{"_id":"571923c24f1c1ba06e8b4bd7","slug":"proved-the-importance-of-acting","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभिनय का लोहा मनवाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभिनय का लोहा मनवाया
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:32 AM IST
विज्ञापन
कलाकारों के अभिनय ने रिझाया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धामपुर में अक्षर सामाजिक संस्था की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह के पहले दिन भाभी और आंदोलन शीर्षक पर प्रस्तुत नाटक ने अभिनय और निर्देशन की नई ऊंचाइयों को छुआ। प्रसिद्ध कलाकार रघुवीर यादव ने दोनों नाटकों को राष्ट्रीय स्तर का बताते हुए निर्देशकों साजिदा और जाय मिताई की परिकल्पना की प्रशंसा की।
एसबीडी महिला महाविद्यालय में बुधवार की रात आयोजित नाट्य महोत्सव के पहले दिन प्रथम प्रस्तुति के रूप में नाटक भाभी का साजिदा ने मंचन किया। साजिदा ने विषय प्रस्तुति में अभिनय की ऊंचाईयों को छुआ। इस नाटक का निर्देशन भी साजिदा ने ही किया है। दूसरा नाटक आंदोलन मणिपुर के निर्देशक जाय मिताई के निर्देशन में हुआ। प्रस्तुत नाटक आंदोलन आरक्षण विषय की परिकल्पना को देख दर्शकों ने अद्भुत बताया। इससे पहले, मुख्य अतिथि रघुवीर यादव ने नटराज की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित किया। नरेंद्र गुप्ता, विजय अग्रवाल, विशाल जुनेजा , शलभ अग्रवाल, तनुज बंसल, विजय गुप्ता, संस्था अध्यक्ष जयगोपाल सक्सेना, सचिव दीपक जैन, संजीव जैन, मयंक अग्रवाल,, जावेद शम्सी, नीरजा सिंह आदि रहे। संस्था ने नाटकों के सभी कलाकारों और निर्देशकों को सम्मानित किया।
सोलो नाटक भाभी में साजिदा का कमाल
मुस्लिम समाज में नारी शोषण अहसास के बीच पति-पत्नी के रिश्तों को दर्शाने वाली कहानी भाभी में निर्देशिका साजिदा ने स्वयं एकल प्रस्तुति देकर वजूद को दर्शाया। लेखिका इस्मत चुगतई ने एक आधुनिक और खुले विचारों वाली लड़की की शादी के बाद उसके पति, मुसलिम धर्म की कथित बंदिशों को साजिदा ने पात्र के रूप में बखूबी दर्शाया। पति ने सुंदर, स्मार्ट बीवी को ये कर, वो ना कर की इबारतों के बीच उलझा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसबीडी महिला महाविद्यालय में बुधवार की रात आयोजित नाट्य महोत्सव के पहले दिन प्रथम प्रस्तुति के रूप में नाटक भाभी का साजिदा ने मंचन किया। साजिदा ने विषय प्रस्तुति में अभिनय की ऊंचाईयों को छुआ। इस नाटक का निर्देशन भी साजिदा ने ही किया है। दूसरा नाटक आंदोलन मणिपुर के निर्देशक जाय मिताई के निर्देशन में हुआ। प्रस्तुत नाटक आंदोलन आरक्षण विषय की परिकल्पना को देख दर्शकों ने अद्भुत बताया। इससे पहले, मुख्य अतिथि रघुवीर यादव ने नटराज की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित किया। नरेंद्र गुप्ता, विजय अग्रवाल, विशाल जुनेजा , शलभ अग्रवाल, तनुज बंसल, विजय गुप्ता, संस्था अध्यक्ष जयगोपाल सक्सेना, सचिव दीपक जैन, संजीव जैन, मयंक अग्रवाल,, जावेद शम्सी, नीरजा सिंह आदि रहे। संस्था ने नाटकों के सभी कलाकारों और निर्देशकों को सम्मानित किया।
विज्ञापन
सोलो नाटक भाभी में साजिदा का कमाल
मुस्लिम समाज में नारी शोषण अहसास के बीच पति-पत्नी के रिश्तों को दर्शाने वाली कहानी भाभी में निर्देशिका साजिदा ने स्वयं एकल प्रस्तुति देकर वजूद को दर्शाया। लेखिका इस्मत चुगतई ने एक आधुनिक और खुले विचारों वाली लड़की की शादी के बाद उसके पति, मुसलिम धर्म की कथित बंदिशों को साजिदा ने पात्र के रूप में बखूबी दर्शाया। पति ने सुंदर, स्मार्ट बीवी को ये कर, वो ना कर की इबारतों के बीच उलझा दिया।
विज्ञापन