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Bijnor News: सीमांत ग्राम पंचायत मोटाढाकवासी विद्युत संकट से परेशान
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नजीबाबाद। उत्तराखंड के कोटद्वार सीमा पर नजीबाबाद तहसील की ग्राम पंचायत मोटाढाक के ग्रामीण लंबे अरसे से बिजली संकट झेल रहे हैं। ग्राम पंचायत को बिजली उत्तराखंड से मिलती है जबकि बिलों का भुगतान उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद विद्युत निगम को करना पड़ता है। पंचायत से नजीबाबाद के बीच आरक्षित वन क्षेत्र होने के कारण उत्तराखंड राज्य स्थापना से पहले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था चली आ रही है।
नजीबाबाद की सीमांत ग्राम पंचायत मोटाढाक के मोटाढाक, चतरुवाला और देवेंद्र नगर कौड़िया में रह रहे ग्रामीण वर्षों से बिजली संकट की मार झेल रहे हैं। मौसम खराब हो या कटौती का प्रश्न, कोटद्वार से आए दिन घंटों के लिए पूरे ग्राम पंचायत की बिजली बंद कर दी जाती है।
मोटाढाक निवासी गृहिणी राधा देवी कहती हैं बिजली संकट से जनजीवन प्रभावित रहता है। बिना सूचना शाम ढलते ही अक्सर बिजली गुल हो जाती है। बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज ठप हो जाते हैं। विद्युत विभाग नजीबाबाद और कोटद्वार समस्या के प्रति गंभीर नहीं है।
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देवेंद्र नगर कौड़िया निवासी महावीर राणा दो राज्यों के बीच बिजली व्यवस्था होने से समस्या गंभीर होने की बात कहते हैं। महावीर कहते हैं कि मौसम खराब होते ही बिजली आए दिन घंटों के लिए ठप हो जाती है। कब आएगी विद्युत विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
पंचायत की चतरुवाला निवासी पूजा देवी का कहना है कि चतरुवाला में कभी तकनीकी खराबी के नाम पर तो कभी बिजली कटौती के नाम पर बिजली ठप रहती है। जीवन प्रभावित रहता है। बिल भुगतान के बावजूद विभाग समस्या सुनने को तैयार नहीं होता।
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मोटाढाक की बिजली की समस्या के संबंध में लगातार अधिकारियों से संपर्क रहता है। उत्तराखंड राज्य स्थापना के बाद से बिजली कोटद्वार से मिलती है और बिल का भुगतान नजीबाबाद बिजली विभाग को किया जाता है तब से समस्या अधिक गंभीर हो गई है। जिला प्रशासन समस्या निदान के लिए सबस्टेशन स्थापना पर विचार कर रहा है।
-सागर बडोला, ग्राम प्रधान, मोटाढाक (नजीबाबाद)
ग्राम पंचायत मोटाढाक की बिजली की समस्या के प्रति दोनों विभाग गंभीर रहते हैं। उत्तराखंड के एसडीओ से लगातार संपर्क रहता है। जंगल क्षेत्र होने के कारण हवा आदि से लाइनों में आने वाली तकनीकी खराबी से विद्युत प्रभावित होती है। -रामकुमार पंवार, अधिशासी अभियंता, विद्युत निगम, नजीबाबाद
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नजीबाबाद की सीमांत ग्राम पंचायत मोटाढाक के मोटाढाक, चतरुवाला और देवेंद्र नगर कौड़िया में रह रहे ग्रामीण वर्षों से बिजली संकट की मार झेल रहे हैं। मौसम खराब हो या कटौती का प्रश्न, कोटद्वार से आए दिन घंटों के लिए पूरे ग्राम पंचायत की बिजली बंद कर दी जाती है।
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मोटाढाक निवासी गृहिणी राधा देवी कहती हैं बिजली संकट से जनजीवन प्रभावित रहता है। बिना सूचना शाम ढलते ही अक्सर बिजली गुल हो जाती है। बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज ठप हो जाते हैं। विद्युत विभाग नजीबाबाद और कोटद्वार समस्या के प्रति गंभीर नहीं है।
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देवेंद्र नगर कौड़िया निवासी महावीर राणा दो राज्यों के बीच बिजली व्यवस्था होने से समस्या गंभीर होने की बात कहते हैं। महावीर कहते हैं कि मौसम खराब होते ही बिजली आए दिन घंटों के लिए ठप हो जाती है। कब आएगी विद्युत विभाग से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
पंचायत की चतरुवाला निवासी पूजा देवी का कहना है कि चतरुवाला में कभी तकनीकी खराबी के नाम पर तो कभी बिजली कटौती के नाम पर बिजली ठप रहती है। जीवन प्रभावित रहता है। बिल भुगतान के बावजूद विभाग समस्या सुनने को तैयार नहीं होता।
मोटाढाक की बिजली की समस्या के संबंध में लगातार अधिकारियों से संपर्क रहता है। उत्तराखंड राज्य स्थापना के बाद से बिजली कोटद्वार से मिलती है और बिल का भुगतान नजीबाबाद बिजली विभाग को किया जाता है तब से समस्या अधिक गंभीर हो गई है। जिला प्रशासन समस्या निदान के लिए सबस्टेशन स्थापना पर विचार कर रहा है।
-सागर बडोला, ग्राम प्रधान, मोटाढाक (नजीबाबाद)
ग्राम पंचायत मोटाढाक की बिजली की समस्या के प्रति दोनों विभाग गंभीर रहते हैं। उत्तराखंड के एसडीओ से लगातार संपर्क रहता है। जंगल क्षेत्र होने के कारण हवा आदि से लाइनों में आने वाली तकनीकी खराबी से विद्युत प्रभावित होती है। -रामकुमार पंवार, अधिशासी अभियंता, विद्युत निगम, नजीबाबाद