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बुनियादी सुविधाओं से वंचित है रामपुर चाठा
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बुनियादी सुविधाओं से वंचित है रामपुर चाठा
नजीबाबाद। देश को आजादी मिले 75 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन गांव रामपुर चाठा आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। इस गांव को जोड़ने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही बिजली, जिसके कारण यहां रहने वाले लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
मंडावली क्षेत्र के गांव रामपुर चाठा में दो हजार की आबादी निवास करती है। ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए डीएम समेत बिजली निगम, वन विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका। ग्रामीण रामलाल, सोहन, सुभाष, धर्मेंद्र आदि ने बताया कि सपा सरकार में गांव रामपुर चाठा में बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत पोल लगाए गए थे, लेकिन गांव के दोनों ओर वन क्षेत्र होने के कारण विद्युत लाइन नहीं खींची गई। गांव का मुख्य मार्ग भी वन आरक्षित क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिस कारण गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच पाई हैं। यहां रहने वाले लोग खेतों या वन क्षेत्र के मार्ग से होकर अपने घरों को जाते हैं, बारिश के दिनों में यहां के लोगों को नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
सोलर लाइट में पढ़ते हैं बच्चे
प्रदेश सरकार की सोलर लाइट योजना के तहत गांव में 70 प्रतिशत लोगों के यहां सोलर लाइट है। गांव में बिजली न होने के कारण बच्चे सोलर लाइट की रोशनी में पढ़ाई करते हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर गांव में विद्युत आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है।
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सार्वजनिक शौचालयों का भी नहीं मिल रहा लाभ
बिजली न होने से गांव में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय भी ग्रामीणों के लिए बेमतलब साबित हो रहे हैं। ग्राम प्रधान सोमदत्त का कहना है कि बिजली के बिना मोटर पंप भी नहीं चल रहा है, जिससे शौचालयों पर पानी की व्यवस्था नहीं है। शौचालय की बाहर हैंडपंप लगाया गया है, लेकिन ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
वन आरक्षित क्षेत्र में विद्युत लाइन निर्माण और सड़क निर्माण होने का प्रावधान नहीं है।
- राजेंद्र नेगी, राजगढ़ रेंज अधिकारी
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नजीबाबाद। देश को आजादी मिले 75 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन गांव रामपुर चाठा आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। इस गांव को जोड़ने के लिए न तो पक्की सड़क है और न ही बिजली, जिसके कारण यहां रहने वाले लोगों को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
मंडावली क्षेत्र के गांव रामपुर चाठा में दो हजार की आबादी निवास करती है। ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए डीएम समेत बिजली निगम, वन विभाग के कार्यालयों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन ग्रामीणों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो सका। ग्रामीण रामलाल, सोहन, सुभाष, धर्मेंद्र आदि ने बताया कि सपा सरकार में गांव रामपुर चाठा में बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत पोल लगाए गए थे, लेकिन गांव के दोनों ओर वन क्षेत्र होने के कारण विद्युत लाइन नहीं खींची गई। गांव का मुख्य मार्ग भी वन आरक्षित क्षेत्र से होकर गुजरता है, जिस कारण गांव तक पक्की सड़क नहीं पहुंच पाई हैं। यहां रहने वाले लोग खेतों या वन क्षेत्र के मार्ग से होकर अपने घरों को जाते हैं, बारिश के दिनों में यहां के लोगों को नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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सोलर लाइट में पढ़ते हैं बच्चे
प्रदेश सरकार की सोलर लाइट योजना के तहत गांव में 70 प्रतिशत लोगों के यहां सोलर लाइट है। गांव में बिजली न होने के कारण बच्चे सोलर लाइट की रोशनी में पढ़ाई करते हैं। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर गांव में विद्युत आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है।
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सार्वजनिक शौचालयों का भी नहीं मिल रहा लाभ
बिजली न होने से गांव में बनाए गए सार्वजनिक शौचालय भी ग्रामीणों के लिए बेमतलब साबित हो रहे हैं। ग्राम प्रधान सोमदत्त का कहना है कि बिजली के बिना मोटर पंप भी नहीं चल रहा है, जिससे शौचालयों पर पानी की व्यवस्था नहीं है। शौचालय की बाहर हैंडपंप लगाया गया है, लेकिन ग्रामीणों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता।
वन आरक्षित क्षेत्र में विद्युत लाइन निर्माण और सड़क निर्माण होने का प्रावधान नहीं है।
- राजेंद्र नेगी, राजगढ़ रेंज अधिकारी