{"_id":"61b6428595337e6a79295791","slug":"questions-raised-on-the-charge-of-jhalu-nagar-panchayat-eo-bijnor-news-mrt5687713143","type":"story","status":"publish","title_hn":"झालू नगर पंचायत ईओ के प्रभार पर खड़े हुए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झालू नगर पंचायत ईओ के प्रभार पर खड़े हुए सवाल
विज्ञापन
झालू नगर पंचायत ईओ के प्रभार पर उठे सवाल
बिजनौर। झालू नगर पंचायत में नाला निर्माण और नलकूप का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब ईओ के प्रभार पर भी सवाल खड़े गए हैं। अधिशासी अधिकारी के अतिरिक्त प्रभार को लेकर शिकायत की जा चुकी है। दरअसल सहसपुर पंचायत के अधिशासी अधिकारी पर झालू का भी चार्ज है। नियमानुसार नजदीकी निकाय के ईओ को ही प्रभार दिया जा सकता है।
कस्बा झालू के रहने वाले संजीव राणा ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। आरोप है कि झालू के अधिशासी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सहसपुर पंचायत के ईओ धर्मदेव को देने की संस्तुति की गई थी। बताया गया कि नियमानुसार निकटम निकाय के ईओ को ही अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता था। इसी नियम के अनुसार तीन सितंबर 2021 को झालू पंचायत का प्रभार मंडावर की अधिशासी अधिकारी गार्गी को दिया गया था, लेकिन झालू में शिकायत और गड़बड़ी देख उन्होंने तीन दिन में ही प्रभार छोड़ दिया था। इसके बाद सहसपुर के ईओ धर्मदेव को झालू का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया, जिसे नियमों के विपरीत बताया गया। पत्र में हवाला दिया गया कि झालू से सहसपुर की दूूरी 53 किमी दूर हैं जबकि हल्दौर की दूरी 11 किमी, बिजनौर पालिका की दूरी सात किमी, धामपुर की दूरी 28 किमी है। वहीं झालू से बढ़ापुर नगर पंचायत की दूरी 32 किमी है। नजीबाबाद की दूरी 40 किमी है। जिले के बाकी सभी निकाय के अलावा सहसपुर सबसे ज्यादा दूर है। पत्र देकर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
जांच के दायरे में विकास कार्य
नगर पंचायत झालू की ओर से कराए जा रहे कई विकास कार्य जांच की आंच में फंस गए हैं। सबसे ताजा मामला डेढ़ किमी लंबे का सामने आया है, जिसमें खुद एसडीएम कमियां पकड़ चुके हैं। वहीं बिना टेंडर निकाले ही नलकूप बनवाने और फिर उसी का रिबोर कराने के लिए निविदा आमंत्रित करने का मामला भी तूल पकड़ रहा है। अन्य कई कार्य भी विवादों में घिरे रहे हैं।
विज्ञापन
वर्जन
शासनादेश के अनुसार नजदीक के ईओ को ही अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है। झालू का मामला संज्ञान में आया है। अतिरिक्त प्रभार निदेशालय स्तर से ही दिया गया था। निदेशालय को इस संबंध में लिखा जाएगा।
- विनय कुमार, एडीएम प्रशासन।
विज्ञापन
बिजनौर। झालू नगर पंचायत में नाला निर्माण और नलकूप का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब ईओ के प्रभार पर भी सवाल खड़े गए हैं। अधिशासी अधिकारी के अतिरिक्त प्रभार को लेकर शिकायत की जा चुकी है। दरअसल सहसपुर पंचायत के अधिशासी अधिकारी पर झालू का भी चार्ज है। नियमानुसार नजदीकी निकाय के ईओ को ही प्रभार दिया जा सकता है।
कस्बा झालू के रहने वाले संजीव राणा ने जिलाधिकारी से शिकायत की है। आरोप है कि झालू के अधिशासी अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सहसपुर पंचायत के ईओ धर्मदेव को देने की संस्तुति की गई थी। बताया गया कि नियमानुसार निकटम निकाय के ईओ को ही अतिरिक्त प्रभार दिया जा सकता था। इसी नियम के अनुसार तीन सितंबर 2021 को झालू पंचायत का प्रभार मंडावर की अधिशासी अधिकारी गार्गी को दिया गया था, लेकिन झालू में शिकायत और गड़बड़ी देख उन्होंने तीन दिन में ही प्रभार छोड़ दिया था। इसके बाद सहसपुर के ईओ धर्मदेव को झालू का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया, जिसे नियमों के विपरीत बताया गया। पत्र में हवाला दिया गया कि झालू से सहसपुर की दूूरी 53 किमी दूर हैं जबकि हल्दौर की दूरी 11 किमी, बिजनौर पालिका की दूरी सात किमी, धामपुर की दूरी 28 किमी है। वहीं झालू से बढ़ापुर नगर पंचायत की दूरी 32 किमी है। नजीबाबाद की दूरी 40 किमी है। जिले के बाकी सभी निकाय के अलावा सहसपुर सबसे ज्यादा दूर है। पत्र देकर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
विज्ञापन
जांच के दायरे में विकास कार्य
नगर पंचायत झालू की ओर से कराए जा रहे कई विकास कार्य जांच की आंच में फंस गए हैं। सबसे ताजा मामला डेढ़ किमी लंबे का सामने आया है, जिसमें खुद एसडीएम कमियां पकड़ चुके हैं। वहीं बिना टेंडर निकाले ही नलकूप बनवाने और फिर उसी का रिबोर कराने के लिए निविदा आमंत्रित करने का मामला भी तूल पकड़ रहा है। अन्य कई कार्य भी विवादों में घिरे रहे हैं।
विज्ञापन
वर्जन
शासनादेश के अनुसार नजदीक के ईओ को ही अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है। झालू का मामला संज्ञान में आया है। अतिरिक्त प्रभार निदेशालय स्तर से ही दिया गया था। निदेशालय को इस संबंध में लिखा जाएगा।
- विनय कुमार, एडीएम प्रशासन।