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नहीं निकलेगी राम बारात और भरत मिलाप शोभायात्रा
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नहीं निकलेगी राम बारात और भरत मिलाप शोभायात्रा
बिजनौर। कोरोना से इस बार रामलीला भी प्रभावित रहेगी। रावण के साथ मेघनाद का पुतला नहीं जलेगा। राम बारात और भरत मिलाप की शोभायात्रा भी नहीं निकलेगी। रामलीला मैदान में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा। रात को होने वाली रामलीला पर भी संशय बना हुआ है।
श्रीरामलीला समिति द्वारा हर साल राम बारात और भरत मिलाप जुलूस का बड़े स्तर पर आयोजन होता है। समिति द्वारा निकलने वाले इन जुलूसों में दर्जनों झांकी व बैंड होते हैं। लेकिन इस बार कोरोना काल में सारी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए भीड़ नहीं जुटाई जा सकती है। श्री रामलीला समिति द्वारा इस बार राम बारात और भरत मिलाप जुलूस नहीं निकाला जाएगा। दशहरा पर रावण और मेघनाद के पुतले लगाए जाते थे। इनकी ऊंचाई 50 से 60 फीट तक रहती थी। लेकिन इस बार दशहरा पर मेघनाद का पुतला नहीं लगेगा। रावण का पुतला भी केवल 20 से 25 फीट का लगेगा। मैैदान के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए जगह जगह रस्सियों की बैरीकेटिंग की जाएगी।
भीड़ रहेगी नियंत्रण में
रामलीला मैदान में रात को भी रामलीला मंचन का आयोजन होता है। इसे देखने के लिए भी भारी भीड़ लगती है। लेकिन अब रात में रामलीला के आयोजन को लेकर भी असमंजस की स्थिति है। साथ ही मैदान में दशहरा के दिन काफी लोगों के मैदान के अंदर होने व बाकी के बैरीकेटिंग के बाहर खड़े होने की व्यवस्था रहती है। इस बार भीड़ को कम किया जाएगा।
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सोशल डिस्टेंसिंग का होगा पालन
श्री रामलीला समिति अध्यक्ष अचल अग्रवाल का कहना है कि इस बार समिति ने कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने का निर्णय लिया है। श्रीराम बारात और राम-भरत मिलाप जुलूस नहीं निकाला जाएगा। बाकी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
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बिजनौर। कोरोना से इस बार रामलीला भी प्रभावित रहेगी। रावण के साथ मेघनाद का पुतला नहीं जलेगा। राम बारात और भरत मिलाप की शोभायात्रा भी नहीं निकलेगी। रामलीला मैदान में भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होगा। रात को होने वाली रामलीला पर भी संशय बना हुआ है।
श्रीरामलीला समिति द्वारा हर साल राम बारात और भरत मिलाप जुलूस का बड़े स्तर पर आयोजन होता है। समिति द्वारा निकलने वाले इन जुलूसों में दर्जनों झांकी व बैंड होते हैं। लेकिन इस बार कोरोना काल में सारी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए भीड़ नहीं जुटाई जा सकती है। श्री रामलीला समिति द्वारा इस बार राम बारात और भरत मिलाप जुलूस नहीं निकाला जाएगा। दशहरा पर रावण और मेघनाद के पुतले लगाए जाते थे। इनकी ऊंचाई 50 से 60 फीट तक रहती थी। लेकिन इस बार दशहरा पर मेघनाद का पुतला नहीं लगेगा। रावण का पुतला भी केवल 20 से 25 फीट का लगेगा। मैैदान के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए जगह जगह रस्सियों की बैरीकेटिंग की जाएगी।
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भीड़ रहेगी नियंत्रण में
रामलीला मैदान में रात को भी रामलीला मंचन का आयोजन होता है। इसे देखने के लिए भी भारी भीड़ लगती है। लेकिन अब रात में रामलीला के आयोजन को लेकर भी असमंजस की स्थिति है। साथ ही मैदान में दशहरा के दिन काफी लोगों के मैदान के अंदर होने व बाकी के बैरीकेटिंग के बाहर खड़े होने की व्यवस्था रहती है। इस बार भीड़ को कम किया जाएगा।
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सोशल डिस्टेंसिंग का होगा पालन
श्री रामलीला समिति अध्यक्ष अचल अग्रवाल का कहना है कि इस बार समिति ने कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने का निर्णय लिया है। श्रीराम बारात और राम-भरत मिलाप जुलूस नहीं निकाला जाएगा। बाकी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।