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सैंडिल बांध मार्ग से मलबा हटाने का काम शुरू
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Tue, 04 Sep 2018 12:12 AM IST
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सैडिल बांध मार्ग पर टूटे पहाड़ का मलबा हटाती जेसीबी।
- फोटो : अमर उजाला
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कालागढ़ में कालागढ़ सैडिल बांध मार्ग पर पहाड़ के टूटने से आए मलबे से मार्ग पर यातायात बंद है। बांध के अधिकारियों ने मार्ग से पहाड़ का मलबा हटवाना शुरू कर दिय है। सहायक अभियंता एमके लखवाड़ का कहना है कि इस बार पहाड़ काफी बड़ा टूटने के कारण समस्या है। मार्ग खोला जा रहा है।
रामगंगा बांध के सहायक बांध सैडिल बांध मार्ग पर रविवार को टूटे बड़े पहाड़ के गिर जाने से मार्ग बंद है। मार्ग पर बड़ी बड़ी चट्टानें गिरी पड़ी हैं। मार्ग मीरास्रोत तक पूरी तरह से बंद है। इस मार्ग पर आवागमन खतरे से भरा हुआ है। कभी भी कहीं से भी पहाड़ टूटकर मार्ग पर गिर सकता है। इस बारे मे सहायक अभियंता एमके लखवाड़ का कहना है कि एक जेसीबी लगाई गई है। आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। लगभग एक सप्ताह तक मार्ग पर बंद ही रहेगा। बांध पर जाने वाले कर्मचारियों को विभाग सहयोग कर रहा है। इस बार आए मलबे से मीरास्रोत भी प्रभावित हुआ है। उसको भी नुकसान पहुंचा है। सड़क भी टूट गई है।
सैडिल बांध रामगंगा बांध का सहायक बांध है। बांध का जलस्तर बढ़ने पर सैडिल बांध से ही पानी की निकासी की जाती है। अधिशासी अभियंता शेर सिंह का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण मे बांध से पानी की निकासी की जाती है। बांध के जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। वहीं कर्मचारी व अधिकारी मुस्तैदी से अपने कार्य पर मौजूद है।
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मलबे से मार्ग ध्वस्त
कालागढ़ में सैंडिल बांध को जाने वाली सड़क का 20-25 मीटर तक का हिस्सा पहाड़ के गिरने से खाई में समा गया है। ईई शेर सिंह का कहना है कि रामगंगा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोपहर को बांध का जलस्तर 348.700 मीटर तक पहुंच गया है। यदि बारिश तेज होती है तो जलस्तर और भी बढ़ेगा। ऐसे में सैंडिल बांध पर अधिकारियों व कर्मचारियों का पहुंचना जरूरी है। सड़क की मरम्मत कराने के लिए स्थानीय उप प्रभागीय वनाधिकारी को सूचना दी गई है।
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रामगंगा बांध के सहायक बांध सैडिल बांध मार्ग पर रविवार को टूटे बड़े पहाड़ के गिर जाने से मार्ग बंद है। मार्ग पर बड़ी बड़ी चट्टानें गिरी पड़ी हैं। मार्ग मीरास्रोत तक पूरी तरह से बंद है। इस मार्ग पर आवागमन खतरे से भरा हुआ है। कभी भी कहीं से भी पहाड़ टूटकर मार्ग पर गिर सकता है। इस बारे मे सहायक अभियंता एमके लखवाड़ का कहना है कि एक जेसीबी लगाई गई है। आवश्यकता पड़ने पर इनकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। लगभग एक सप्ताह तक मार्ग पर बंद ही रहेगा। बांध पर जाने वाले कर्मचारियों को विभाग सहयोग कर रहा है। इस बार आए मलबे से मीरास्रोत भी प्रभावित हुआ है। उसको भी नुकसान पहुंचा है। सड़क भी टूट गई है।
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सैडिल बांध रामगंगा बांध का सहायक बांध है। बांध का जलस्तर बढ़ने पर सैडिल बांध से ही पानी की निकासी की जाती है। अधिशासी अभियंता शेर सिंह का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण मे बांध से पानी की निकासी की जाती है। बांध के जलस्तर पर निगाह रखी जा रही है। वहीं कर्मचारी व अधिकारी मुस्तैदी से अपने कार्य पर मौजूद है।
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मलबे से मार्ग ध्वस्त
कालागढ़ में सैंडिल बांध को जाने वाली सड़क का 20-25 मीटर तक का हिस्सा पहाड़ के गिरने से खाई में समा गया है। ईई शेर सिंह का कहना है कि रामगंगा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दोपहर को बांध का जलस्तर 348.700 मीटर तक पहुंच गया है। यदि बारिश तेज होती है तो जलस्तर और भी बढ़ेगा। ऐसे में सैंडिल बांध पर अधिकारियों व कर्मचारियों का पहुंचना जरूरी है। सड़क की मरम्मत कराने के लिए स्थानीय उप प्रभागीय वनाधिकारी को सूचना दी गई है।