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जनपद में बच्चों को प्रतिरक्षित करने में छूट रहे स्वास्थ्य अफसरों के पसीने
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बच्चों को प्रतिरक्षित करना बना मुसीबत
बिजनौर। बच्चों को प्रतिरक्षित करना स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के लिए मुसीबत बना हुआ है। कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन में टीकाकरण से वंचित रहे दो साल तक के लगभग दस हजार बच्चों को प्रतिरक्षित करने में अवरोध आ रहे हैं। अफसरों ने लोगों को कोविड नियमों का पालन करते हुए अपने बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए कहा है। बच्चों को निमोनिया आदि दस बीमारियों से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण कराना अनिवार्य है।
शासन के निर्देश पर दो साल तक के बच्चों को खसरा, निमोनिया, पोलियो, डायरिया सहित करीब दस प्रकार की बीमारियों से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण किया जाता है। मगर कुछ लोग इसे गलत तरीके से लेते हैं, जो बिल्कुल गलत है। अभी हाल ही में चलाए गए अभियान में कुछ लोगों ने अपने बच्चों के टीकाकरण में अवरोध पैदा करने की कोशिश की, तो एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक ने लोगों को समझा इसे दूर कराया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि कोविड नियमों का पालन करते हुए दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं में सघन मिशन इंद्रधनुष-3.0 की शुरुआत हो चुकी है। इसके लिए सभी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इस अभियान का एक सत्र हो चुका है, दूसरा एक मार्च को तथा तीसरा दो मार्च को होगा। उन्होंने बताया कि डायरिया और निमोनिया के मामले ज्यादा सामने आते हैं। पांच साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण जरूरी है। निमोनिया सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। यह बैक्टीरिया, वायरस अथवा फंगल की वजह से फेफड़ों में संक्रमण होता है। आमतौर पर बुखार या जुकाम होने के बाद निमोनिया होता है।
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पांच वर्ष से छोटे बच्चों और 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इससे निमोनिया का असर इन पर जल्द होता है। न्यूमोकोकल कान्जुगेट वैक्सीन यानी (पीसीवी) निमोनिया, सेप्टिसीमिया, दिमागी बुखार से बचाव करती है। निमोनिया को दूर रखने के लिए व्यक्तिगत साफ-सफाई जरूरी है। छींकते, खांसते समय मुंह और नाक को ढक लें। समय-समय पर बच्चों के हाथ भी धोने चाहिए। बच्चों को प्रदूषण से बचाएं। अगर बच्चा छह महीने से कम उम्र का है तो नियमित रूप से स्तनपान कराएं। भीड़भाड़ वाली जगह से बच्चों को दूर रखें। ऐसी जगह संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- बिना मास्क के घर से बाहर न निकलें।
- अस्पताल में टीका लगवाते समय शारीरिक दूरी का पालन करें।
- टीका लगवाते समय बच्चे को अपनी गोद में रखें।
- छोटे बच्चों को नियमित रूप से समय-समय पर हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।
- घर से बाहर से आने वाले लोगों से बच्चों को दूर रखें।
- बार-बार किसी भी साबुन से हाथ धोएं।
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बिजनौर। बच्चों को प्रतिरक्षित करना स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के लिए मुसीबत बना हुआ है। कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन में टीकाकरण से वंचित रहे दो साल तक के लगभग दस हजार बच्चों को प्रतिरक्षित करने में अवरोध आ रहे हैं। अफसरों ने लोगों को कोविड नियमों का पालन करते हुए अपने बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए कहा है। बच्चों को निमोनिया आदि दस बीमारियों से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण कराना अनिवार्य है।
शासन के निर्देश पर दो साल तक के बच्चों को खसरा, निमोनिया, पोलियो, डायरिया सहित करीब दस प्रकार की बीमारियों से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण किया जाता है। मगर कुछ लोग इसे गलत तरीके से लेते हैं, जो बिल्कुल गलत है। अभी हाल ही में चलाए गए अभियान में कुछ लोगों ने अपने बच्चों के टीकाकरण में अवरोध पैदा करने की कोशिश की, तो एसडीएम सदर विक्रमादित्य सिंह मलिक ने लोगों को समझा इसे दूर कराया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि कोविड नियमों का पालन करते हुए दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं में सघन मिशन इंद्रधनुष-3.0 की शुरुआत हो चुकी है। इसके लिए सभी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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इस अभियान का एक सत्र हो चुका है, दूसरा एक मार्च को तथा तीसरा दो मार्च को होगा। उन्होंने बताया कि डायरिया और निमोनिया के मामले ज्यादा सामने आते हैं। पांच साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं। ऐसे में बच्चों को निमोनिया से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण जरूरी है। निमोनिया सांस से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। यह बैक्टीरिया, वायरस अथवा फंगल की वजह से फेफड़ों में संक्रमण होता है। आमतौर पर बुखार या जुकाम होने के बाद निमोनिया होता है।
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पांच वर्ष से छोटे बच्चों और 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इससे निमोनिया का असर इन पर जल्द होता है। न्यूमोकोकल कान्जुगेट वैक्सीन यानी (पीसीवी) निमोनिया, सेप्टिसीमिया, दिमागी बुखार से बचाव करती है। निमोनिया को दूर रखने के लिए व्यक्तिगत साफ-सफाई जरूरी है। छींकते, खांसते समय मुंह और नाक को ढक लें। समय-समय पर बच्चों के हाथ भी धोने चाहिए। बच्चों को प्रदूषण से बचाएं। अगर बच्चा छह महीने से कम उम्र का है तो नियमित रूप से स्तनपान कराएं। भीड़भाड़ वाली जगह से बच्चों को दूर रखें। ऐसी जगह संक्रमण फैलने का खतरा अधिक होता है।
इन बातों का रखें ध्यान
- बिना मास्क के घर से बाहर न निकलें।
- अस्पताल में टीका लगवाते समय शारीरिक दूरी का पालन करें।
- टीका लगवाते समय बच्चे को अपनी गोद में रखें।
- छोटे बच्चों को नियमित रूप से समय-समय पर हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।
- घर से बाहर से आने वाले लोगों से बच्चों को दूर रखें।
- बार-बार किसी भी साबुन से हाथ धोएं।