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Bijnor News: रामगंगा बैराज का पोंड क्षेत्र पानी से लबालब
Fri, 30 Jun 2023 12:13 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 30 Jun 2023 12:13 AM IST
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पानी से लबालब हरेवली स्थित रामगंगा बैराज का पोंड क्षेत्र
- फसलें जलमग्न, सिंचाई विभाग के अधिकारियों के प्रति क्षेत्र के किसानों में असंतोष
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
हरेवली। पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के कारण हरेवली रामगंगा बैराज का पोंड क्षेत्र के पानी से लबालब है। खेतों में लहलहाती फसलें जलमग्न होने से डूब कर बर्बाद हो गई हैं। किसानों की ओर से बैराज के गेटों को उठाने की मांग की जा रही है।
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि रामगंगा बैराज में रामगंगा के अलावा और तीन नदियों का पानी एकत्र होता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की हठधर्मिता के चलते रामगंगा के गेटों को नहीं उठाया जा रहा है। गांव शाहनगर कुराली, भगौता के किसान कृपाल सिंह, रमेश सिंह, राजीव कुमार, करन सिंह, थम्मन सिंह का कहना है कि पिछले एक माह से कालागढ़ बांध से छोड़े जा रहे पानी से बैराज पोंड क्षेत्र के समीप खड़ी गन्ने की सैंकड़ों बीघा फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है। ऊपर से पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश से क्षेत्र की बेगा, ओगली व सूखासोत नदी का पानी भी पोंड क्षेत्र में जमा हो रहा है।
विभाग के अधिकारियों से कई बार रामगंगा नदी के गेटों को उठाकर पानी को निकलने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही हैगौरतलब है कि 1970 में राम गंगा बैराज का निर्माण हुआ है। बैराज के 20 गेट हैं। 15 जून को रामगंगा के सभी गेटों को उठाकर पोंड क्षेत्र को खाली कर दिया जाता था। नवंबर माह में गेटों को डाउन कर पानी पोंड किया जाता था। लेकिन अब पिछले कई सालों से रामगंगा के गेटों को नहीं उठाया जा रहा है। अधिशासी अभियंता नरेश कुमार का कहना है कि कानपुर से पोषक नहर चलाने की डिमांड आ सकती है। जिस कारण पोंड क्षेत्र में पानी रोकना पड़ रहा है। उच्च अधिकारियों के आदेश तक पानी को सिंचाई के लिए रोका जाएगा।
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हरेवली। पहाड़ों पर हुई भारी बारिश के कारण हरेवली रामगंगा बैराज का पोंड क्षेत्र के पानी से लबालब है। खेतों में लहलहाती फसलें जलमग्न होने से डूब कर बर्बाद हो गई हैं। किसानों की ओर से बैराज के गेटों को उठाने की मांग की जा रही है।
क्षेत्र के किसानों ने बताया कि रामगंगा बैराज में रामगंगा के अलावा और तीन नदियों का पानी एकत्र होता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की हठधर्मिता के चलते रामगंगा के गेटों को नहीं उठाया जा रहा है। गांव शाहनगर कुराली, भगौता के किसान कृपाल सिंह, रमेश सिंह, राजीव कुमार, करन सिंह, थम्मन सिंह का कहना है कि पिछले एक माह से कालागढ़ बांध से छोड़े जा रहे पानी से बैराज पोंड क्षेत्र के समीप खड़ी गन्ने की सैंकड़ों बीघा फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई है। ऊपर से पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश से क्षेत्र की बेगा, ओगली व सूखासोत नदी का पानी भी पोंड क्षेत्र में जमा हो रहा है।
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विभाग के अधिकारियों से कई बार रामगंगा नदी के गेटों को उठाकर पानी को निकलने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही हैगौरतलब है कि 1970 में राम गंगा बैराज का निर्माण हुआ है। बैराज के 20 गेट हैं। 15 जून को रामगंगा के सभी गेटों को उठाकर पोंड क्षेत्र को खाली कर दिया जाता था। नवंबर माह में गेटों को डाउन कर पानी पोंड किया जाता था। लेकिन अब पिछले कई सालों से रामगंगा के गेटों को नहीं उठाया जा रहा है। अधिशासी अभियंता नरेश कुमार का कहना है कि कानपुर से पोषक नहर चलाने की डिमांड आ सकती है। जिस कारण पोंड क्षेत्र में पानी रोकना पड़ रहा है। उच्च अधिकारियों के आदेश तक पानी को सिंचाई के लिए रोका जाएगा।
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