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Bijnor News: बिना देखे अपनी मर्जी से डाल रहे रीडिंग, कट रही उपभोक्ता की जेब
Tue, 11 Jul 2023 12:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 11 Jul 2023 12:24 AM IST
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-पुन: प्रेषित
-गलत रीडिंग सही कराने को उपभोक्ता काट रहे कार्यालयों के चक्कर
- एमडी के निर्देश सही बिलिंग कर समय से उपभोक्ता को पहुंचाए बिल
- फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पश्चिमांचल ऊर्जा विद्युत निगम की एमडी चैत्रा वी ने शुक्रवार को बिजनौर दौरे पर बिलिंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी यहां के मीटर रीडर अपनी मनमर्जी बंद नहीं कर रहे हैं। वह इलेक्ट्रोनिक मीटर की वर्तमान रीडिंग की जगह अपनी मर्जी से रीडिंग भरकर बिल भेज रहे हैं। वहीं ज्यादा बिल आने पर उपभोक्ता उसे सही कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहेे हैं।
बिजनौर शहर की बात करें तो यहां करीब 34 हजार कॉमर्शियल, घरेलू बल्ब पंखे कनेक्शन धारी उपभोक्ता है। इनमें से घरेलू व दुकानदार उपभोक्ताओं की बिलिंग का कार्य निजी संस्था के जिम्मे है। इन संस्थाओं का ही दायित्व है कि उपभोक्ताओं के मीटर की सही रीडिंग लेकर समय से बिल भेजें, लेकिन उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग गलत ली जा रही है। जिसके बाद मीटर रीडरों की गलती सही कराने को उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। आरोप है कि वहां कर्मचारी घंटों बैठाने के बाद भी बिल सही नहीं कर रहे हैं। यही बिल जमा करा दो, यह कहकर उपभोक्ता को टरका रहे हैं। ग्रामीण उपभोक्ता सुमित कुमार और बिजनौर शहर के उपभोक्ता अभिनव का कहना है कि बिल सही हुआ या नहीं पूछने पर कर्मचारी का जवाब होता है कि बिल सही है। आप कैश काउंटर पर जाकर जमा कर दो। अगले बिल में ज्यादा आई धनराशि समायोजित हो जाएगी।
-इलेक्ट्रोनिक मीटरों की रीडिंग की आड़ में बड़ा भ्रष्टाचार हो रहा है। ऐसे कई केस हैं कि मीटर रीडर मौके पर न जाकर कहीं से भी अपनी मनमर्जी से मीटर की रीडिंग डालकर बिल जनरेट कर देते हैं। फिर उसे सही करने पर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। इसकी बारीकी से जांच कराई जाए, तो बड़ा भ्रष्टाचार सामने आएगा। -चौधरी दिगंबर सिंह, युवा प्रदेशाध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक
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- मीटर रीडिंग से उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। उपभोक्ता को ज्यादा रीडिंग का बिल देकर फिर उसे सही करने के नाम पर ठगी की जाती है। किसान दिवस में भी संगठन के पदाधिकारियों ने डीएम के सम्मुख यह मुद्दा उठाया था। इस संबंध में कई बार अफसरों को अवगत करा दिया गया। यह शोषण बंद नहीं हुआ, आंदोलन किया जाएगा।
-चौधरी सत्यवीर सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू
-गलत बिलों की कराएंगे जांच
वर्जन
गलत रीडिंग भरकर बिजली बिल जनरेट करने की शिकायतें मिली हैं। गलत मीटर रीडिंग भरकर बिलिंग करना बहुत गंभीर मामला है। इस संबंध में जानकारी लेकर गलत बिलिंग करने वाले मीटर रीडर व संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एके पांडेय, अधिशासी अभियंता
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-गलत रीडिंग सही कराने को उपभोक्ता काट रहे कार्यालयों के चक्कर
- एमडी के निर्देश सही बिलिंग कर समय से उपभोक्ता को पहुंचाए बिल
- फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। पश्चिमांचल ऊर्जा विद्युत निगम की एमडी चैत्रा वी ने शुक्रवार को बिजनौर दौरे पर बिलिंग व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी यहां के मीटर रीडर अपनी मनमर्जी बंद नहीं कर रहे हैं। वह इलेक्ट्रोनिक मीटर की वर्तमान रीडिंग की जगह अपनी मर्जी से रीडिंग भरकर बिल भेज रहे हैं। वहीं ज्यादा बिल आने पर उपभोक्ता उसे सही कराने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगा रहेे हैं।
बिजनौर शहर की बात करें तो यहां करीब 34 हजार कॉमर्शियल, घरेलू बल्ब पंखे कनेक्शन धारी उपभोक्ता है। इनमें से घरेलू व दुकानदार उपभोक्ताओं की बिलिंग का कार्य निजी संस्था के जिम्मे है। इन संस्थाओं का ही दायित्व है कि उपभोक्ताओं के मीटर की सही रीडिंग लेकर समय से बिल भेजें, लेकिन उपभोक्ताओं के मीटर की रीडिंग गलत ली जा रही है। जिसके बाद मीटर रीडरों की गलती सही कराने को उपभोक्ता कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। आरोप है कि वहां कर्मचारी घंटों बैठाने के बाद भी बिल सही नहीं कर रहे हैं। यही बिल जमा करा दो, यह कहकर उपभोक्ता को टरका रहे हैं। ग्रामीण उपभोक्ता सुमित कुमार और बिजनौर शहर के उपभोक्ता अभिनव का कहना है कि बिल सही हुआ या नहीं पूछने पर कर्मचारी का जवाब होता है कि बिल सही है। आप कैश काउंटर पर जाकर जमा कर दो। अगले बिल में ज्यादा आई धनराशि समायोजित हो जाएगी।
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-इलेक्ट्रोनिक मीटरों की रीडिंग की आड़ में बड़ा भ्रष्टाचार हो रहा है। ऐसे कई केस हैं कि मीटर रीडर मौके पर न जाकर कहीं से भी अपनी मनमर्जी से मीटर की रीडिंग डालकर बिल जनरेट कर देते हैं। फिर उसे सही करने पर उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। इसकी बारीकी से जांच कराई जाए, तो बड़ा भ्रष्टाचार सामने आएगा। -चौधरी दिगंबर सिंह, युवा प्रदेशाध्यक्ष भाकियू अराजनैतिक
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- मीटर रीडिंग से उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है। उपभोक्ता को ज्यादा रीडिंग का बिल देकर फिर उसे सही करने के नाम पर ठगी की जाती है। किसान दिवस में भी संगठन के पदाधिकारियों ने डीएम के सम्मुख यह मुद्दा उठाया था। इस संबंध में कई बार अफसरों को अवगत करा दिया गया। यह शोषण बंद नहीं हुआ, आंदोलन किया जाएगा।
-चौधरी सत्यवीर सिंह, जिलाध्यक्ष भाकियू
-गलत बिलों की कराएंगे जांच
वर्जन
गलत रीडिंग भरकर बिजली बिल जनरेट करने की शिकायतें मिली हैं। गलत मीटर रीडिंग भरकर बिलिंग करना बहुत गंभीर मामला है। इस संबंध में जानकारी लेकर गलत बिलिंग करने वाले मीटर रीडर व संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-एके पांडेय, अधिशासी अभियंता