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मेडिकल कॉलेज में एससी-एसटी छात्रों के लिए विशेष आरक्षण पुन: लागू हो : सांसद चंद्रशेखर
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नगीना। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर विशेष घटक योजना से निर्मित मेडिकल कॉलेजों में अनुसूचित जाति/ जनजाति के विद्यार्थियों के लिए विशेष आरक्षण व्यवस्था को पुनः लागू कराने की मांग की है।
पत्र में सांसद ने कहा कि पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यकाल में कन्नौज, आंबेडकर नगर, जालौन तथा सहारनपुर मेडिकल कॉलेजों के निर्माण हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा विशेष घटक योजना के अंतर्गत लगभग 70 प्रतिशत बजट उपलब्ध कराया गया था। उस समय यह भी स्पष्ट किया गया था कि चूंकि इन मेडिकल कॉलेजों का निर्माण अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण हेतु निर्धारित निधि से किया जा रहा है, इसलिए यहां अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए विशेष आरक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा एमबीबीएस सीटों का आवंटन भी उसी उद्देश्य के अनुरूप होगा।
पत्र में कहा गया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा नीट-2025 के संदर्भ में इस विशेष आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इससे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अनेक मेधावी विद्यार्थी अपने अधिकारों से वंचित हो गए हैं।
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साथ ही जिन चार मेडिकल कॉलेजों (जालौन, सहारनपुर, उन्नाव तथा आंबेडकर नगर) में दलित समाज के कल्याण के उद्देश्य से विशेष घटक योजना के अंतर्गत यह व्यवस्था लागू की गई थी, वहां इसे पुनः बहाल नहीं किया गया। परिणामस्वरूप, इस वर्ष भी एससी-एसटी समाज के अनेक छात्र-छात्राएं इस विशेष व्यवस्था का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह गए।
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पत्र में सांसद ने कहा कि पूर्ववर्ती उत्तर प्रदेश सरकार के कार्यकाल में कन्नौज, आंबेडकर नगर, जालौन तथा सहारनपुर मेडिकल कॉलेजों के निर्माण हेतु समाज कल्याण विभाग द्वारा विशेष घटक योजना के अंतर्गत लगभग 70 प्रतिशत बजट उपलब्ध कराया गया था। उस समय यह भी स्पष्ट किया गया था कि चूंकि इन मेडिकल कॉलेजों का निर्माण अनुसूचित जाति वर्ग के कल्याण हेतु निर्धारित निधि से किया जा रहा है, इसलिए यहां अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए विशेष आरक्षण व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी तथा एमबीबीएस सीटों का आवंटन भी उसी उद्देश्य के अनुरूप होगा।
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पत्र में कहा गया कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा नीट-2025 के संदर्भ में इस विशेष आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इससे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के अनेक मेधावी विद्यार्थी अपने अधिकारों से वंचित हो गए हैं।
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साथ ही जिन चार मेडिकल कॉलेजों (जालौन, सहारनपुर, उन्नाव तथा आंबेडकर नगर) में दलित समाज के कल्याण के उद्देश्य से विशेष घटक योजना के अंतर्गत यह व्यवस्था लागू की गई थी, वहां इसे पुनः बहाल नहीं किया गया। परिणामस्वरूप, इस वर्ष भी एससी-एसटी समाज के अनेक छात्र-छात्राएं इस विशेष व्यवस्था का लाभ प्राप्त करने से वंचित रह गए।