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Bijnor News: प्रोजेक्ट अलंकार योजना को अमृत महोत्सव से जोड़ा
Fri, 30 Jun 2023 12:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 30 Jun 2023 12:20 AM IST
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- प्रबंधकों के विरोध के बाद पूर्व में तय मानकों में हुआ बदलाव
- वित्त विहीन विद्यालयों को योजना में शामिल करने की उठी मांग
बिजनौर। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए मानक बदल दिए गए हैं। शासन ने कायाकल्प के लिए विद्यालय का भवन 100 वर्ष पुराना होने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने बदले मानकों के अनुसार योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रधानाचार्य की बैठक आज बुलाई है।
शासन ने राजकीय इंटर काॅलेजों तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की है। राजकीय व एडेड काॅलेजों के लिए चयन हेतु अलग-अलग मानक तय किए गए। जिले के 32 राजकीय इंटर काॅलेजों में योजना लागू हो गई है।जिले में 73 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। प्रशासन ने योजना के क्रियान्वयन के लिए अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों की बैठक बुलाई थी। प्रबंधकों ने योजना में तय मानकों का विरोध किया था। प्रबंधकों ने योजना में शामिल होने से हाथ खड़े कर दिए थे।
जानकारी के अनुसार अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों द्वारा नियमों के विरोध का मामला शासन तक पहुंचा। जिस पर तय मानकों को बदल दिया गया। योजना को आजादी के अमृत महोत्सव से जोड़ा गया है। पहले नियमों के अनुसार विद्यालय का भवन मान्यता प्राप्त करने की तिथि से 100 वर्ष पुराना होना चाहिए। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार इस श्रेणी में मात्र 06 विद्यालय ही पात्र मिले थे। शासन ने अब निर्देश दिए हैं कि विद्यालय के भवन के 01 अप्रैल 23 को मान्यता प्राप्त तिथि से 75 वर्ष पूर्ण हो। साथ ही नए निर्देश में योजना में चयनित को कायाकल्प हेतु 75 प्रतिशत धनराशि शासन देगा। विद्यालय को 25 प्रतिशत धनराशि देनी है। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार विद्यालय मैचिंग धनराशि किसी अन्य स्रोत से प्राप्त कर सकता है।
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ये होंगे काम
डीआईओएस कार्यालय को शासन से प्राप्त निर्देश के अनुसार प्रोजेक्ट अलंकार योजना में विद्यालय के भवन का जीर्णोद्धार होगा। विद्यार्थियों के पठन पाठन के लिए प्रयोगशालाओं, वाचनालय, वैकल्पिक कक्ष आदि का निर्माण होगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला समिति ने डीएम अध्यक्ष, सीडीओ उपाध्यक्ष, डीआईओएस सदस्य सचिव तथा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, वित्त तथा लेखाधिकारी माध्यमिक सदस्य हैं।
वित्त विहीन विद्यालय भी शामिल हैं
शासन की प्रोजेक्ट अलंकार योजना राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए लागू है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पावटी के पूर्व प्रबंधक व सक्रिय सदस्य चौधरी बलराम सिंह पोटा, पूर्व प्रधान सतबीर सिंह आदि ने मांग की है कि योजना में वित्त विहीन विद्यालय भी शामिल हो। योजना में तय मानकों में ढील दी जाएं । इन लोगों का तर्क है कि वित्त विहीन विद्यालयों के पास आया के कोई स्रोत नहीं है।
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- वित्त विहीन विद्यालयों को योजना में शामिल करने की उठी मांग
बिजनौर। अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए मानक बदल दिए गए हैं। शासन ने कायाकल्प के लिए विद्यालय का भवन 100 वर्ष पुराना होने की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार ने बदले मानकों के अनुसार योजना के क्रियान्वयन के लिए प्रधानाचार्य की बैठक आज बुलाई है।
शासन ने राजकीय इंटर काॅलेजों तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के कायाकल्प के लिए प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की है। राजकीय व एडेड काॅलेजों के लिए चयन हेतु अलग-अलग मानक तय किए गए। जिले के 32 राजकीय इंटर काॅलेजों में योजना लागू हो गई है।जिले में 73 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। प्रशासन ने योजना के क्रियान्वयन के लिए अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों की बैठक बुलाई थी। प्रबंधकों ने योजना में तय मानकों का विरोध किया था। प्रबंधकों ने योजना में शामिल होने से हाथ खड़े कर दिए थे।
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जानकारी के अनुसार अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के प्रबंधकों द्वारा नियमों के विरोध का मामला शासन तक पहुंचा। जिस पर तय मानकों को बदल दिया गया। योजना को आजादी के अमृत महोत्सव से जोड़ा गया है। पहले नियमों के अनुसार विद्यालय का भवन मान्यता प्राप्त करने की तिथि से 100 वर्ष पुराना होना चाहिए। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार इस श्रेणी में मात्र 06 विद्यालय ही पात्र मिले थे। शासन ने अब निर्देश दिए हैं कि विद्यालय के भवन के 01 अप्रैल 23 को मान्यता प्राप्त तिथि से 75 वर्ष पूर्ण हो। साथ ही नए निर्देश में योजना में चयनित को कायाकल्प हेतु 75 प्रतिशत धनराशि शासन देगा। विद्यालय को 25 प्रतिशत धनराशि देनी है। डीआईओएस कार्यालय के अनुसार विद्यालय मैचिंग धनराशि किसी अन्य स्रोत से प्राप्त कर सकता है।
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ये होंगे काम
डीआईओएस कार्यालय को शासन से प्राप्त निर्देश के अनुसार प्रोजेक्ट अलंकार योजना में विद्यालय के भवन का जीर्णोद्धार होगा। विद्यार्थियों के पठन पाठन के लिए प्रयोगशालाओं, वाचनालय, वैकल्पिक कक्ष आदि का निर्माण होगा। योजना के क्रियान्वयन के लिए गठित जिला समिति ने डीएम अध्यक्ष, सीडीओ उपाध्यक्ष, डीआईओएस सदस्य सचिव तथा अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग, वित्त तथा लेखाधिकारी माध्यमिक सदस्य हैं।
वित्त विहीन विद्यालय भी शामिल हैं
शासन की प्रोजेक्ट अलंकार योजना राजकीय तथा अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए लागू है। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पावटी के पूर्व प्रबंधक व सक्रिय सदस्य चौधरी बलराम सिंह पोटा, पूर्व प्रधान सतबीर सिंह आदि ने मांग की है कि योजना में वित्त विहीन विद्यालय भी शामिल हो। योजना में तय मानकों में ढील दी जाएं । इन लोगों का तर्क है कि वित्त विहीन विद्यालयों के पास आया के कोई स्रोत नहीं है।