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बंदियों को लगी वैक्सीन
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बंदियों को लगी वैक्सीन
बिजनौर। जिला कारागार के सभी बंदियों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की पहली डोज दी गई है। 18 साल से ऊपर के सभी बंदियों को ये डोज लगवाई गई हैं। जेल में कोई बंदी कोरोना पॉजिटिव नहीं रहा हैं। जेल में बंदियों से मुलाकात पर पूरी तरह रोक है।
जिला कारागार में एक बार कोरोना ने कहर बरपा दिया था। जेल के 20 बंदी कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। जेल में 1180 बंदी हैं। 18 साल से ऊपर के सभी बंदियों को डोज लगवा दी गई है। जेल में वैक्सीन लगने के बाद भी बंदियों से कोरोना के बचाव के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। जेल की बैरक में बंदी दूरी बनाकर रहते हैं। मास्क भी लगा रहे हैं। जो अपराधी जेल में जाता है, पहले उसे 14 दिन तक अलग बैरक में रखा जाता है। इसके बाद जांच होने पर अन्य बंदियों के साथ उसे बैरक में भेजा जाता है।
जेल में पिछले साल से कोरोना के चलते बंदियों से मुलाकात पर पूरी तरह रोक है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को जेल के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। बंदियों की फोन पर परिजनों से बात करा दी जाती हैं। घर से आया सामान बंदियों तक पहुंचा दिया जाता हैं। जेल के बंदी परिजनों से मुलाकात के लिए तरस गए हैं। जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह के मुुताबिक जेल में सभी बंदियों कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगवा दी गई है।
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बिजनौर। जिला कारागार के सभी बंदियों को कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की पहली डोज दी गई है। 18 साल से ऊपर के सभी बंदियों को ये डोज लगवाई गई हैं। जेल में कोई बंदी कोरोना पॉजिटिव नहीं रहा हैं। जेल में बंदियों से मुलाकात पर पूरी तरह रोक है।
जिला कारागार में एक बार कोरोना ने कहर बरपा दिया था। जेल के 20 बंदी कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। जेल में 1180 बंदी हैं। 18 साल से ऊपर के सभी बंदियों को डोज लगवा दी गई है। जेल में वैक्सीन लगने के बाद भी बंदियों से कोरोना के बचाव के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। जेल की बैरक में बंदी दूरी बनाकर रहते हैं। मास्क भी लगा रहे हैं। जो अपराधी जेल में जाता है, पहले उसे 14 दिन तक अलग बैरक में रखा जाता है। इसके बाद जांच होने पर अन्य बंदियों के साथ उसे बैरक में भेजा जाता है।
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जेल में पिछले साल से कोरोना के चलते बंदियों से मुलाकात पर पूरी तरह रोक है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को जेल के अंदर जाने की इजाजत नहीं है। बंदियों की फोन पर परिजनों से बात करा दी जाती हैं। घर से आया सामान बंदियों तक पहुंचा दिया जाता हैं। जेल के बंदी परिजनों से मुलाकात के लिए तरस गए हैं। जेलर शैलेंद्र प्रताप सिंह के मुुताबिक जेल में सभी बंदियों कोरोना से बचाव की वैक्सीन लगवा दी गई है।
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