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शिविर लगाने के लिए 100 रुपये में कराना होगा पंजीकरण
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शिविर लगाने के लिए 100 रुपये में कराना होगा पंजीकरण
बिजनौर। कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर अथवा स्टॉल लगाने वाले आयोजकों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग कार्यालय में अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार संबंधित आयोजक को ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही विभाग की ओर से निर्धारित 100 रुपये फीस जमा करनी होगी। यह व्यवस्था जिले में पहली बार लागू होगी।
21 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है। इसी दौरान विभिन्न सामाजिक संस्थाएं एवं कुछ लोग कांवड़ सेवा शिविर लगाते हैं। इन शिविरों में कांवड़ियों की सेवा के लिए उन्हें विभिन्न खाद्य और पेय पदार्थ निशुल्क दिए जाते हैं। कभी कभी ऐसा होता है कि इन शिविरों में साफ सफाई और खाद्य, पेय पदार्थों की शुद्धता के मानकों का ध्यान नहीं रखा जाता। हालांकि आयोजकों की ओर से ऐसा जान बूझकर नहीं किया जाता। लेकिन जाने अनजाने में ऐसा होने की दशा में किसी की जवाबदेही तय नहीं हो पाती। जबकि कुछ शरारती तत्व आयोजकों के साथ षड्यंत्र रचकर उन्हें बदनाम करने की नीयत से खाद्य और पेय पदार्थों के मानकों से छेड़छाड़ करते हैं।
इससे कभी कभी फूड प्वाइजनिंग होने की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग मुख्यालय लखनऊ की ओर से जिले के अफसरों को इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के अनुसार कांवड़ सेवा शिविर लगाने वाले प्रत्येक आयोजक को शिविर अथवा स्टॉल लगाने के लिए विभाग से इसकी अनुमति लेनी होगी। आयोजक ऑनलाइन आवेदन के साथ ही 100 रुपये फीस जमा कर विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएगा। इसके बाद ही संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था शिविर लगाने के लिए वैध माने जाएंगे।
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बिजनौर। कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर अथवा स्टॉल लगाने वाले आयोजकों को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग कार्यालय में अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य कर दिया गया है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार संबंधित आयोजक को ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही विभाग की ओर से निर्धारित 100 रुपये फीस जमा करनी होगी। यह व्यवस्था जिले में पहली बार लागू होगी।
21 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व है। इसी दौरान विभिन्न सामाजिक संस्थाएं एवं कुछ लोग कांवड़ सेवा शिविर लगाते हैं। इन शिविरों में कांवड़ियों की सेवा के लिए उन्हें विभिन्न खाद्य और पेय पदार्थ निशुल्क दिए जाते हैं। कभी कभी ऐसा होता है कि इन शिविरों में साफ सफाई और खाद्य, पेय पदार्थों की शुद्धता के मानकों का ध्यान नहीं रखा जाता। हालांकि आयोजकों की ओर से ऐसा जान बूझकर नहीं किया जाता। लेकिन जाने अनजाने में ऐसा होने की दशा में किसी की जवाबदेही तय नहीं हो पाती। जबकि कुछ शरारती तत्व आयोजकों के साथ षड्यंत्र रचकर उन्हें बदनाम करने की नीयत से खाद्य और पेय पदार्थों के मानकों से छेड़छाड़ करते हैं।
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इससे कभी कभी फूड प्वाइजनिंग होने की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग मुख्यालय लखनऊ की ओर से जिले के अफसरों को इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह के अनुसार कांवड़ सेवा शिविर लगाने वाले प्रत्येक आयोजक को शिविर अथवा स्टॉल लगाने के लिए विभाग से इसकी अनुमति लेनी होगी। आयोजक ऑनलाइन आवेदन के साथ ही 100 रुपये फीस जमा कर विभाग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएगा। इसके बाद ही संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था शिविर लगाने के लिए वैध माने जाएंगे।
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