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एक ही घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 28 Aug 2015 11:09 PM IST
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हल्दौर। प्रेमी युगल नरेंद्र और रीता जीते जी भले ही एक न हो पाए हों, लेकिन दोनों का अंतिम संस्कार एक ही घाट पर किया गया। थोड़े समय के अंतराल पर ही दोनों की चिताओं को आग लगाई गई। दोनों के परिजनों का रोते रोते बुरा हाल था।
हल्दौर के मोहल्ला रईसान निवासी हरिओम वर्मा के बेटे नरेंद्र और इसी मोहल्ले की कूकड़ा चुंगी निवासी सुरेश सैनी की बेटी रीता का तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अपने प्रेम को मंजिल न मिलती देखकर प्रेमी युगल ने बृहस्पतिवार को मुरादाबाद हाईवे स्थित अट्टे बाबा मंदिर के चबूतरे पर जहर खाकर जान दे दी थी।
दोनों के शवों को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद बृहस्पतिवार देर शाम बैराज घाट पर ले जाया गया। पहले नरेंद्र और थोड़ी देर बाद रीता के शव को मुखाग्नि दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों की चिताओं में ज्यादा दूरी नहीं थी, लेकिन फिर भी दोनों के परिजनों ने आपस में बात नहीं की।
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वहीं अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों का कहना था कि यदि दोनों अपने परिजनों या मिलने वालों को अपने प्रेम प्रसंग के बारे में कुछ भी बता देते, तो यह उनकी प्रेम कहानी का यह दुखद अंत न होता।
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हल्दौर के मोहल्ला रईसान निवासी हरिओम वर्मा के बेटे नरेंद्र और इसी मोहल्ले की कूकड़ा चुंगी निवासी सुरेश सैनी की बेटी रीता का तीन साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अपने प्रेम को मंजिल न मिलती देखकर प्रेमी युगल ने बृहस्पतिवार को मुरादाबाद हाईवे स्थित अट्टे बाबा मंदिर के चबूतरे पर जहर खाकर जान दे दी थी।
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दोनों के शवों को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद बृहस्पतिवार देर शाम बैराज घाट पर ले जाया गया। पहले नरेंद्र और थोड़ी देर बाद रीता के शव को मुखाग्नि दी गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों की चिताओं में ज्यादा दूरी नहीं थी, लेकिन फिर भी दोनों के परिजनों ने आपस में बात नहीं की।
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वहीं अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोगों का कहना था कि यदि दोनों अपने परिजनों या मिलने वालों को अपने प्रेम प्रसंग के बारे में कुछ भी बता देते, तो यह उनकी प्रेम कहानी का यह दुखद अंत न होता।