों का बुरा हाल है। तेज धूप की वजह से शाम चार बजे से पहले लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। बढ़ते तापमान के बीच उल्टी, दस्त और वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। हीट स्ट्रोक का खतरा भी इस मौसम में बना रहता है। इस समय अधिकतम तापमान 36 डिग्री चल रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मई महीने में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो सकता है। जिसके चलते आने वाले दिनों में हिट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहेगा। इसमें शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है। जो लोग तेज धूप में काम करते हैं, उन्हें हीट स्ट्रोक ज्यादा होता है। गर्मी में निकलने से पहले तरह पदार्थों का सेवन जरूर करें। जिससे शरीर में पानी की पूर्ति होती रहे। इसके साथ ओआरएस का सेवन करते रहें।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
चक्कर आना, सिर घूमना, उल्टी आना, बेचैनी और घबराहट होना, तेज बुखार, त्वचा सूखना, बेहोशी होना, शरीर से पसीना न आना।
हीट स्ट्रोक से बचाव
घर से बाहर निकलते समय पानी का सेवन जरूर करें, दोपहर में घर से बाहर कम निकलें, मौसमी फलों का प्रयोग करें, गर्मी में कोल्ड ड्रिंक न पिये, लू लगने पर चिकित्सक से इलाज कराएं।
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मौसमी फलों का करें ज्यादा सेवन : डॉ. आरएस वर्मा
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक घर से बाहर कम निकलें। क्योंकि इस समय गर्मी सबसे ज्यादा होती है। जिसके चलते हीट स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। हालांकि अभी तक जिला अस्पताल की ओपीडी में कोई हीट स्ट्रोक का मरीज नहीं आया है। शरीर में पानी की पूर्ति करने के लिए मौसमी फलों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।
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बिजनौर। बढ़ते तापमान के साथ बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं, गर्म हवा चल रही है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इसके लिए लोगों को गर्मी से बचने की जरूरत है। इस समय जरा सी लापरवाही बीमार कर सकती है। हालांकि जिला अस्पताल में अभी तक कोई हीट स्ट्रोक का मरीज नहीं आया है, लेकिन चिकित्सक लोगों को गर्मी से बचाव की सलाह दे रहे हैं।
लगातार बढ़ते तापमान से लोगों का बुरा हाल है। तेज धूप की वजह से शाम चार बजे से पहले लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। बढ़ते तापमान के बीच उल्टी, दस्त और वायरल बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। हीट स्ट्रोक का खतरा भी इस मौसम में बना रहता है। इस समय अधिकतम तापमान 36 डिग्री चल रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि मई महीने में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार हो सकता है। जिसके चलते आने वाले दिनों में हिट स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहेगा। इसमें शरीर में पानी और नमक की मात्रा कम हो जाती है। जो लोग तेज धूप में काम करते हैं, उन्हें हीट स्ट्रोक ज्यादा होता है। गर्मी में निकलने से पहले तरह पदार्थों का सेवन जरूर करें। जिससे शरीर में पानी की पूर्ति होती रहे। इसके साथ ओआरएस का सेवन करते रहें।
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हीट स्ट्रोक के लक्षण
चक्कर आना, सिर घूमना, उल्टी आना, बेचैनी और घबराहट होना, तेज बुखार, त्वचा सूखना, बेहोशी होना, शरीर से पसीना न आना।
हीट स्ट्रोक से बचाव
घर से बाहर निकलते समय पानी का सेवन जरूर करें, दोपहर में घर से बाहर कम निकलें, मौसमी फलों का प्रयोग करें, गर्मी में कोल्ड ड्रिंक न पिये, लू लगने पर चिकित्सक से इलाज कराएं।
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मौसमी फलों का करें ज्यादा सेवन : डॉ. आरएस वर्मा
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक घर से बाहर कम निकलें। क्योंकि इस समय गर्मी सबसे ज्यादा होती है। जिसके चलते हीट स्ट्रोक का खतरा बना रहता है। हालांकि अभी तक जिला अस्पताल की ओपीडी में कोई हीट स्ट्रोक का मरीज नहीं आया है। शरीर में पानी की पूर्ति करने के लिए मौसमी फलों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें।