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राजस्व और सिंचाई विभाग आमने-सामने
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:27 PM IST
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एसडीएम के आदेश पर ठिएबंदी करने पहुंची राजस्व टीम।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के धामपुर में एसडीएम के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम नहटौर मार्ग स्थित पेट्रोल पंप के सामने जमीन की पैमाइश करने गई थी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उस जमीन को विभाग की ओर से अधिग्रहीत होने का दावा करते हुए पैमाइश करने से इनकार कर दिया। मामले के बढ़ने से टीम बगैर पैमाइश के लौट आई।
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एसडीएम ने बताया कि गावं जैतरा के एक व्यक्ति के प्रार्थना पत्र पर उसकी जमीन की 2008 में कच्ची ठिएबंदी हुई थी। राजस्व विभाग की ओर से ठिएबंदी कराने के बाद आपत्ति मांगी गई थी। पर किसी ने वर्ष 2018 तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। मंगलवार को जब राजस्व विभाग की टीम संबंधित जमीन की पैमाइश करने को गई थी तो वहां अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के अधिकारी इस जमीन को अधिग्रहण कर लेने का दावा करते हुए विरोध करने लगे।
इस दौरान वहां पर दो पक्षों में जमीन को लेकर आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए। इसके बाद राजस्व निरीक्षक रामखिलाड़ी शर्मा टीम के साथ वापस हो गए। उन्होेंने बताया कि उनके नेतृत्व में गठित टीम में शामिल क्षेत्रिय लेखपाल तेजपाल सिंह, चेनमैन विजयपाल सिंह पैमाइश को पहुंचे थे। लेकिन मामला तूल पकड़ता देख वे वापस हो गए।
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मामले को कमिश्नर के संज्ञान में लिया: एक्सईएन
सिंचाई विभाग के एक्सईएन राजीव कपिल शर्मा का कहना है कि भूमि सिंचाई विभाग की ओर से कई दशक पहले अधिग्रहित की जा चुकी है। एसएलओ के माध्यम से संबंधित किसान को मुआवजा भी दे दिया गया था। भूमि को खुदबुर्द नहीं होने दिया जाएगा।
सिंचाई विभाग ने नहीं की पैरवी: एसडीएम
एसडीएम आजाद भगत सिह का कहना है कि सिंचाई विभाग के पास उक्त भूमि के मालिकाना हक संबंधी कोई कागजात उपलब्ध नहीं हैं। इस भूमि पर 2008 से 2014 तक केस चला। इस दौरान सिंचाई विभाग मालिकाना हक संबंधी कोई कागजात नहीं दे पाया। इससे यह भूमि सिंचाई विभाग की नहीं होना प्रतीत होती है।
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