फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Protect yourself and others from women helpline numbers

महिला हेल्पलाइन नंबरों से खुद व दूसरों को सुरक्षित करें महिलाएं

Wed, 17 Jul 2019 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2019 11:39 PM IST
विज्ञापन
Protect yourself and others from women helpline numbers
बरुकी (बिजनौर)। अमर उजाला फाउंडेशन के मिशन अपराजिता अभियान के अंतर्गत ग्राम बांकपुर स्थित जेपीएसडी पब्लिक स्कूल में चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण को पेंटिंग के जरिए व्यक्त किया।
विज्ञापन

जेपीएसडी पब्लिक स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में थाना कोतवाली देहात के एसएसआई प्रदीप कुमार ने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है। उन्हें अपने विरुद्ध होने वाले किसी भी शोषण से बचने के लिए पुलिस से संवाद स्थापित करना चाहिए। उन्होंने पुलिस द्वारा चल रही हेल्पलाइन नंबरों के बारे में छात्राओं को विस्तार से बताया। उन्होंने 1090, 1076, 181, 100 हेल्पलाइन नंबरों के बारे में बताया। एसएसआई प्रदीप चौधरी ने कहा कि यदि छात्राओं को कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे या किसी भी छात्रा के साथ कोई छेड़छाड़ की घटना हो तो वह तुरंत पुलिस की हेल्पलाइन नंबरों पर सूचित करें।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि सूचना देने वाली महिला का नाम गुप्त रखा जाता है और आरोपी व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की जाती है। उन्होंने छात्राओं से आत्मरक्षा के गुर सीखने का भी आह्वान किया। उन्होंने विद्यालय में एक शिकायत पेटिका रखने की बात कही, जिसकी चाबी थाना पुलिस के पास रहेगी। प्रत्येक विद्यालय में शीघ्र ही ऐसी शिकायत पेटी रखी जाएंगी। छात्राएं अपनी शिकायत लिखकर पेटिका में डाल सकती है। पुलिस पेटिका से शिकायती पत्र निकालकर उन पर कार्रवाई करेगी। गन्ना विकास परिषद बिजनौर के चेयरमैन नितिन मौर्य ने कहा कि सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की अनेक योजना चलाई जा रही हैं। लेकिन जब तक महिला स्वयं सशक्त नहीं होगी तब तक ऐसी योजनाएं फलीभूत नहीं हो सकती। उन्होंने छात्राओं से जागरूक होने और जागरूकता को अन्य छात्राओं तक पहुंचाने का आह्वान किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रधानाचार्य अर्चना गौतम ने सभी का आभार व्यक्त किया। छात्राओं ने महिला सशक्तिकरण को कूची व रंग से पेपर पर उकेरा। प्रतियोगिता में पलक गुप्ता प्रथम रही।
छात्राएं बोलीं, बनाने होंगे कठोर नियम
छात्रा आस्था चौधरी का कहना है कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए कठोर कानून बनाने की आवश्यकता है। कानून बनाने के साथ-साथ जल्द न्याय मिले, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
सुरक्षा से जुड़े खेल अपनाएं
छात्रा पलक गुप्ता का कहना है कि महिलाओं को अपनी आत्मरक्षा के लिए जूडो कराटे या ताइक्वांडो जैसे खेलों को अपनाना चाहिए और विषम परिस्थिति में आत्मरक्षा करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
चलें अपराजिता जैसे और अभियान
छात्रा रितिका ढ़ाका का कहना है कि आज भी महिलाओं में जागरूकता का अभाव है। महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए अपराजिता जैसे अभियान चलाने चाहिए।
परिजनों से साझा करें परेशानी
छात्रा अक्षिता डबास का कहना है की छात्राओं को यदि कोई भी समस्या दिखाई दे तब उन्हें इस परिस्थिति से बचने के लिए वह बात अपने परिजनों और साथियों से साझा करनी चाहिए। इससे छात्राओं पर होने वाले अपराध रुक सकते हैं।
कठोर कानून से अपराध में आएगी कमी
छात्रा अनु मलिक ने कहा कि महिलाओं पर होने वाले शोषण के विरुद्ध एक समग्र कानून बनें, जिसमें शीघ्र ही कठोर दंड का प्रावधान हो, इससे बालिका अपराध में कमी आएगी।
विषय चुनने की स्वतंत्रता मिले
छात्रा खुशी चौधरी ने कहा कि लड़कियों को उनका पसंद का विषय चुनने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। यदि कोई लड़की चित्रकला या संगीत में या खेल में अपना भविष्य बनाना चाहती है तो उसे अपना पसंदीदा विषय चुनने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
छात्रा पायल ने कहा कि लड़कियों को प्राथमिक कक्षा से ही आत्मरक्षा के गुर सिखाने चाहिए। आत्मरक्षा के गुर सीखने पर छात्राएं किसी पर निर्भर नहीं रहेंगी। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास भी आएगा।
रक्षा के लिए हों जागरूक
छात्रा तनु चौधरी ने कहा कि लड़कियों को प्राथमिक कक्षा से आत्मरक्षा के लिए विद्यालय में कक्षाएं संचालित होनी चाहिए, जिससे सही से उनका मानसिक विकास होगा, वहीं वह अपनी रक्षा के लिए जागरुक भी हो सकेगी।
गांव में भी पहुंचे महिलाओं से जुड़ी योजनाएं
छात्रा शैली ने कहा कि महिलाओं में जागृति के लिए सरकार को शहर के साथ.साथ गांव में भी कार्य योजनाएं बनानी चाहिए। ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़कर छोटी-छोटी बचत के लिए प्रेरित करना चाहिए।
छात्राएं खेलों में लें हिस्सा
छात्रा छवि ने कहा कि खेल को विद्यालयों में अनिवार्य विषय के रूप में रखा जाना चाहिए और विद्यालयों में खेलों की निरंतर कक्षाएं संचालित होनी चाहिए। इससे खेलों के प्रति रुझान बढ़ेगा।
शारीरिक व्यायाम कर हों मजबूत
छात्रा निष्ठा का कहना है कि लड़कियों को प्रतिदिन शारीरिक व्यायाम करना चाहिए। इसके लिए विद्यालय में प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा कराए जाने वाले योगाभ्यास को अपने दैनिक जीवन में उतारना चाहिए ।
याद रखें हेल्पलाइन नंबर
अध्यापिका युविका अग्रवाल का कहना है कि आजकल महिलाओं पर बढ़ रहे शोषण के मामलों से महिलाओं में असुरक्षा का भाव पैदा हो रहा है। इससे बचने के लिए सीधे पुलिस की हेल्पलाइन से जुड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी लड़कियों से पुलिस के हेल्पलाइन नंबर याद करने की बात कही।
फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले केस
अध्यापिका नेहा शर्मा ने कहा कि यदि किसी महिला का शोषण हो तब उसका मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट पर चलना चाहिए और वर्षों तक लंबित रहने वाले मुकदमों के कारण कई बार महिलाएं शोषण होने पर भी चुप रहती हैं ।

प्रशासन से शिकायत करें छात्राएं
विद्यालय की प्रधानाचार्य अर्चना गौतम ने कहा कि सभी लड़कियां पुलिस हेल्पलाइन नंबरों को याद करें और आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय प्रशासन या पुलिस प्रशासन को तुरंत सूचित करें। जिससे इन पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed