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पुष्टाहार का मामला निदेशालय में गूंजेगा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Mon, 20 Feb 2017 12:02 AM IST
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नहटौर में सीडीपीओ कार्यालय में पुष्टाहार वितरण में धांधली करने के मामले में ग्राम प्रधान संगठन ने आवाज बुलंद की है। आरोप है कि पुष्टाहार वितरण में बड़े पैमाने पर धांधली की जाती है। कीमत लगाकर पुष्टाहार बांटा जाता है। मामले को लेकर ग्राम प्रधान संगठन का प्रतिनिधिमंडल उच्चाधिकारियों से मिलकर जांच की मांग करेगा।
ब्लॉक आंकू में 226 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। राज्य पोषण मिशन को सफल बनाने के लिए सरकार कोशिश में लगी हुई है। सरकार की इस योजना को रखवाले ही पलीता लगा रहे हैं। कुपोषण को समाप्त करने के लिए बच्चों की देखरेख से खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्राम प्रधान संगठन का कहना है कि ब्लॉक स्तर के कार्यालय से ही गड़बड़झाला शुरू हो जाता है। प्रत्येक माह पुष्टाहार वितरण में कार्यालय में पुष्टाहार की कीमत लगाई जाती है। आंगनबाड़ियों का खुलेआम शोषण किया जाता है। आंगनबाड़ियों को जांच करने के नाम पर डराया धमकाया जाता है। कार्यालय की कारगुजारी की एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। प्रत्येक माह लाखों रुपये की हेराफेरी की जाती है।
सीडीपीओ की अनुपस्थिति में ही पुष्टाहार वितरण किया जाता है। जान बूझकर आंखें बंद रखी जाती है। प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष महफूज हसन का कहना है कि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय लखनऊ से उक्त मामले की शिकायत जांच की मांग की जाएगी।
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ब्लॉक आंकू में 226 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। राज्य पोषण मिशन को सफल बनाने के लिए सरकार कोशिश में लगी हुई है। सरकार की इस योजना को रखवाले ही पलीता लगा रहे हैं। कुपोषण को समाप्त करने के लिए बच्चों की देखरेख से खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्राम प्रधान संगठन का कहना है कि ब्लॉक स्तर के कार्यालय से ही गड़बड़झाला शुरू हो जाता है। प्रत्येक माह पुष्टाहार वितरण में कार्यालय में पुष्टाहार की कीमत लगाई जाती है। आंगनबाड़ियों का खुलेआम शोषण किया जाता है। आंगनबाड़ियों को जांच करने के नाम पर डराया धमकाया जाता है। कार्यालय की कारगुजारी की एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी है। प्रत्येक माह लाखों रुपये की हेराफेरी की जाती है।
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सीडीपीओ की अनुपस्थिति में ही पुष्टाहार वितरण किया जाता है। जान बूझकर आंखें बंद रखी जाती है। प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष महफूज हसन का कहना है कि बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय लखनऊ से उक्त मामले की शिकायत जांच की मांग की जाएगी।
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