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Bijnor News: फर्जी वसीयत पर जमीन हड़पने में रामपाल की जमानत याचिका निरस्त
Wed, 18 Jan 2023 12:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Wed, 18 Jan 2023 12:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी अधिनियम अवधेश कुमार ने फर्जी वसीयत के आधार पर जमीन हड़पने के आरोपी रामपाल की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा के अनुसार गुलाब सिंह ने थाना अफजलगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि उसकी कृषि भूमि नवाबपुरा अफजलगढ़ में खसरा संख्या 161 पर स्थित है। गांव चकफेरी की माया देवी, सुमित कुमार, वेदपाल सिंह, रोशन सिंह, रामपाल ने मिलकर 10 जून 2007 को एक फर्जी वसीयत पंजीकृत कराकर कागजों के साथ छेड़छाड़ कर जमीन को अपने नाम करा लिया। उसको जब पता चला तो उसने कानूनी कार्रवाई की और वो जमीन फिर से उसके नाम कर दी गई। इन लोगों ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है और जमीन को छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
न्यायालय ने अपने आदेश में लिखा है कि रामपाल ने अन्य साथियों के साथ मिलकर षड़यंत्र पूर्व अनुसूचित जाति व्यक्ति की जमीन जो उसके पिता को 1971 में युद्ध में भाग लेने पर बतौर पुरस्कार मिली थी। धोखाधड़ी कर इस जमीन को अपने नाम कराकर उस पर कब्जा किया। अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है, इसलिए रामपाल की जमानत याचिका निरस्त की जाती है।
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बिजनौर। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी अधिनियम अवधेश कुमार ने फर्जी वसीयत के आधार पर जमीन हड़पने के आरोपी रामपाल की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता शलभ शर्मा के अनुसार गुलाब सिंह ने थाना अफजलगढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि उसकी कृषि भूमि नवाबपुरा अफजलगढ़ में खसरा संख्या 161 पर स्थित है। गांव चकफेरी की माया देवी, सुमित कुमार, वेदपाल सिंह, रोशन सिंह, रामपाल ने मिलकर 10 जून 2007 को एक फर्जी वसीयत पंजीकृत कराकर कागजों के साथ छेड़छाड़ कर जमीन को अपने नाम करा लिया। उसको जब पता चला तो उसने कानूनी कार्रवाई की और वो जमीन फिर से उसके नाम कर दी गई। इन लोगों ने उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है और जमीन को छोड़ने को तैयार नहीं हैं।
न्यायालय ने अपने आदेश में लिखा है कि रामपाल ने अन्य साथियों के साथ मिलकर षड़यंत्र पूर्व अनुसूचित जाति व्यक्ति की जमीन जो उसके पिता को 1971 में युद्ध में भाग लेने पर बतौर पुरस्कार मिली थी। धोखाधड़ी कर इस जमीन को अपने नाम कराकर उस पर कब्जा किया। अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है, इसलिए रामपाल की जमानत याचिका निरस्त की जाती है।
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